Lucknow: उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान चलाया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। निरीक्षण में चूहे, कॉकरोच और अन्य कीटों की मौजूदगी जैसी कमियां सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
अभियान के दौरान अयोध्या से लेकर कानपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में होटल और रेस्टोरेंट की जांच की गई। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के रखरखाव, कीट नियंत्रण और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
174 प्रतिष्ठानों में मिलीं खामियां
जांच में कुल 174 होटल-रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है। कई जगह रसोई और स्टोर एरिया में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री को उचित तरीके से रखने की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
खाद्य विभाग की टीमों ने निरीक्षण के दौरान संचालकों को साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां मिलीं, वहां संबंधित संचालकों को नोटिस थमाए गए हैं।

रसोई और स्टोरेज एरिया पर विशेष नजर
अधिकारियों ने होटल और रेस्टोरेंट की रसोई, खाद्य सामग्री रखने वाले स्थान और कचरा निस्तारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। खाद्य प्रतिष्ठानों में कीट नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने को भी गंभीरता से लिया गया।
खाद्य विभाग का जोर इस बात पर है कि ग्राहकों को स्वच्छ वातावरण में तैयार और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
नोटिस के बाद होगी आगे की कार्रवाई
नोटिस जारी होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा दोबारा निरीक्षण के दौरान यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
नोट: 174 प्रतिष्ठानों और कार्रवाई से जुड़े आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले संबंधित खाद्य विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट/जिला-वार आंकड़ों से मिलान करना उचित रहेगा।

