किसानों, यात्रियों और पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जलजमाव, पेड़ गिरने और बिजली गिरने की आशंका वाले जिलों में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। तापमान के आंकड़े पूर्वानुमान हैं और स्थानीय हालात से बदल सकते हैं।
Kal Ka Mausam 7 October 2026: 7 अक्टूबर को किन इलाकों में बारिश और आंधी की चेतावनी है?
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में छिटपुट से मध्यम बारिश के साथ आंधी-बिजली की संभावना है। पूर्वी भारत में ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश हो सकती है। मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बादल गरजने की स्थिति बन सकती है। दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश का संकेत है। सभी जगह मूसलाधार बारिश नहीं है; कई जिलों में गतिविधि छिटपुट रहेगी। पहाड़ों पर भूस्खलन का जोखिम उन ढलानों पर बना रहता है जहां हाल की बारिश से मिट्टी ढीली हो चुकी है।
हवा कितनी तेज चल सकती है और किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
विभाग ने कई मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंकों की बात कही है। हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ भागों में हवा 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खड़ी फसल, केला, सब्जी और धान वाले खेतों में नुकसान की आशंका है। किसानों को सलाह है कि कटी फसल को ढककर रखें, बिजली के तारों के पास काम न करें और आंधी के दौरान खेत में न रुकें। मछुआरों को समुद्री और तटीय चेतावनी अलग से देखनी चाहिए। निम्न दबाव और चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति पूर्वी राज्यों में गतिविधि बढ़ा सकती है, इसलिए स्थानीय अलर्ट पर नजर रखें।
दिल्ली, लखनऊ, पटना और रांची में तापमान का अनुमान क्या है?
दिल्ली में 7 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, साथ में बारिश और 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा संभव है। लखनऊ में अधिकतम 31 और न्यूनतम 22 डिग्री, पटना में अधिकतम 29 और न्यूनतम 23 डिग्री, तथा रांची में अधिकतम 27 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने की बात पूर्वानुमान में कही गई है। कोलकाता में अधिकतम 33 और न्यूनतम 25 डिग्री, भोपाल में अधिकतम 33 और न्यूनतम 21 डिग्री, तथा जयपुर में अधिकतम 35 और न्यूनतम 23 डिग्री के आंकड़े सामने आए हैं। ये आंकड़े मॉडल पूर्वानुमान हैं; असली तापमान बादल और बारिश की तीव्रता से घट-बढ़ सकता है।
पहाड़ी राज्यों और पश्चिम बंगाल में हालात कैसे रह सकते हैं?
उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी जैसे जिलों में बारिश-आंधी की संभावना जताई गई है। देहरादून में अधिकतम 24 और न्यूनतम 18 डिग्री के आसपास रह सकता है। हिमाचल के कुल्लू, कांगड़ा, किन्नौर, मंडी और शिमला क्षेत्र में बादल गरजने और ऊंचाई पर हल्की वर्षा या ठंड बढ़ने के संकेत हैं। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कोलकाता, नदिया, बीरभूम और बांकुड़ा में 55-60 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंके और बारिश की चेतावनी रिपोर्टों में शामिल है। पहाड़ी सड़कों पर यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह लें।
यात्रियों और आम लोगों को IMD अलर्ट का मतलब कैसे समझना चाहिए?
पीला या नारंगी अलर्ट का मतलब पूरी जिले में लगातार मूसलाधार बारिश नहीं होता। यह छिटपुट भारी बौछार, बिजली गिरने और तेज हवा की संभावना बताता है। 7 अक्टूबर को बाहर निकलने से पहले जिले का ताजा बुलेटिन देखें। खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलभराव वाली सड़कों से बचें। बिजली गिरने की स्थिति में धातु की वस्तुएं दूर रखें। मानसून की वापसी रेखा सुपौल, रांची, रायपुर और बारामती के आसपास बताई जा रही है, इसलिए पूर्व और मध्य भारत में अभी एक-दो दिन गतिविधि बनी रह सकती है। आधिकारिक अपडेट मौसम विभाग की वेबसाइट या राज्य आपदा विभाग से ही लें।
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Sanjana Gupta
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