Jharkhand News: झारखंड के कोडरमा में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 51 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित सुरेश प्रसाद गुप्ता (62 साल) और उनकी पत्नी को फोन पर घंटों बंधक बनाकर रखा गया। ठगों ने कहा कि उनके नाम से 6.2 करोड़ का गलत लेन-देन हुआ है और गिरफ्तारी होगी। डर के मारे दंपति ने सारे पैसे मध्य प्रदेश के अकाउंट में भेज दिए। मामला विधानसभा तक पहुंच गया है।
Jharkhand News: फोन पर डराया, घर से निकलने तक नहीं दिया
2 दिसंबर को ठगों ने सुरेश प्रसाद गुप्ता को फोन किया। खुद को दिल्ली पुलिस और ट्राई का अधिकारी बताया। कहा कि उनके आधार से नया अकाउंट खुला गया है, जिसमें ड्रग्स का पैसा आया है। स्क्रीन शेयर करके फर्जी वारंट और पुलिस यूनिफॉर्म दिखाई। बोले, “अगर पैसे नहीं लौटाए तो पूरा परिवार जेल जाएगा।” डर से सुरेश और उनकी पत्नी घर में ही बैठे रहे। ठगों ने आरटीजीएस से 51 लाख रुपये मध्य प्रदेश के एक अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन 3 दिसंबर को कोडरमा थाने में शिकायत की गई।
पुलिस जांच में जुटी, विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा
कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान ने बताया, “शिकायत मिलते ही केस दर्ज कर लिया गया है। ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और 51 लाख रुपये ले लिए। मध्य प्रदेश के अकाउंट को फ्रीज करने की कोशिश चल रही है।” भाजपा विधायक नीरा यादव ने विधानसभा में यह मामला जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा, “एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी भी ठगे गए, आम लोग कैसे बचेंगे?” पुलिस अब ठगों की लोकेशन और अकाउंट की पूरी डिटेल निकाल रही है।
पीड़ित सुरेश प्रसाद गुप्ता ने कहा, “हम बहुत डर गए थे। सोचा सच में पुलिस आएगी। अब सारे पैसे चले गए।” झारखंड में डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फोन आएं तो तुरंत नजदीकी थाने में बताएं।



