Top 5 This Week

Related Posts

PM Modi: आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया, सेवा ज्योति कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, कहा- हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने राजनीतिक सफर को कृतज्ञता के भाव से याद किया। उन्होंने कहा कि आलोचकों ने उन्हें अपने भीतर झांकना सिखाया और हर संकट उनके धैर्य की परीक्षा रहा। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने जनता के विश्वास, लोकतंत्र की शक्ति और देश के प्रति अपने दायित्व पर विस्तार से बात की।

7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी ने कहा कि उस दिन उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका सफर इस मुकाम तक पहुंचेगा। आज जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं तो केवल आभार का भाव नजर आता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके लिए जनता ही भगवान है और भाजपा के परिश्रमी कार्यकर्ता उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।

आलोचकों और विपक्ष ने क्या सिखाया?

सेवा ज्योति कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जीवन में मिलने वाले हर व्यक्ति और हर घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है। जिन्होंने उन्हें जिताया, उन्होंने विनम्र होना सिखाया। जिन्होंने गिराया, उन्होंने फिर से खड़े होना सिखाया। शुभचिंतकों ने प्रोत्साहन दिया तो आलोचकों ने आत्ममंथन का अवसर प्रदान किया।

उन्होंने कहा, “आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया। जिसने मेरा साथ दिया, उसने विश्वास की शक्ति दिखाई। जिसने विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई।” पीएम मोदी के अनुसार हर संकट उनके धैर्य की परीक्षा बना, हर सफलता ने जिम्मेदारी का दायरा बढ़ाया और हर उपलब्धि ने बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने का साहस दिया। यह बयान उनके लंबे राजनीतिक जीवन के उस पहलू को रेखांकित करता है जिसमें विरोध और आलोचना को भी सीखने का माध्यम माना गया है।

जनता के विश्वास को कैसे याद किया?

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता ने हमेशा उन्हें अपनी सेवा के लिए चुना। चाहे विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा के चुनाव, लोगों ने बार-बार भरोसा जताया। उन्होंने भारत के लोकतंत्र और संविधान का वंदन करते हुए कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का ही है।

पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों का विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति रही है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के हर नागरिक का उन पर सबसे बड़ा हक है। 25 वर्षों का यह जन-विश्वास सिर्फ किसी एक व्यक्ति की पूंजी नहीं, बल्कि पूरे देश की धरोहर है।

कार्यक्रम से पहले वे श्री विनायक मंदिर गए थे। वहां उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों और स्वयं के लिए प्रार्थना की कि उन्हें और अधिक शक्ति मिले ताकि दिन-रात देश की सेवा कर सकें।

25 साल के सफर को लेकर क्या भाव व्यक्त किए?

पीएम मोदी ने कहा कि 25 वर्ष पहले जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब भविष्य का यह सफर उनकी कल्पना में भी नहीं था। आज जब वे पीछे देखते हैं तो केवल कृतज्ञता का भाव उभरता है। उन्होंने उन सभी लोगों और घटनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें गढ़ा।

उन्होंने कहा कि देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, इसलिए देश के प्रति उनका दायित्व भी सबसे अधिक है। 25 वर्षों का अनुभव और जनता का विश्वास एक बड़ी पूंजी है। यह पूंजी मां भारती की हर संतान की है और हर नागरिक इसका अधिकारी है।

इस दौरान उन्होंने लाल किले से दिए गए ‘सबका प्रयास’ के संदेश को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए जो जोश चाहिए, वह इसी भाव में छिपा है हम करके रहेंगे, We Will Do It 2047 में देश को विकसित बनाने का लक्ष्य भी इसी संकल्प के साथ जुड़ा है।

स्कूल के दिनों की कौन सी यादें साझा कीं?

प्रधानमंत्री ने अपने बचपन और स्कूल के दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वडनगर के स्कूल में पढ़ते समय वे क्लास में सबसे पहले पहुंचने वाले छात्रों में होते थे। मास्टर जी तरह-तरह के पाठ पढ़ाते थे और सीखने की वह ललक आज भी उनके जीवन का हिस्सा है।

पीएम मोदी ने कहा कि वे आज भी स्वयं को एक विद्यार्थी ही मानते हैं और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करते हैं। यह बात उनके व्यक्तित्व के उस पहलू को सामने लाती है जिसमें निरंतर सीखने और खुद को अपडेट रखने पर जोर दिया जाता है।

सेवा ज्योति कार्यक्रम में दिए गए इस संबोधन में पीएम मोदी ने आलोचना, समर्थन, संकट और सफलता भी को अपने विकास का माध्यम बताया। उन्होंने जनता के प्रति गहरी कृतज्ञता जताते हुए दोहराया कि देश के नागरिकों का उन पर सबसे पहला और सबसे बड़ा हक है। 25 वर्षों के इस सफर को उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय सामूहिक विश्वास और परिश्रम का परिणाम बताया।

Read More Here:- 

Odisha Panchayat Election 2027: 26 अक्टूबर से घर-घर सर्वे, आखिर क्यों हो रही तैयारी? बूथ एजेंटों की सूची 15 तक

CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा टला, आखिर क्यों रद्द हुआ कार्यक्रम? आयोग ने बताया कारण

Ranchi T20 Traffic Route 2026: रांची टी-20 मैच के दिन JSCA स्टेडियम का रूट बदलेगा, पार्किंग और नो-एंट्री जोन की पूरी जानकारी

यूपी पंचायत चुनाव 2026: आज हाईकोर्ट में सुनवाई, तारीख और ओबीसी आरक्षण पर क्या निकल सकता है?

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles