DUSU Election Result 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर छात्र राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वोटों की गिनती जारी है और तीसरे राउंड के बाद पूरी तस्वीर पलट गई है। अध्यक्ष पद के लिए हो रही टक्कर में NSUI के विजय शंकर मीणा ने ABVP के यश डबास को पीछे छोड़ते हुए 400 से ज्यादा वोटों की बढ़त बना ली है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने ABVP के ईशु मौर्य पर करीब 2000 वोटों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। इससे पहले पहले राउंड की गिनती में ABVP ने अध्यक्ष और सचिव दोनों अहम पदों पर बढ़त बनाई थी, जबकि उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे थे। नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में हो रही इस गिनती पर पूरे कैंपस की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि चारों केंद्रीय पदों के नतीजे आज घोषित होने की उम्मीद है।
DUSU Election Result 2026: तीसरे राउंड में बदली बाजी, NSUI ने पकड़ी रफ्तार
DUSU चुनाव की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उम्मीदवारों की किस्मत भी करवट ले रही है। पहले राउंड में जहां ABVP प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी पद पर मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी, वहीं तीसरे राउंड तक आते-आते अध्यक्ष पद की लड़ाई पूरी तरह बदल गई। NSUI के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा ने शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए ABVP के यश डबास को पछाड़ दिया और अब वे 400 से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं। यह उलटफेर बताता है कि गिनती के हर राउंड के साथ प्रतिस्पर्धा कितनी कांटे की बनी हुई है, और अंतिम नतीजे आने तक स्थिति में और बदलाव आने की पूरी संभावना बनी हुई है।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार का जलवा
अध्यक्ष पद की तरह ही उपाध्यक्ष पद की लड़ाई भी इस बार काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। यहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने ABVP के ईशु मौर्य पर करीब 2000 वोटों की बड़ी बढ़त बना ली है, जो चुनावी नतीजों में एक अहम फैक्टर साबित हो सकती है। गौरतलब है कि पहले राउंड की गिनती में भी वाइस-प्रेसिडेंट और जॉइंट सेक्रेटरी पद पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे थे, यानी छात्रों के बीच परंपरागत छात्र संगठनों से अलग निर्दलीय चेहरों को लेकर भी अच्छा-खासा समर्थन देखने को मिल रहा है। अगर यह बढ़त अंत तक बरकरार रहती है, तो यह दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश होगा।
20 उम्मीदवार, चार पदों की जंग
DUSU के चार केंद्रीय पदों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए इस बार कुल 20 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इनमें अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा 7 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए 5 और सचिव तथा संयुक्त सचिव पद के लिए 4-4 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन के बीच देखने को मिला। तीनों प्रमुख छात्र संगठनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के जरिए कैंपस की राजनीति में दबदबा बनाने की पूरी कोशिश की, जिसके चलते चुनाव प्रचार के दौरान भी माहौल काफी गरमाया रहा।
किसने किसके खिलाफ लड़ा चुनाव
ABVP की ओर से अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष पद के लिए इशू मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह चुनाव मैदान में उतरे थे। वहीं NSUI ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को टिकट दिया था। इसके अलावा AISA-SFI गठबंधन की तरफ से अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष पद के लिए अक्षत शिखर, सचिव पद के लिए स्टैनजिन डेस्क्योंग और संयुक्त सचिव पद के लिए बी पारिजात ने चुनाव लड़ा। इतने बड़े स्तर पर उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला शुरू से ही बहुकोणीय और रोमांचक बना रहा।
इस बार सबसे ज्यादा दर्ज हुआ मतदान प्रतिशत
DUSU चुनाव के लिए मतदान शुक्रवार को कराया गया था, जिसमें कुल 40.46 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले तीन वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा है, क्योंकि 2025 में मतदान प्रतिशत महज 39.5 रहा था। मतदान प्रतिशत में यह बढ़ोतरी बताती है कि इस बार छात्रों के बीच चुनाव को लेकर पहले से कहीं ज्यादा उत्साह देखने को मिला। मतदान प्रक्रिया दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुल 52 केंद्रों पर दो अलग-अलग चरणों में संपन्न कराई गई, ताकि सभी कॉलेजों के छात्रों को बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिल सके।
गिनती केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वोटों की गिनती के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। DUSU के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ राजेश सिंह ने बताया कि गिनती के लिए किए गए सभी इंतजाम पूरी तरह पुख्ता हैं और दिल्ली पुलिस लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर काउंटिंग सेंटर के आसपास कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि गिनती की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके। पिछले वर्षों में DUSU नतीजों के दौरान कैंपस में तनाव की घटनाएं भी देखी गई हैं, यही वजह है कि इस बार प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
आगे क्या, अंतिम नतीजों पर टिकी निगाहें
फिलहाल गिनती जारी है और चार में से किसी भी पद पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। तीसरे राउंड तक जिस तरह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है, उससे यह साफ है कि आगे के राउंड में भी उलटफेर की गुंजाइश बनी रह सकती है। छात्र संगठनों के समर्थक और कार्यकर्ता काउंटिंग सेंटर के बाहर डटे हुए हैं और हर राउंड के अपडेट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सचिव और संयुक्त सचिव पद को लेकर भी स्थिति साफ होनी अभी बाकी है, इसलिए अंतिम नतीजे आने तक सस्पेंस बरकरार रहने वाला है।
DUSU चुनाव 2026 की गिनती ने साबित कर दिया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में किसी भी संगठन की जीत आसान नहीं है। तीसरे राउंड तक अध्यक्ष पद पर NSUI की बढ़त और उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार का दबदबा इस बार के चुनाव को खास बना रहा है। बढ़े हुए मतदान प्रतिशत ने भी यह संकेत दिया है कि छात्रों की दिलचस्पी कैंपस की राजनीति में लगातार बढ़ रही है। अब सबकी नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि आने वाले साल में DUSU की कमान किसके हाथों में रहेगी।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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