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Tamilnadu Politics: तमिलनाडु में 28 सितंबर से नवजात को 1 ग्राम सोने की अंगूठी, सीएम विजय शुरू करेंगे योजना

Tamilnadu Politics: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को नवजात शिशुओं के लिए एक ग्राम सोने की अंगूठी वाली योजना शुरू करेंगे। राज्य सरकार ने शुक्रवार को यह घोषणा की। पहला चरण सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों तक सीमित रहेगा।

इस चरण के लिए 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीदी जा चुकी हैं। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार अंगूठी पर खास सीरियल नंबर होगा। लाभ के लिए परिवार का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना जरूरी है।

यह वादा 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले टीवीके के घोषणापत्र में था। योजना का नाम थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम रखा गया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय उस वादे पर अमल कर रहे हैं।

थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम में क्या मिलेगा?

घोषणापत्र में कहा गया था कि राज्य हर बच्चे के जन्म का जश्न मनाएगा। सरकार के आशीर्वाद के रूप में हर नवजात को सोने की अंगूठी दी जाएगी। साथ में बेबी वेलकम किट भी देने का उल्लेख था।

किट में न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स, अच्छी क्वालिटी का बेबी सोप, बच्चों के कपड़े, बेबी ऑयल, बेबी पाउडर, खिलौने, नैपकिन, मच्छरदानी और डायपर शामिल बताए गए थे। शुक्रवार की घोषणा का केंद्र अंगूठी और सरकारी अस्पताल में जन्म है। किट का ताजा वितरण विवरण इसी विज्ञप्ति में अलग से नहीं खोला गया।

अंगूठी एक ग्राम की होगी और उस पर सीरियल नंबर रहेगा। इससे वितरण का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। स्थायी निवास की शर्त साफ है। बाहर के राज्यों से अस्थायी रूप से आए परिवारों को इस लाभ का दावा स्रोत में नहीं दिया गया।

योजना किन अस्पतालों और किन बच्चों पर लागू होगी?

पहला चरण सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए बच्चों के लिए है। निजी अस्पताल का जिक्र इस घोषणा में नहीं है। 1.28 लाख अंगूठियां पहले चरण की खरीद बताई गई हैं। यानी शुरुआत सीमित संख्या से होगी।

28 सितंबर को मुख्यमंत्री योजना का शुभारंभ करेंगे। उस दिन के बाद सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को अंगूठी मिलने की प्रक्रिया शुरू मानी जाएगी। आवेदन या वितरण का पूरा मैनुअल स्रोत में नहीं दिया गया। उपलब्ध बात यही है कि निवासी होना अनिवार्य है और अंगूठी पर नंबर होगा।

परिवारों के लिए व्यावहारिक मतलब यह है कि सरकारी अस्पताल में जन्म और राज्य की स्थायी निवासी पहचान दोनों चाहिए। केवल जन्म प्रमाणपत्र काफी है या नहीं, यह विज्ञप्ति से आगे नहीं खुलता।

घोषणापत्र में शादी पर सोने का क्या वादा था?

टीवीके ने बहनों की शादी के लिए भी सोने वाला वादा किया था। दुल्हन के परिवार की ओर से भाई के तोहफे के रूप में 8 ग्राम सोना और अच्छी क्वालिटी की सिल्क साड़ी देने की बात लिखी गई थी। पार्टी ने कहा था कि शादी के इस मौके का हिस्सा बनने और सहयोग करने पर गर्व होगा।

यह विवाह वाला वादा शुक्रवार की अंगूठी घोषणा से अलग है। फिलहाल सरकार ने जिस योजना की तारीख तय की है वह नवजात वाली है। 8 ग्राम सोने वाली योजना की शुरुआत की तारीख इस सामग्री में नहीं है।

दोनों वादे सोने से जुड़े हैं इसलिए एक साथ याद आते हैं। पर लागू होने वाला ताजा फैसला 28 सितंबर की अंगूठी योजना है।

विजय सरकार के इस कदम का राजनीतिक संदर्भ क्या है?

चुनाव से पहले घोषणापत्र में जन्म के जश्न और सरकारी आशीर्वाद वाली भाषा थी। सत्ता में आने के बाद उसी बिंदु पर तारीख तय कर दी गई। पहले चरण की बड़ी खरीद दर्शाती है कि सरकार वितरण के लिए स्टॉक तैयार कर चुकी है।

इससे पहले विजय सरकार का मंदिरों में स्मार्टफोन ले जाने पर पाबंदी वाला फैसला भी चर्चा में रहा। वह विषय इस योजना से जुड़ा नहीं है, केवल हालिया निर्णयों की कड़ी में स्रोत ने उसका जिक्र किया।

नवजात योजना का सीधा असर सरकारी अस्पताल में बच्चे पैदा कराने वाले स्थायी निवासी परिवारों पर पड़ेगा। एक ग्राम सोना प्रतीकात्मक तोहफा है। सीरियल नंबर से पारदर्शिता का दावा जुड़ा है। कितने दिन में हर पात्र बच्चे तक अंगूठी पहुंचेगी, यह संचालन पर निर्भर करेगा जो विज्ञप्ति में विस्तार से नहीं लिखा गया।

28 सितंबर को शुभारंभ के बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म पंजीकरण और निवासी प्रमाण के आधार पर वितरण शुरू होने की उम्मीद है। घोषणापत्र का बेबी किट वाला हिस्सा जब अलग से सक्रिय होगा तब सामान की सूची फिर याद आएगी। फिलहाल तय तारीख, एक ग्राम अंगूठी, 1.28 लाख की खरीद और सरकारी अस्पताल वाली सीमा ही आधिकारिक ढांचा है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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