JSSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की सीजीएल 2023 परीक्षा का पेपर लीक मामला अब नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। सीआईडी की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने सोमवार को 20 और संदिग्ध अभ्यर्थियों को नोटिस थमाकर पूछताछ के लिए बुला लिया। इसी के साथ अब तक इस मामले में गिरफ्तार होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या आठ पहुंच चुकी है। सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा?
दरअसल जिस तरह से जांच एजेंसी कदम दर कदम आगे बढ़ रही है, उससे साफ लग रहा है कि मामला अभी थमने वाला नहीं है। सोमवार को बुलाए गए 20 अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए गए और उनसे परीक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे गए। इससे पहले भी सीआईडी करीब 150 अभ्यर्थियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है, यानी अब तक जांच के दायरे में आने वालों की कुल संख्या काफी बड़ी हो चुकी है।
JSSC CGL Paper Leak: साक्ष्य मिलते ही हो रही गिरफ्तारी
एसआईटी की कार्यशैली इस मामले में साफ नजर आ रही है। जिस भी अभ्यर्थी के खिलाफ पूछताछ के दौरान गड़बड़ी के ठोस सबूत मिल रहे हैं, उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। यही वजह है कि अब तक आठ अभ्यर्थी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और जिस पर भी शक की सुई घूमेगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
गौर करने वाली बात यह है कि सीआईडी सिर्फ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों के कर्मचारियों तक भी अपनी जांच का दायरा बढ़ा चुकी है। और यहीं से इस केस में एक दिलचस्प मोड़ भी सामने आया है।
दो कर्मचारियों की रिमांड पर पूछताछ से खुले कई राज
परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी वेबल और आईसीएन से जुड़े दो कर्मचारी, सोमांश प्रकाश और राहुल, इस मामले में सीआईडी की गिरफ्त में हैं। दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लिया गया था और यह अवधि मंगलवार को खत्म हो रही है। पूछताछ के दौरान दोनों कर्मचारियों से जो जानकारियां सामने आई हैं, उन्होंने जांच टीम को कई नई दिशाओं में सोचने पर मजबूर कर दिया है।
देखने पर लगता है कि परीक्षा प्रक्रिया में सिर्फ अभ्यर्थियों की मिलीभगत नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे लोगों की भूमिका भी उतनी ही अहम रही होगी। यही कारण है कि सीआईडी ने अपनी जांच का दायरा अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है। जानकार बताते हैं कि इन दोनों कर्मचारियों से मिली जानकारी आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियों का रास्ता खोल सकती है।
रिमांड अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो पेशी के बाद इन्हें जेल भेजे जाने की संभावना काफी प्रबल है।
जनवरी 2025 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस पूरे मामले की जड़ें करीब डेढ़ साल पुरानी हैं। एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाने में कांड संख्या 01/2025 के तहत इस पेपर लीक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तब से लेकर अब तक जांच एजेंसी लगातार सबूत जुटाने और दोषियों तक पहुंचने में जुटी है। इतने महीनों की मेहनत के बाद अब जाकर जांच किसी ठोस मुकाम की ओर बढ़ती दिख रही है।
हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर टंगी तलवार
झारखंड सीजीएल 2023 परीक्षा में शामिल हुए हजारों युवाओं के लिए यह मामला सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि उनके करियर से जुड़ा सीधा सवाल है। जिन अभ्यर्थियों ने ईमानदारी से मेहनत कर परीक्षा दी थी, उनके मन में यह चिंता स्वाभाविक है कि आखिर उनकी मेहनत का सही परिणाम कब सामने आएगा। पेपर लीक जैसे मामले सिर्फ कुछ लोगों की धोखाधड़ी नहीं होते, बल्कि इनसे लाखों युवाओं के भरोसे को चोट पहुंचती है।
यही वजह है कि इस मामले में हो रही हर गिरफ्तारी और हर नई पूछताछ पर अभ्यर्थियों की नजर टिकी हुई है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है, और कई अभ्यर्थी संगठन जांच में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं।
JSSC CGL Paper Leak: आगे क्या, इस पर टिकी हैं सबकी निगाहें
अब जबकि सीआईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में कोई बड़ी मछली भी जांच के जाल में फंसती है या नहीं। दो कर्मचारियों से मिली जानकारी और मंगलवार को होने वाली उनकी अदालत में पेशी, इस केस का अगला अहम पड़ाव मानी जा रही है।
पेपर लीक जैसे मामलों में जब तक जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आगे नहीं बढ़ती, तब तक अभ्यर्थियों का भरोसा लौटना मुश्किल होता है। झारखंड सीजीएल मामले में सीआईडी की सख्ती जरूर उम्मीद जगा रही है, लेकिन असली राहत तभी मिलेगी जब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
फिलहाल जांच जारी है, नए संदिग्धों को नोटिस भेजे जा रहे हैं और गिरफ्तारियों का सिलसिला भी थमा नहीं है। मामले की आगे की जानकारी अभी आनी बाकी है, और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सीआईडी की जांच किस मुकाम तक पहुंचती है।
Read More Here:-
CG Politics: तोखन साहू बन सकते हैं छत्तीसगढ़ भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष, दिल्ली बुलाए गए
Shukra Gochar 2026: 2 सितंबर से शुक्र का राशि परिवर्तन, मेष मिथुन सिंह तुला मकर का मासिक संकेत
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

