Top 5 This Week

Related Posts

पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान 17 साल बाद बनेंगी दूसरी बार मां, जानें इतने बड़े गैप में क्यों बढ़ जाता है प्रेग्नेंसी रिस्क

Pregnancy After 40: पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस माहिरा खान एक बार फिर मां बनने वाली हैं और इस बार यह खबर खास इसलिए चर्चा में है क्योंकि उनकी पहली प्रेग्नेंसी और इस नई प्रेग्नेंसी के बीच करीब 17 साल का लंबा अंतर है। फिलहाल माहिरा खान की उम्र 41 साल है, जिसके चलते सोशल मीडिया और फैंस के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि इतने बड़े गैप के बाद प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित होती है और क्या इस उम्र में मां बनने के दौरान किसी खास तरह की सावधानी बरतनी जरूरी हो जाती है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस मामले में एक्सपर्ट की राय क्या कहती है।

17 साल के गैप के बाद प्रेग्नेंसी को लेकर क्या कहती हैं डॉक्टर

दो प्रेग्नेंसी के बीच 17 साल जैसा लंबा अंतर होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि अगली प्रेग्नेंसी अपने आप खतरनाक बन जाएगी या नॉर्मल डिलीवरी की संभावना खत्म हो जाएगी। दरअसल, यह पूरी तरह महिला की मौजूदा उम्र, सेहत की स्थिति, पिछली प्रेग्नेंसी का अनुभव, डिलीवरी का इतिहास और इन वर्षों के दौरान शरीर में विकसित हुई किसी भी नई बीमारी पर निर्भर करता है। यानी सिर्फ गैप को आधार बनाकर जोखिम का अंदाजा लगाना सही तरीका नहीं माना जाता, बल्कि हर महिला की स्थिति का अलग से मूल्यांकन जरूरी होता है।

सिजेरियन डिलीवरी का इतिहास होने पर बरतें ये सावधानी

अगर किसी महिला की पहली डिलीवरी सिजेरियन सेक्शन के जरिए हुई थी, तो इस बार प्रेग्नेंसी की योजना बनाते समय गर्भाशय में बने पुराने निशान की स्थिति का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। डॉक्टरों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के बीच के अंतर को अलग रखकर भी उम्र से जुड़े जोखिमों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इसलिए डिलीवरी की प्रक्रिया तय करने से पहले पुराने मेडिकल रिकॉर्ड और गर्भाशय की मौजूदा स्थिति की जांच को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, ताकि मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

41 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी में किन जोखिमों का रहता है खतरा

Pregnancy After 40
Pregnancy After 40

एक्सपर्ट के अनुसार 41 साल की उम्र में गर्भधारण करना पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य हो सकता है, लेकिन मेडिकल भाषा में इसे ‘एडवांस्ड मैटरनल एज प्रेग्नेंसी’ कहा जाता है। इस श्रेणी की प्रेग्नेंसी में हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को सामान्य से कहीं ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ती है। इसके पीछे वजह यह है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ जेस्टेशनल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, प्री-एक्लेम्पसिया, मिसकैरेज, प्रीमैच्योर डिलीवरी और क्रोमोसोमल असामान्यताओं जैसी जटिलताओं का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि इस उम्र में प्रेग्नेंसी को हल्के में लेने के बजाय पूरी मेडिकल निगरानी में आगे बढ़ाना बेहतर माना जाता है।

प्रेग्नेंट होने से पहले किन जांचों की है जरूरत

प्रेग्नेंट होने की योजना बनाने से पहले महिलाओं को पूरा चेक-अप जरूर करवाना चाहिए। इसमें ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर लेवल और थायरॉइड हार्मोन जैसी जरूरी जांचें शामिल होती हैं, ताकि किसी भी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का समय रहते पता चल सके। इस तरह की प्री-प्रेग्नेंसी जांच से न केवल संभावित जटिलताओं को पहले से पहचाना जा सकता है, बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले जोखिमों को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। खासतौर पर अधिक उम्र में मां बनने की योजना बना रही महिलाओं के लिए यह कदम बेहद अहम माना जाता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान किन बातों का रखें विशेष ध्यान

गाइनेकोलॉजिस्ट के अनुसार एक बार प्रेग्नेंट होने के बाद महिलाओं को नियमित एंटीनेटल चेक-अप कराते रहना चाहिए। इसके साथ ही अच्छा पोषण लेना, हल्का व्यायाम करना, पर्याप्त आराम लेना और फोलिक एसिड जैसे जरूरी सप्लीमेंट्स समय पर लेना बेहद जरूरी बताया गया है। प्रेग्नेंसी की शुरुआत में ब्लड टेस्ट, ब्लड प्रेशर और ब्लड ग्लूकोज की जांच कराई जाती है, जबकि पहली तिमाही में विशेष स्क्रीनिंग और एनोमली स्कैन की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंसी के आखिरी चरण में भ्रूण के विकास पर लगातार निगरानी रखी जाती है, और इसके अलावा भी जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जांचें महिला की व्यक्तिगत मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर तय की जाती हैं।

अधिक उम्र में मां बनने को लेकर बदलती सोच

बीते कुछ सालों में करियर, पर्सनल लाइफ और अन्य वजहों से महिलाओं में देर से मां बनने का चलन तेजी से बढ़ा है, और माहिरा खान का मामला भी इसी बदलती सोच को दर्शाता है। मेडिकल साइंस में हुई प्रगति के चलते अब 40 की उम्र पार करने के बाद भी सुरक्षित प्रेग्नेंसी संभव हो पाई है, बशर्ते सही समय पर जांच और सावधानी बरती जाए। हालांकि विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होते, बल्कि सही मेडिकल गाइडेंस और निगरानी के जरिए इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। यही वजह है कि अधिक उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं के लिए डॉक्टर की सलाह लेना और नियमित जांच करवाना सबसे जरूरी कदम माना जाता है।

माहिरा खान की यह खबर एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि उम्र और प्रेग्नेंसी के बीच के गैप को लेकर बने आम मिथकों से हटकर हर मामले को अलग नजरिए से देखने की जरूरत है। सही मेडिकल सलाह, समय पर जांच और जरूरी सावधानियों के साथ 40 की उम्र पार करने के बाद भी सुरक्षित प्रेग्नेंसी पूरी तरह संभव है। हालांकि इस दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी जटिलताओं के जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए नियमित एंटीनेटल केयर और डॉक्टर की निगरानी में रहना सबसे जरूरी सलाह मानी जाती है।

Read More Here:- 

Washing Machine Mistakes: वॉशिंग मशीन में कपड़े डालते समय ये गलतियां चमक और मशीन दोनों बिगाड़ सकती हैं

DUSU Election Result: NSUI ने काटा टिकट, निर्दलीय लड़कर DUSU उपाध्यक्ष बने दीपांशू शौकीन, जानें कौन हैं यह युवा नेता

Tamilnadu Politics: तमिलनाडु में 28 सितंबर से नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी, सीएम विजय शुरू करेंगे योजना

Bengal Politics: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ‘लिफाफा’ सिंबल पर बवाल, ISF और डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस में ठनी

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles