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Jharkhand Weather News: दुर्गा पूजा पर मौसम का ‘असुर’, सप्तमी से विजयादशमी तक झारखंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 3 अक्टूबर तक राहत नहीं

Jharkhand Weather News: झारखंड में दुर्गा पूजा के महाउत्सव पर मौसम का ‘असुर’ मंडरा रहा है। राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में अगले छह दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने बंगाल की खाड़ी में बने एक निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण, आज यानी 28 सितंबर (सप्तमी) से लेकर 3 अक्टूबर तक के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस पूर्वानुमान ने दुर्गा पूजा के आयोजकों और पंडाल घूमने वालों के उत्साह पर पानी फेर दिया है।

सप्तमी से नवमी तक इन इलाकों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का सबसे ज्यादा असर दुर्गा पूजा के मुख्य दिनों, यानी सप्तमी, अष्टमी और नवमी (28, 29 और 30 सितंबर) को देखने को मिलेगा। इस दौरान राज्य के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी भागों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसमें मुख्य रूप से रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले शामिल हैं। इन इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम हुआ सक्रिय

बारिश के इस लंबे दौर का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र है, जो अब पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। यह सिस्टम बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके कारण इसका प्रभाव झारखंड पर अगले कई दिनों तक बना रहेगा। यह सिस्टम अपने साथ भारी मात्रा में नमी ला रहा है, जो लगातार बारिश का कारण बन रहा है।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश

हालांकि भारी बारिश का अलर्ट मुख्य रूप से दक्षिणी और मध्य झारखंड के लिए है, लेकिन इस सिस्टम का असर पूरे राज्य पर देखने को मिलेगा। राज्य के अन्य जिलों में भी 3 अक्टूबर तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। इस दौरान दिन के तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन हवा में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है।

Jharkhand Weather News: पूजा पंडालों में जलजमाव का खतरा, आयोजक परेशान

मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान दुर्गा पूजा समितियों के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आया है। सप्तमी से ही पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो जाती है। ऐसे में, लगातार बारिश के कारण पंडालों के आसपास और मेला परिसरों में जलजमाव का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। आयोजक अब अपने पंडालों को वाटरप्रूफ बनाने और जल निकासी की व्यवस्था करने में जुटे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम में पंडाल घूमते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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