Health Tips: सुबह की चाय या कॉफी पीना कई लोगों की आदत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत एंटीबायोटिक दवाओं के असर को कम कर सकती है? एक नई स्टडी से पता चला है कि कैफीन और कुछ एंटीबायोटिक्स का मेल शरीर में परेशानी पैदा कर सकता। यह खबर उन छोटे शहरों और गांवों के लोगों के लिए है जो बीमारी में दवा लेते हैं और साथ में चाय-कॉफी पीते हैं। आसान शब्दों में कहें तो, कैफीन दवाओं को ठीक से काम करने न दे। डॉक्टरों का कहना है कि सावधानी बरतें।
कैफीन और एंटीबायोटिक्स का क्या कनेक्शन है?

कैफीन एक उत्तेजक पदार्थ है जो चाय, कॉफी और कोला में मिलता है। यह शरीर को तेज करता है, लेकिन दवाओं के साथ मिलकर समस्या पैदा कर सकता। विशेषज्ञ बताते हैं कि कैफीन लीवर में एंजाइम को प्रभावित करता। ये एंजाइम एंटीबायोटिक्स को तोड़ने का काम करते हैं। अगर सुबह दवा के साथ कॉफी पी ली तो दवा का असर कम हो जाता। अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिसिन की स्टडी में पाया गया कि 30% मरीजों में ऐसा होता। गांवों में लोग अक्सर डॉक्टर की सलाह न मानकर दवा और चाय साथ लेते, इससे बीमारी लंबी चलती। डॉक्टर कहते हैं कि कैफीन दवा को शरीर से जल्दी बाहर निकाल देता।
कौन-सी एंटीबायोटिक्स पर ज्यादा असर पड़ता?
स्टडी में कुछ खास दवाओं का जिक्र है। सिप्रोफ्लॉक्सासिन और लेवोफ्लॉक्सासिन जैसी फ्लोरोक्विनोलोन दवाएं कैफीन के साथ ज्यादा परेशानी पैदा करती। ये दवाएं यूरिनरी इंफेक्शन और सांस की बीमारी में दी जाती। कैफीन इनका अवशोषण कम कर देता। इसके अलावा, थियोफिलाइन वाली दवाओं के साथ भी कैफीन खतरनाक।डॉक्टरों का कहना है कि सुबह दवा लेने के बाद कम से कम 2 घंटे कॉफी न पिएं। ग्रामीण इलाकों में एंटीबायोटिक्स का गलत इस्तेमाल आम है, इसलिए सावधानी जरूरी। अगर आप सर्दी-खांसी में दवा ले रहे, तो चाय कम करें।
कैफीन से क्या खतरे हो सकते?
कैफीन और एंटीबायोटिक्स का मेल से नींद न आना, दिल की धड़कन तेज होना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती। स्टडी में 40% लोगों में दवा का असर 50% कम पाया गया। लंबे समय तक ऐसा करने से बीमारी ठीक न हो। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दवा लेने के समय कैफीन वाली चीजें टालें। पानी ज्यादा पिएं। अगर आप रोज कॉफी पीते हैं, तो डॉक्टर से पूछें। गांव की महिलाएं जो घर पर दवा देती हैं, वे ध्यान दें। बच्चों को भी कॉफी न दें। यह आदत सेहत बिगाड़ सकती।
Health Tips: डॉक्टरों की सलाह, क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं कि दवा लेने से 1-2 घंटे पहले या बाद में कॉफी न लें। हेल्दी डाइट लें, फल-सब्जियां खाएं। अगर कैफीन की लत है, तो धीरे-धीरे कम करें। स्टडी में सिफारिश है कि मरीज डॉक्टर को अपनी आदतें बताएं। बिहार-यूपी जैसे राज्यों में लोग चाय ज्यादा पीते, इसलिए सतर्क रहें। अगर समस्या हो तो नजदीकी क्लिनिक जाएं। कैफीन एंटीबायोटिक्स इंटरैक्शन 2025 की यह रिपोर्ट सेहत के लिए उपयोगी।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

