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दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो बदमाश काबू, एक जवान बाल-बाल बचा

Delhi News: राजधानी में बुधवार देर रात एक नाटकीय घटना सामने आई जब पुलिस और खतरनाक अपराधियों के बीच गोलीबारी हुई। उत्तरी दिल्ली की एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े दो शूटरों को पकड़ने में सफलता हासिल की। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी बाल-बाल बचा जब अपराधियों की गोली उसकी बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।

पुलिस ने बताया कि ये दोनों शूटर एक ही रात में दो अलग-अलग जगहों पर फायरिंग करके आतंक फैला चुके थे। उन्होंने पश्चिम विहार में स्थित एक जिम के अलावा विनोद नगर क्षेत्र में भी गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ चल रही है और उनकी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

एंटी नारकोटिक्स सेल को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधित कुछ खतरनाक शूटर हिरणकी यमुना पुस्ता इलाके में मौजूद हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। रात के अंधेरे में ही विशेष दल उस क्षेत्र में पहुंचा और रणनीतिक तरीके से जाल बिछाया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बेहद सावधानी से अपनी स्थिति ली ताकि अपराधी भाग न सकें। जब संदिग्ध वाहन उस क्षेत्र में दिखाई दिया तो पुलिस टीम ने उसे रोकने का संकेत दिया। लेकिन अपराधियों ने रुकने की बजाय भागने की कोशिश की और अचानक पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी।

यह अचानक हमला था लेकिन पुलिस टीम पूरी तरह सतर्क थी। बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण एक पुलिसकर्मी की जान बच गई जब अपराधियों की एक गोली सीधे उसकी छाती की ओर आई। जैकेट ने गोली को रोक लिया और जवान सुरक्षित रहा। यह घटना दिखाती है कि अपराधी कितने खतरनाक थे और उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिस पर गोलियां चलाईं।

Delhi News: जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी घायल

Delhi News: Lawrence Bishnoi Photo
Delhi News: Lawrence Bishnoi Photo

पुलिस पर गोलीबारी के बाद टीम ने संयम के साथ लेकिन दृढ़ता से जवाबी कार्रवाई की। अपराधियों को घेरने की रणनीति अपनाई गई और सावधानीपूर्वक गोलियां चलाई गईं। जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। दूसरे अपराधी ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस टीम ने उसे भी दबोच लिया।

घायल अपराधी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में वह ठीक हो रहा है। पुलिस ने अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।

दोनों अपराधियों के पास से दो अवैध पिस्टल और कई कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक स्कूटी भी उनके कब्जे से मिली है जिसका इस्तेमाल वे अपराध करने के बाद फरार होने के लिए करते थे। सभी बरामद सामान को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

एक ही रात में दो जगह की फायरिंग

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार दोनों शूटर एक ही रात में दो अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी कर चुके थे। पहली घटना पश्चिम विहार इलाके में एक जिम के बाहर हुई थी। वहां उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने या डराने के लिए गोलियां चलाई थीं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी थी।

इसके कुछ ही घंटों बाद दोनों अपराधियों ने विनोद नगर क्षेत्र में भी फायरिंग की। यह क्रम बताता है कि वे किसी योजना के तहत काम कर रहे थे। संभवतः उन्हें किसी को धमकी देने या सुपारी का काम पूरा करने का जिम्मा सौंपा गया था। दोनों घटनाओं में सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन इलाके में खौफ का माहौल बन गया था।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन दोनों घटनाओं के पीछे क्या मकसद था। क्या यह किसी जबरन वसूली का मामला है या किसी व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम। दोनों अपराधियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके फोन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का बढ़ता आतंक

लॉरेंस बिश्नोई का नाम देश के सबसे खतरनाक संगठित अपराध गिरोहों में शुमार है। हालांकि वह जेल में बंद है लेकिन उसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। उसके गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। जबरन वसूली, सुपारी किलिंग और व्यावसायियों को धमकी देना उनके मुख्य काम हैं।

पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस गिरोह की गतिविधियां बढ़ी हैं। कई जगहों पर फायरिंग की घटनाएं हुई हैं जिनमें इस गैंग का हाथ होने की आशंका है। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है और एक-एक करके इसके सदस्यों को पकड़ा जा रहा है। इस गिरोह की खासियत यह है कि यह युवाओं को शामिल करता है और उन्हें अच्छी रकम देकर खतरनाक काम करवाता है। कई बार ये युवा अपराध की गंभीरता को समझे बिना ही इसमें शामिल हो जाते हैं। पुलिस ऐसे युवाओं को भी चिन्हित कर रही है और उनके परिवारों को सचेत कर रही है।

पूछताछ से होंगे और खुलासे

गिरफ्तार दोनों अपराधियों से विस्तृत पूछताछ की जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्हें किसने इन घटनाओं को अंजाम देने के लिए कहा था। क्या उन्हें कोई सुपारी मिली थी या यह जबरन वसूली का मामला है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह में उनकी क्या भूमिका है।

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। उनके संपर्कों, ठिकानों और आगामी योजनाओं के बारे में पता लगाया जा रहा है। इससे गिरोह के खिलाफ और मजबूत कार्रवाई की जा सकेगी। दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं कि वे पहले किन-किन मामलों में शामिल रहे हैं।

यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। संगठित अपराध से निपटना एक चुनौतीपूर्ण काम है और ऐसे खतरनाक अपराधियों को पकड़ना पुलिस की सतर्कता और मेहनत को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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