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दिवाली से पहले सस्ती हो सकती है ईएमआई, RBI कर सकता है रेपो रेट में कटौती – SBI रिपोर्ट

6 अगस्त 2025
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की आगामी बैठक में एक अहम निर्णय लिया जा सकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की हालिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की रेपो रेट कटौती की घोषणा कर सकता है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन से पहले कर्ज को सस्ता बनाकर आर्थिक गतिविधियों को गति देना हो सकता है।

रेपो रेट क्या होता है?

रेपो रेट उस ब्याज दर को कहा जाता है, जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज प्रदान करता है। जब RBI इस दर को घटाता है, तो बैंक भी ग्राहकों को सस्ते ब्याज दरों पर लोन देने लगते हैं। इससे बाजार में नकदी बढ़ती है और खर्च बढ़ने से अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है।

क्यों जरूरी है रेपो रेट में कटौती?

SBI की रिपोर्ट का मानना है कि ब्याज दरों में बदलाव का असर सीधे तौर पर ज़मीनी स्तर पर दिखने में थोड़ा समय लेता है। इसलिए यदि यह निर्णय अगस्त में नहीं लिया गया तो इसका सीधा असर सितंबर से नवंबर के बीच त्योहारों के समय लोन डिमांड पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट में 2017 के उदाहरण को भी पेश किया गया है, जब दिवाली से पहले 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद लोन डिस्ट्रीब्यूशन में ₹1.95 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसमें लगभग 30% हिस्सा पर्सनल लोन का था, जो दर्शाता है कि रेपो रेट कटौती उपभोक्ता खर्च को बढ़ाने में कितनी कारगर हो सकती है।

महंगाई नियंत्रण में, अब रेट कट की उम्मीद

फिलहाल खुदरा महंगाई दर RBI के लक्ष्य (2% से 6%) के भीतर बनी हुई है। इस कारण से भी रेपो रेट में कटौती के लिए माहौल अनुकूल माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका जैसे देशों द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने से उपजी आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए भी RBI घरेलू मांग को समर्थन देने के लिए दरें घटा सकता है।

हालांकि कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि RBI इस बार सावधानीभरा रुख अपनाते हुए दरों को स्थिर रख सकता है और अक्टूबर या दिसंबर में कटौती का फैसला ले सकता है। लेकिन SBI की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि दिवाली से पहले रेपो रेट में कटौती की संभावनाएं काफी प्रबल हैं।

अब तक की कटौती और मौजूदा स्थिति

गौरतलब है कि RBI ने जून 2025 में लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती करते हुए 50 बेसिस पॉइंट की छूट दी थी। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में भी रेपो रेट में क्रमश: 25-25 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई थी। वर्तमान में रेपो रेट 5.50% है। यदि इसमें एक और 25 बेसिस पॉइंट की कटौती होती है तो इसका सीधा फायदा होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई पर पड़ेगा।

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कवरेज: Krishan Mohan shukla, News Media Kiran

Krishan Mohan shukla

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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