Top 5 This Week

Related Posts

Wheat MSP 2027-28: गेहूं की MSP में ₹25 की बढ़ोतरी, 2027-28 के लिए नया रेट ₹2,610 प्रति क्विंटल तय

Wheat MSP 2027-28: रबी फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय कैबिनेट ने 2027-28 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं की MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद नए रेट का ऐलान किया। सरकार ने गेहूं के साथ जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम की कीमतें भी बढ़ाई हैं। सरकार के अनुमान के मुताबिक, किसानों को इस सीजन में कुल ₹90,962 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।

गेहूं का नया रेट: ₹2,585 से बढ़कर ₹2,610

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रबी फसलों के लिए नया न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया। गेहूं देश की सबसे प्रमुख रबी फसल है, इसलिए इस पर सबसे ज्यादा नज़र रहती है।

पिछले साल यानी 2026-27 में गेहूं का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल था। अब इसमें ₹25 की बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,610 प्रति क्विंटल पहुंच गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाना है। साथ ही उत्पादन लागत के ऊपर पर्याप्त मार्जिन सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है।

लागत से दोगुने से ज्यादा है MSP: अश्विनी वैष्णव

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं की उत्पादन लागत करीब ₹1,264 प्रति क्विंटल आंकी गई है। इसके मुकाबले 2027-28 के लिए ₹2,610 प्रति क्विंटल का MSP तय किया गया है। यानी समर्थन मूल्य लागत के दोगुने से भी ज्यादा बैठता है।

सरकार इसी तुलना को किसानों के हित में उठाए गए कदम के रूप में पेश कर रही है। हालांकि लागत की गणना का तरीका और उसमें शामिल मदें अक्सर बहस का विषय रहती हैं। किसान संगठन भी समय-समय पर इस पर अपनी राय रखते रहे हैं।

बुवाई अक्टूबर से, कटाई अप्रैल से

गेहूं की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से शुरू होती है, जबकि कटाई अप्रैल के आसपास शुरू होती है। बुवाई से ठीक पहले MSP का ऐलान होने से किसान अपनी फसल योजना बनाने में इसे एक अहम आधार मान सकते हैं।

समर्थन मूल्य किसानों को यह भरोसा देता है कि बाजार भाव गिरने की स्थिति में भी उन्हें एक तय न्यूनतम कीमत मिलेगी। यही वजह है कि हर साल रबी सीजन से पहले होने वाली इस घोषणा का इंतज़ार रहता है।

जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के भी बढ़े दाम

सरकार ने केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि अन्य पांच रबी फसलों के MSP में भी इज़ाफ़ा किया है। जौ का MSP ₹2,150 से बढ़ाकर ₹2,286 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। दलहन फसलों में चने का समर्थन मूल्य ₹5,875 से बढ़कर ₹5,958 प्रति क्विंटल हुआ है। मसूर का MSP ₹7,000 से बढ़ाकर ₹7,390 प्रति क्विंटल किया गया है। तिलहन की बात करें तो सरसों का MSP ₹6,200 से बढ़कर ₹6,613 और कुसुम का ₹6,540 से बढ़कर ₹7,215 प्रति क्विंटल हो गया है।

₹90,962 करोड़ का भुगतान, 324 लाख टन खरीद का अनुमान

सरकारी अनुमान के अनुसार, 2027-28 के मार्केटिंग सीजन में करीब 324 लाख टन रबी फसलों की खरीद होगी। इसके लिए किसानों को कुल ₹90,962 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।

MSP तय करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों को आधार बनाया गया है। आयोग उत्पादन लागत के साथ घरेलू और वैश्विक कीमतों के रुझान को परखता है। मौसम से जुड़े जोखिमों को भी इस आकलन में ध्यान में रखा जाता है।

गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन

कृषि मंत्रालय ने 2026-27 फसल वर्ष के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन रखा है। सरकार का कहना है कि उसका फोकस उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को लागत के मुकाबले उचित रिटर्न दिलाने पर भी है। MSP में बढ़ोतरी को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बेहतर कीमत की उम्मीद किसानों को गेहूं की खेती के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

कैबिनेट के दो और बड़े फैसले: पीएम धारा और दिल्ली में ITMS

इसी बैठक में रबी फसलों की MSP के अलावा दो और अहम फैसलों को मंजूरी मिली। पहला फैसला पीएम धारा (PM Dhara) योजना से जुड़ा है। इसके तहत रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने और ट्रांसमिशन को सुगम बनाने के लिए एक दीर्घकालिक स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

दूसरा फैसला राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर है। कैबिनेट ने दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने को हरी झंडी दी है। इसका मकसद यातायात को आधुनिक और सुचारू बनाना है।

किसानों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला

गेहूं की MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के साथ 2027-28 के लिए समर्थन मूल्य ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गया है। जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के दाम भी बढ़ाए गए हैं। सरकार के अनुसार गेहूं का MSP उत्पादन लागत के दोगुने से ज्यादा है, और करीब ₹90,962 करोड़ का भुगतान किसानों तक पहुंचेगा।

अब नज़र इस पर रहेगी कि अक्टूबर से शुरू होने वाली बुवाई में किसान इन दरों को कितना अहम मानते हैं। साथ ही अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी खरीद के दौरान इस घोषणा का असर ज़मीन पर कैसा दिखता है, यह भी देखने लायक होगा।

Read More Here:- 

E-Challan Rules 2026: सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- ई चालान नहीं भरा तो बिजली बिल में जुड़ेगा जुर्माना, RC-DL पर भी लग सकती है रोक

West Bengal Liquor Shop License Rules: बंगाल में शराब दुकानों के नियम बदले! स्कूल-अस्पताल और धार्मिक स्थलों से 500 मीटर दूरी जरूरी

Kal Ka Rashifal 1 October 2026: वृषभ को धन लाभ के साथ सम्मान, सिंह और तुला के बढ़ सकते हैं खर्च

India Bloc Meeting: आज दिल्ली में INDIA गठबंधन की अहम बैठक, SIR विवाद और CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा फैसला?

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles