Health News: भारत में महिलाओं की सेहत से जुड़ी एक बड़ी समस्या PCOS तेजी से बढ़ रही है। PCOS का मतलब है पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम। यह एक हार्मोन समस्या है जो बच्चे पैदा करने की उम्र वाली महिलाओं को होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर 10 में से 1 महिला को PCOS है। इनमें से कई किशोरियां हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले की तुलना में अब ज्यादा मामले आ रहे हैं। मदरहुड हॉस्पिटल्स के अनुसार, 10 साल पहले कम केस थे, लेकिन अब 4-5 केस रोज देखे जा रहे हैं। अगर समय पर इलाज न हो तो बांझपन, डायबिटीज और दिल की बीमारी हो सकती है। यह खबर महिलाओं को जागरूक करने के लिए है।
Health News: PCOS क्या है और यह क्यों होता है?
PCOS एक ऐसी बीमारी है जिसमें महिलाओं के शरीर में इंसुलिन नामक हार्मोन सही से काम नहीं करता। इससे शरीर में शुगर बढ़ जाती है और ओवरी में ज्यादा पुरुष हार्मोन बनते हैं। यह समस्या मां या बहन को होने पर बच्ची को भी हो सकती है। भारत में PCOS बढ़ने का मुख्य कारण है गलत जीवनशैली। लोग ज्यादा जंक फूड खाते हैं, व्यायाम नहीं करते और मोटापा बढ़ता है। एक स्टडी में कहा गया है कि 20-25% भारतीय महिलाओं को यह समस्या है। दक्षिण भारत में 9% और महाराष्ट्र में 22% महिलाएं प्रभावित हैं। किशोरियों में यह ज्यादा हो रहा है क्योंकि वे कम खेलती हैं और ज्यादा मीठा खाती हैं।
PCOS के मुख्य कारण
इंसुलिन रेसिस्टेंस: शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता।
जेनेटिक: परिवार में होने पर खतरा ज्यादा।
अनहेल्दी डाइट: ज्यादा तेल-मसाला और कम फल-सब्जी।
व्यायाम की कमी: बैठे रहने से मोटापा बढ़ता है।
PCOS के लक्षण और जोखिम
PCOS के लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं। महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल उगना, बाल झड़ना, मुंहासे, थकान और नींद की समस्या होती है। कभी-कभी पीरियड्स रुक जाते हैं या ज्यादा ब्लीडिंग होती है। अगर इलाज न हो तो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल का अटैक, कैंसर और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। गर्भवती महिलाओं में मिसकैरेज या समय से पहले बच्चा होने की समस्या आ सकती है। 60% PCOS वाली महिलाएं मोटी होती हैं और 70% को इंसुलिन समस्या होती है।
स्वास्थ्य पर असर
यह बीमारी सिर्फ पीरियड्स नहीं बिगाड़ती, बल्कि पूरी सेहत खराब कर सकती है। महिलाओं को चिंता, नींद न आना और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
PCOS का निदान और इलाज कैसे करें?
डॉक्टर ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड से PCOS पता लगाते हैं। इलाज में कोई दवा से पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन लक्षण कंट्रोल किए जा सकते हैं। स्वस्थ खाना खाएं जैसे ब्रोकोली, गोभी, दालें, टमाटर, पालक, बादाम, मछली और फल। तीन बड़े भोजन की बजाय पांच छोटे भोजन लें। रोज 45 मिनट व्यायाम करें, जैसे वॉकिंग या योग। वजन 5-10% कम करने से पीरियड्स नियमित हो जाते हैं। बच्चा न चाहने वाली महिलाओं को बर्थ कंट्रोल पिल्स दी जाती हैं। मुंहासे और बालों के लिए एंटी-एंड्रोजन दवाएं काम आती हैं।
PCOS से बचाव के आसान तरीके
PCOS से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। रोज व्यायाम करें, संतुलित खाना खाएं और वजन कंट्रोल रखें। स्कूलों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिए। ICMR इस समस्या पर सर्वे कर रहा है। महिलाएं समय पर डॉक्टर से सलाह लें। अगर आप PCOS से पीड़ित हैं तो घबराएं नहीं, सही इलाज से सब ठीक हो सकता है। यह समस्या बढ़ रही है, लेकिन जागरूकता से इसे रोका जा सकता है।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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