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गुजरात में भूपेंद्र पटेल कैबिनेट 3.0 का ऐलान: हर्ष सांघवी डिप्टी सीएम, 25 मंत्रियों में 19 नए चेहरे

डेस्क: गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद बनी भूपेंद्र पटेल सरकार ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें कुल 25 विधायकों को मंत्री पद सौंपा गया। शपथ ग्रहण समारोह गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित हुआ, जहां सबसे पहले हर्ष सांघवी ने डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके बाद जीतूभाई वाघाणी और परसोतम सोलंकी ने कैबिनेट मंत्री के पद की शपथ ग्रहण की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस समारोह में शरीक हुए, जो पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। इस नई कैबिनेट में सामाजिक समावेशिता पर जोर दिया गया है, जिसमें पटेल समाज से मुख्यमंत्री सहित 8 मंत्री, 8 ओबीसी, 3 एससी, 4 एसटी प्रतिनिधि और 3 महिलाएं शामिल हैं। कुल 19 नए चेहरे जोड़े गए हैं, जो युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकेत देते हैं।

नई कैबिनेट के प्रमुख सदस्य

भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली इस तीसरी कैबिनेट में पुराने दिग्गजों के साथ-साथ कई नए नाम शामिल हैं, जो राज्य की विविधता को प्रतिबिंबित करते हैं। मुख्य मंत्रियों की सूची इस प्रकार है:

  • प्रफुल्ल पैंसेरिया
  • कुँवरजीभाई बावलिया
  • ऋषिकेश पटेल
  • कनु देसाई
  • परसोतम सोलंकी
  • हर्ष सांघवी (डिप्टी सीएम)
  • प्रद्युम्न वाज
  • नरेश पटेल
  • पीसी बरंडा
  • अर्जुन मोढवाडिया
  • कांति अमृतिया
  • कौशिक वेकारिया
  • दर्शनाबेन वाघेला
  • जीतूभाई वाघाणी
  • रीवा बा जाडेजा
  • डॉ. जयराम गामित
  • त्रिकमभाई छंगा
  • ईश्वरसिंह पटेल
  • मनीषा वकील
  • प्रवीण माली
  • स्वरूपजी ठाकोर
  • संजयसिंह महीडा
  • कमलेश पटेल
  • रमन सोलंकी
  • रमेश कटारा

इस सूची में रीवा जडेजा जैसी नई एंट्रीज राज्य की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये नियुक्तियां आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को मजबूत आधार प्रदान करेंगी, जहां विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

पुरानी सरकार का अंत, नई शुरुआत की तैयारी

कैबिनेट विस्तार से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य के सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा सौंप दिया था। पुरानी कैबिनेट में 8 कैबिनेट स्तर के मंत्री और 8 राज्य मंत्री (MoS) थे, जो कुल 17 सदस्यों वाली थी। यह कदम भाजपा की रणनीतिक योजना का हिस्सा माना जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री से जनता संतुष्ट है लेकिन कुछ मंत्रियों की जमीन स्तर पर रिपोर्टिंग कमजोर पाई गई। इसके अलावा, निकट भविष्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए पुराने चेहरों को हटाये गए। हटाए गए मंत्रियों को पार्टी में बड़े संगठनात्मक पद सौंपे जाने की चर्चा है, जो उनकी क्षमता का सम्मान करेगी। गुजरात विधानसभा के 182 सदस्यों वाली इस व्यवस्था में अधिकतम 27 मंत्रियों की सीमा है, जिसका सदुपयोग अब हो रहा है। याद रहे, भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर 2022 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, और अब यह विस्तार उनकी सरकार को और मजबूत बनाएगा।

दिल्ली से गुजरात तक का समन्वय

इस कैबिनेट गठन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात भाजपा नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें कैबिनेट विस्तार और संगठन की भूमिकाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने नए मंत्रियों को तुरंत जमीनी स्तर पर सक्रिय होने और दिवाली की शुभकामनाओं के साथ जनता से जुड़ने का निर्देश दिया। यह कदम न केवल राज्य की विकास योजनाओं को गति देगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की एकजुटता को भी मजबूत करेगा। आने वाले दिनों में इन मंत्रियों से अपेक्षा है कि वे जलवायु परिवर्तन, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों पर फोकस करें, जो गुजरात की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।

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