
Odisha News: ओडिशा सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को 25 अगस्त तक ‘शक्तिश्री सशक्तिकरण प्रकोष्ठ’ बनाने का आदेश दिया है। यह योजना मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने पिछले महीने शुरू की थी। इसका मुख्य लक्ष्य कॉलेजों में लड़कियों और महिला कर्मचारियों को सुरक्षित रखना है।
सरकार का कहना है कि यह प्रकोष्ठ पूरे साल काम करेगा और लड़कियों के नेतृत्व में चलेगा। इससे कॉलेज परिसर में सुरक्षा बढ़ेगी और लड़कियां खुद को मजबूत महसूस करेंगी।
शक्तिश्री प्रकोष्ठ क्या है और कैसे काम करेगा?
उच्च शिक्षा निदेशक कालीप्रसन्न महापात्रा ने सभी कुलपतियों और प्राचार्यों को पत्र लिखकर यह निर्देश दिया है। इस प्रकोष्ठ में एक महिला शिक्षक को ‘शक्तिश्री संयोजिका’ बनाया जाएगा। साथ ही, लड़कियों में से ‘शक्तिश्री साथी’ चुनी जाएंगी। स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं की लड़कियां भी इसमें प्रतिनिधि होंगी।
ये प्रकोष्ठ लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए काम करेंगे। वे साल भर की गतिविधियां बनाएंगे, जैसे आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, कानूनी अधिकारों की जानकारी और मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत। हर प्रकोष्ठ में 6 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा, जहां लड़कियां खुद को बचाने के तरीके सीखेंगी।
प्रकोष्ठ बनाने की प्रक्रिया और फायदे
कॉलेजों को पहले एक चयन समिति बनानी होगी। फिर, लड़कियों में से शक्तिश्री साथी चुनेंगी। ये साथी संयोजिका के साथ मिलकर वर्कशॉप और ट्रेनिंग करेंगी। इससे कॉलेज में सुरक्षा का माहौल बनेगा।
यह योजना ओडिशा के 16 विश्वविद्यालयों और 730 सरकारी कॉलेजों में लागू होगी। सरकार का उद्देश्य सिर्फ हिंसा रोकना नहीं, बल्कि लड़कियों को मजबूत बनाना है। वे कानून जानेंगी, खुद की रक्षा करेंगी और मानसिक तनाव से निपटेंगी।
नई ऐप से मिलेगी तुरंत मदद
शक्तिश्री योजना का एक खास हिस्सा एक नई मोबाइल ऐप है। इस ऐप से लड़कियां गुमनाम तरीके से शिकायत कर सकेंगी। वे टेक्स्ट, ऑडियो या वीडियो से समस्या बता सकेंगी। ऐप में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) से जुड़ने की सुविधा होगी। मानसिक स्वास्थ्य के लिए टेली-MANAS हेल्पलाइन जुड़ेगी। साथ ही, SOS बटन दबाकर तुरंत मदद मांग सकेंगी।