New Delhi: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टोल व्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार देशभर में ऐसी व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें वाहन चालकों को टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गडकरी के मुताबिक, मार्च 2027 तक देश के सभी टोल बूथ बिना रुकावट वाली व्यवस्था से जुड़ जाएंगे।
मुंबई में आयोजित वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में गडकरी ने कहा कि फास्टैग के व्यापक इस्तेमाल से टोल संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, फास्टैग लागू होने के बाद टोल से होने वाली कमाई में करीब 10 फीसदी की वृद्धि हुई है और टोल राजस्व अब 82,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
फास्टैग से सरकार को होगा बड़ा फायदा
गडकरी ने कहा कि फास्टैग आधारित व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद सरकार को हर साल करीब 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त फायदा हो सकता है। वहीं, बिना रुके टोल भुगतान की व्यवस्था से टोल संग्रह में करीब 10 फीसदी यानी 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि टोल बूथ के संचालन का खर्च काफी कम हुआ है। पहले जहां टोल संचालन पर करीब 12 फीसदी खर्च आता था, वहीं अब यह घटकर लगभग 2 से 3 फीसदी रह गया है।
दिसंबर तक 70 फीसदी से ज्यादा टोल बूथ होंगे अपग्रेड
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस साल दिसंबर के अंत तक देश के 70 फीसदी से ज्यादा टोल बूथ बिना रुकावट वाली व्यवस्था में शामिल हो जाएंगे। इसके बाद मार्च 2027 तक देश के सभी टोल बूथों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने और लंबी कतार में इंतजार करने से राहत मिलने की उम्मीद है। यात्रा का समय कम होने के साथ ईंधन की भी बचत होगी।
फ्यूल बचने से हर साल ₹5,250 करोड़ की बचत
गडकरी ने कहा कि टोल प्लाजा पर वाहनों के कम रुकने से लोगों का समय बचता है और ईंधन की खपत भी घटती है। उनके मुताबिक, उपलब्ध अध्ययन के अनुसार केवल ईंधन की बचत से ही हर साल 5,250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो रही है।
ओवरलोड ट्रकों पर भी कसेगा शिकंजा
गडकरी ने माल ढुलाई क्षेत्र में ओवरलोडिंग की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स से ऐसी तकनीक विकसित करने की अपील की, जिससे ट्रकों में क्षमता से अधिक माल लोड किए जाने का तुरंत पता लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि देश के माल ढुलाई क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। गडकरी ने एक संचालक के खिलाफ सीबीआई की ओर से मामला दर्ज किए जाने का भी उल्लेख किया।
