Petrol-Diesel Price 29 Sep 2026: 29 सितंबर 2026 को देश भर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें सुबह 6 बजे के संशोधन के बाद भी नहीं बदलीं। कच्चा तेल लगातार दूसरे दिन महंगा हुआ फिर भी सरकारी तेल कंपनियों ने दरें यथावत रखीं। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा।
दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं। पेट्रोल डीजल कीमतें आज प्रमुख शहरों में पिछले दिन के बराबर बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट क्या हैं?
नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये तथा डीजल 97.83 रुपये है। पिछले कुछ दिनों में मुंबई का पेट्रोल 111.18 से 111.21 रुपये के बीच रहा।
कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये तथा डीजल 99.55 रुपये है। गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और डीजल 95.64 रुपये है। नोएडा में पेट्रोल 101.96 रुपये तथा डीजल 95.44 रुपये है।
बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये और डीजल 99.56 रुपये है। भुवनेश्वर में पेट्रोल 108.97 रुपये तथा डीजल 100.68 रुपये है। चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.54 रुपये और डीजल 89.47 रुपये है। हैदराबाद में पेट्रोल 116.15 रुपये तथा डीजल 104.23 रुपये है।
जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 98.25 रुपये है। लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये तथा डीजल 95.36 रुपये है। पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये है। तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 115.49 रुपये तथा डीजल 104.40 रुपये है।
कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
मंगलवार को तेल की कीमतें लगातार दूसरे सत्र में बढ़ीं। अमेरिका ईरान संघर्ष से मध्य पूर्व की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है। ये भूराजनीतिक चिंताएं क्षेत्र से कच्चे तेल के निर्यात में सुधार वाले आंकड़ों पर भारी पड़ीं।
0002 GMT तक ब्रेंट क्रूड वायदा 63 सेंट यानी 0.6 प्रतिशत चढ़कर 105.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 72 सेंट यानी 0.8 प्रतिशत बढ़कर 93.32 डॉलर पर रहा।
केपलर के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर में मध्य पूर्व के प्रमुख उत्पादकों का कच्चा निर्यात 12.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रहा। यह फरवरी के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से शिपमेंट बढ़ने से यह आंकड़ा आया।
अमेरिका ईरान वार्ता का तेल बाजार पर क्या असर है?
सोमवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारी अलग अलग मध्यस्थता वाली चर्चाओं में शामिल हुए। सात महीने पुराने युद्ध को खत्म करने की नई कोशिश चल रही है। एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि आगे की बातचीत ईरान के सात दिवसीय प्रस्ताव के संशोधित रूप पर केंद्रित रह सकती है। यह प्रस्ताव पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पेश किया गया था।
संघर्ष फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ। इसमें हजारों लोगों की जान गई और समुद्री शिपिंग लेन प्रभावित हुईं। अप्रैल और जून में युद्धविराम की कोशिशें जल्दी टूट गई थीं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची न्यूयॉर्क में ही रुके रहे। उन्होंने राज्य समाचार एजेंसी इरना से कहा कि तेहरान वाशिंगटन के जवाब का इंतजार कर रहा है। शर्तों में होरमुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात बहाल करने की बात शामिल है। अराकची ने कहा, “अगर अमेरिकी दावा करते हैं कि वे समझौता या शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो हमने वह समाधान पेश कर दिया है।”
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि सोमवार को अमेरिकी अधिकारियों ने मध्यस्थों से बात की। उन्होंने और विवरण नहीं दिया।
भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दरें स्थिर क्यों रखी गईं?
कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद राज्य नियंत्रित तेल विपणन कंपनियों ने 29 सितंबर की सुबह 6 बजे संशोधन में दरें नहीं बढ़ाईं। पेट्रोल डीजल कीमतें आज भी वही हैं जो एक दिन पहले थीं। यह फैसला उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देता है।
महानगरों में दरें अलग अलग हैं क्योंकि राज्य कर और स्थानीय शुल्क भिन्न होते हैं। हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल सबसे महंगा दिखता है जबकि चंडीगढ़ में डीजल अपेक्षाकृत सस्ता है। दिल्ली और नोएडा जैसे एनसीआर शहरों में दरें अपेक्षाकृत कम हैं।
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की चाल और इन्वेंट्री को देखकर रोजाना फैसला करती हैं। इस बार कच्चे में बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा दरें नहीं छुई गईं। आने वाले दिनों में अगर कच्चा और चढ़ता है तो संशोधन हो सकता है।
आगे बाजार की निगरानी क्यों जरूरी है?
मध्य पूर्व से आपूर्ति बढ़ने के बावजूद संघर्ष की आशंका कीमतों को ऊपर रखे हुए है। होरमुज से गुजरने वाले तेल का बड़ा हिस्सा वैश्विक बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। वार्ता सफल हुई तो दबाव कम हो सकता है। फिलहाल बातचीत प्रारंभिक चरण में है।
भारतीय बाजार में पेट्रोल डीजल कीमतें आज स्थिर रहने से आम आदमी की जेब पर तत्काल असर नहीं पड़ा। लंबी दूरी तय करने वाले और व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए यह जानकारी उपयोगी है। शहरवार दरें जानकर बजट बनाना आसान रहता है।
कच्चे तेल में दो दिन की तेजी के बावजूद घरेलू दरें न बदलना तेल कंपनियों की मौजूदा नीति को दर्शाता है। उपभोक्ता रोज सुबह संशोधित दरें देखते हैं। 29 सितंबर को कोई बदलाव नहीं हुआ। ब्रेंट 105.91 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 93.32 डॉलर पर बंद हुआ।
ईरान ने होरमुज यातायात बहाली की शर्त रखी है। अमेरिका ने मध्यस्थों से बात की है लेकिन विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। युद्ध फरवरी से चल रहा है और पहले दो युद्धविराम टूट चुके हैं। ये तथ्य तेल बाजार की अनिश्चितता बनाए रखते हैं।
पेट्रोल डीजल कीमतें आज दिल्ली में 102.12 और 95.20 रुपये हैं। मुंबई में 111.21 और 97.83 रुपये हैं। बेंगलुरु में 111.68 और 99.56 रुपये हैं। पटना में 113.37 और 99.36 रुपये हैं। ये आंकड़े सरकारी संशोधन के बाद के हैं।
निर्यात आंकड़े सितंबर में सुधरे हैं फिर भी कीमतें चढ़ीं क्योंकि संघर्ष की आशंका ज्यादा भारी पड़ी। केपलर के आंकड़े फरवरी के बाद के उच्चतम स्तर की बात करते हैं। सऊदी और यूएई से ज्यादा शिपमेंट गए।
पाठकों के लिए सबसे व्यावहारिक बात यही है कि 29 सितंबर को पंप पर दरें कल जैसी ही मिलेंगी। कच्चे में और तेजी आई तो अगले संशोधन में फर्क दिख सकता है। फिलहाल पेट्रोल डीजल कीमतें आज स्थिर हैं।
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