Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे की जंग ने नया मोड़ ले लिया है। दरभंगा जिले की जाले विधानसभा सीट पर रातों-रात बड़ा बदलाव हुआ। पहले यह सीट कांग्रेस के हिस्से में आई थी। लेकिन आरजेडी के नेता ऋषि मिश्रा को कांग्रेस के सिंबल हाथ पर टिकट दे दिया गया। शुक्रवार को ऋषि ने जाले से नामांकन दाखिल कर दिया। यह फैसला बीजेपी के हमलों और आंतरिक बहस के बाद लिया गया। बिहार चुनाव 2025 में जाले सीट अब सुर्खियों में है। महागठबंधन की यह चाल एनडीए को जवाब देने की कोशिश लग रही है। गरीब वोटरों को उम्मीद है कि इससे विकास के मुद्दे मजबूत होंगे।
जाले सीट पर उलटफेर कैसे हुआ, नौशाद का नाम कटा
महागठबंधन ने सीट बंटवारे में जाले को कांग्रेस को दे दिया था। आरजेडी चाहती थी कि उसके नेता ऋषि मिश्रा को यहां से लड़ाया जाए। लेकिन कांग्रेस की पहली सूची में जाले का नाम ही नहीं था। अंदरूनी चर्चा थी कि कांग्रेस के मोहम्मद नौशाद को टिकट मिलेगा। नौशाद वही हैं, जिनके मंच से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली दी गई थी। यह खबर फैलते ही बीजेपी ने तुरंत हमला बोला। कहा कि महागठबंधन अपशब्दों वाले उम्मीदवारों को बढ़ावा दे रहा है।
दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान तक बात पहुंची। रात भर चली चर्चाओं के बाद फैसला पलटा। कांग्रेस ने आरजेडी से कहा कि ऋषि मिश्रा को ही हाथ सिंबल पर लड़ाओ। सुबह होते ही ऋषि को टिकट मिल गया। वे पटना से दरभंगा पहुंचे और दोपहर में नामांकन भर दिया। यह बदलाव महागठबंधन की एकजुटता बचाने की कोशिश है। लेकिन बीजेपी कह रही है कि यह गठबंधन का मजाक उड़ा रहा है। बिहार चुनाव 2025 में ऐसे ट्विस्ट वोट बंटवारे का खतरा बढ़ा सकते हैं।
ऋषि मिश्रा कौन हैं, ललित नारायण मिश्रा के पोते
ऋषि मिश्रा बिहार की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री ललित नारायण मिश्रा के पोते हैं। ललित नारायण यादव परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। पहले ऋषि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से विधायक रह चुके हैं। बाद में वे आरजेडी में शामिल हो गए। जाले में उनकी अच्छी पकड़ है। नामांकन के बाद उन्होंने कहा, “जाले के लोग सालों से विकास का इंतजार कर रहे हैं। सड़कें, स्कूल और नौकरियां दूंगा।” ऋषि का मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार से होगा। जाले में पिछड़े वर्ग और यादव वोटरों का बड़ा हिस्सा है। आरजेडी को लगता है कि ऋषि से जीत पक्की है।
महागठबंधन की रणनीति, बीजेपी पर असर
यह फैसला महागठबंधन के लिए राहत है। लेकिन अंदरूनी कलह साफ दिख रही है। कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीटों पर झगड़ा चल रहा है। VIP जैसे सहयोगी भी नाराज हैं। बीजेपी ने कहा कि महागठबंधन में भरोसा खत्म हो गया। एनडीए की तरफ से नीतीश कुमार और भाजपा मजबूती से प्रचार कर रहे हैं। जाले जैसे सीटों पर वोटर जाति और विकास देखेंगे। बिहार चुनाव 2025 में नामांकन तेज हैं। पहले चरण का अंतिम दिन है। लोग चाहते हैं कि चुनाव साफ हो। कोई लालच या धांधली न हो। महागठबंधन का यह दांव कामयाब होगा या नहीं, वक्त बताएगा। बिहार के भविष्य के लिए वोटरों का फैसला अहम है।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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