Agra: उत्तर प्रदेश के आलू किसानों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के आलू को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार एक्सपोर्टरों के साथ मिलकर 585 मीट्रिक टन आलू मलेशिया भेजने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही रूस को भी आलू निर्यात करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं और इसके लिए विभिन्न किस्मों के सैंपल भेजे गए हैं।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता (B2B) मीट के पहले दिन यह जानकारी दी। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारी, विदेशी एक्सपोर्टर, शीतगृह संचालक और 31 जिलों के किसान शामिल हुए।
मंत्री ने बताया कि सम्मेलन में कई ऐसे एक्सपोर्टर पहुंचे हैं, जिनकी विदेशों में कंपनियां हैं और वे बड़े स्तर पर कृषि उत्पादों का निर्यात करते हैं। इन एक्सपोर्टरों ने कई देशों में आलू निर्यात की संभावनाओं का अध्ययन किया है। मलेशिया में यूपी के आलू की मांग की संभावना को देखते हुए इसी महीने के अंत तक निर्यात शुरू करने की तैयारी है।
15 कंटेनर में जाएगा 585 मीट्रिक टन आलू
अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्टर नदीम सिद्दीकी ने बताया कि उनकी एक कंपनी मलेशिया में भी है और वहां वह बड़े स्तर पर आम का निर्यात करते हैं। अब मलेशिया में यूपी के आलू के लिए बाजार तलाशा जा रहा है। पहले चरण में आगरा से उद्यान विभाग के समन्वय से 15 कंटेनर आलू भेजे जाएंगे, जिनमें करीब 585 मीट्रिक टन आलू होगा।
यदि मलेशिया में यूपी के आलू की गुणवत्ता खरी उतरती है, तो भविष्य में बड़े स्तर पर निर्यात की संभावना बन सकती है।
रूस के लिए भेजे गए आलू के सैंपल
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि रूस को निर्यात के लिए आलू की कई किस्मों के सैंपल भेजे गए हैं। यदि ये सैंपल रूस की गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, तो वहां भी निर्यात का रास्ता खुल सकता है। इससे किसानों को घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है।
12 किसानों को मिले भंडारण शुल्क अनुदान के चेक
सम्मेलन के दौरान आलू भंडारण शुल्क अनुदान योजना के तहत 12 किसानों को चेक वितरित किए गए। योजना के तहत किसानों को 50 रुपये प्रति पैकेट अनुदान दिया जा रहा है। आगरा, फर्रुखाबाद और कन्नौज के चार-चार किसान लाभार्थियों को मंत्री ने चेक प्रदान किए।
मंत्री ने किसानों को राहत देने के लिए मंडी शुल्क में छूट दिलाने के प्रयास का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा।

