Vastu Tips: हिंदू धर्म में घर के मंदिर की साज-सज्जा को लेकर वास्तु शास्त्र में खास नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि मंदिर में रखी मूर्तियों का सीधा असर परिवार की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। यही वजह है कि हर मूर्ति को बिना सोचे-समझे मंदिर में विराजमान नहीं कर देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक कुछ खास तरह की मूर्तियां घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती हैं, जिससे परिवार को आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है। आखिर कौन-सी मूर्तियां हैं, जिन्हें मंदिर से तुरंत हटा देना चाहिए, यह जानना हर घर के लिए जरूरी हो जाता है।
देखने पर लगता है कि अनजाने में कई घरों के मंदिर में ऐसी मूर्तियां रखी होती हैं, जिनके बारे में लोगों को वास्तु नियमों की जानकारी ही नहीं होती।
Vastu Tips: खंडित या टूटी हुई मूर्तियां तुरंत हटाएं
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर मंदिर में कोई खंडित या चटकी हुई मूर्ति रखी है, तो उसे तुरंत वहां से हटा देना चाहिए। मान्यता है कि इस तरह की मूर्तियों को मंदिर में रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है, जिसकी वजह से मानसिक तनाव, आर्थिक हानि और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं घर में दस्तक दे सकती हैं। जानकार बताते हैं कि ऐसी मूर्तियों को घर में रखने के बजाय किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना ही उचित माना जाता है।
खड़ी मुद्रा वाली माता लक्ष्मी की मूर्ति से बचें
मंदिर में माता लक्ष्मी की खड़ी मुद्रा वाली मूर्ति को विराजमान करना भी शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि खड़ी मुद्रा में देवी लक्ष्मी की मूर्ति रखने से घर में धन टिकता नहीं है, और इसी वजह से परिवार के सदस्यों को धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। यहीं एक जरूरी बात समझनी होगी, यानी मूर्ति की मुद्रा तक का असर घर की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है, यही वास्तु शास्त्र का मूल सिद्धांत है।
शनिदेव और काल भैरव की मूर्ति भी न रखें
इसके अलावा घर के मंदिर में शनिदेव और काल भैरव की मूर्ति रखने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें उग्र देवता माना गया है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक इन देवताओं की मूर्ति घर के मंदिर में विराजमान करने से पारिवारिक कलह की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि इन देवताओं की पूजा-अर्चना मंदिरों में जाकर या अन्य विधि-विधान से जरूर की जा सकती है, बस घर के मंदिर में इनकी मूर्ति रखने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
Vastu Tips: मंदिर में कौन-सी मूर्तियां रखना रहेगा शुभ
घर के मंदिर में हमेशा अपने इष्टदेव और मुख्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को ही विराजमान करना चाहिए। मूर्ति घर लाने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि अगर कोई मूर्ति खंडित या चटकी हुई हो तो उसे मंदिर में स्थापित नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि इस तरह की मूर्तियों से शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती।
कुल मिलाकर घर के मंदिर की साज-सज्जा में थोड़ी सी सतर्कता बरतकर वास्तु दोष से बचा जा सकता है। मूर्ति चुनते समय सिर्फ उसकी सुंदरता ही नहीं, बल्कि उसकी मुद्रा और अवस्था का भी ध्यान रखना जरूरी है। अगर घर में पहले से कोई खंडित मूर्ति रखी हो, तो उसे बदलने में देर नहीं करनी चाहिए। श्रद्धा और सही नियमों के साथ की गई पूजा ही घर में सुख-समृद्धि लेकर आती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में बताए गए उपाय, लाभ और मान्यताएं केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इस जानकारी को अंतिम सत्य न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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