Mumbai: दिशा सालियान मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एफआईआर के बाद कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। एफआईआर के मुताबिक, दिशा के मोबाइल फोन की जब्ती और बाद में उसके इस्तेमाल को लेकर विरोधाभास का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता और दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले में कथित साजिश, सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में लीपापोती के आरोप लगाए हैं।
एफआईआर के अनुसार, दिशा के तत्कालीन मंगेतर रोहन रॉय के बयान के मुताबिक पुलिस ने 9 जून 2020 की सुबह करीब 9:40 बजे दिशा का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बावजूद बाद में फोन के सक्रिय रहने और इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फोन से जुड़े पुराने जब्ती रिकॉर्ड को कथित तौर पर दबाया या नष्ट किया गया और बाद में सरकारी रिकॉर्ड में अलग विवरण सामने आया।

ठाकरे परिवार समेत कई नामों का जिक्र
CBI की FIR में आदित्य ठाकरे, तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, अनिल देशमुख और अन्य लोगों की भूमिका जांचने की मांग का उल्लेख है। हालांकि, एफआईआर में इनमें से किसी को भी आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है।

पहले पुलिस ने आत्महत्या बताया था
दिशा सालियान की 9 जून 2020 को मालाड की एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस ने दुर्घटनावश मौत रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद इसे आत्महत्या माना था और किसी साजिश के सबूत नहीं मिलने की बात कही थी। दिसंबर 2023 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित SIT ने भी साजिश की बात नहीं पाई थी।
बाद में सतीश सालियान ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया और FIR में आपराधिक साजिश, हत्या, सामूहिक बलात्कार, सबूत मिटाने और गलत रिकॉर्ड तैयार करने जैसे आरोपों से जुड़ी धाराएं शामिल की गईं। फिलहाल जांच में आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

