Meerut News: मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा 30 सितंबर को फैसला सुनाएंगे। मुस्कान रस्तोगी और साहिल पर सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप है। फैसले के दिन दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
करीब 13 महीने की सुनवाई में 126 पेशियां हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज हुए। अभियोजन ने साक्ष्य पेश कर दिए हैं। मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड फैसला अब इन्हीं रिकॉर्ड पर आधारित होगा। आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं।
मामला कब सामने आया और ट्रायल कैसे चला?
मामला मार्च 2025 में सामने आया। पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को जेल भेजा। जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ।
अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। सीनियर एडवोकेट और डीजीसी फौजदारी केके चौबे के अनुसार सभी गवाहों के बयान पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियोजन दोनों आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक सख्त सजा से समाज में संदेश जाना जरूरी है।
सौरभ का शव उनके घर में बड़े नीले प्लास्टिक ड्रम में मिला था। यह आरोप और पुलिस जांच का हिस्सा है। अंतिम निष्कर्ष अदालत का फैसला तय करेगा।
अदालत में कौन से साक्ष्य और गवाह आए?
पुलिस के अनुसार वारदात से पहले चाकू उस्तरा सीमेंट बालू और बड़ा नीला ड्रम खरीदा गया था। गवाहों ने खरीदारी और घटना से जुड़े तथ्य बताए। कमरे में खून के धब्बे मिलने की बात जांच में आई।
सौरभ के भाई बबलू राजपूत ने आठ बार बयान दिए। उन्होंने कहा संपर्क टूट गया था और 17 मार्च को घर में शव होने की जानकारी मिली। मां रेणू राजपूत ने कहा परिवार के विरोध के बावजूद सौरभ ने मुस्कान से शादी की। उन्होंने मुस्कान और साहिल की पहले से जान पहचान तथा लंदन से लौटने के बाद साहिल के साथ चले जाने का जिक्र किया।
एक मित्र ने बताया कि उसने 3 मार्च की रात साहिल को सौरभ के घर जाते देखा। बिल्डिंग सामग्री व्यापारी आशू ने कहा एक युवक और युवती ई रिक्शा से शारदा रोड की दुकान पर आए और एक बोरी बालू तथा दो बोरी सीमेंट खरीदे।
ड्रम और फॉरेंसिक जांच में क्या दर्ज हुआ?
ड्रम काटने वाले अशोक ने गवाही दी कि ब्रह्मपुरी पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज मोर्चरी बुलाया। ढक्कन जाम था इसलिए ड्रम लंबाई में काटा गया। अंदर सीमेंट तकिए के खोल अवशेष तथा चाकू और उस्तरा मिलने का बयान दिया गया।
पंचनामा बनाने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़ ने बताया कि ड्रम में शव सीमेंट में जमा था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने धारदार हथियार से चोट और नशीले पदार्थ दिए जाने संबंधी बात गवाही में कही। ये बयान अभियोजन के साक्ष्य हैं अदालत इन्हें जांचकर फैसला करेगी।
जांच टीम ने घटनास्थल से जुड़े प्रमाण पेश किए। आरोप है कि शव को ड्रम में छिपाया गया। विस्तार अदालती रिकॉर्ड का विषय है। संवेदनशील विवरण को यहां सीमित रखा गया है।
यात्रा कॉल डिटेल और होटल की गवाही क्या कहती है?
कैब ड्राइवर अजब सिंह ने बताया कि वे मुस्कान और साहिल को दिल्ली रोड से कसोल मनाली और मसूरी ले गए। यात्रा में दोनों ने शराब पी। ड्राइवर ने कहा उन्हें हत्या के आरोप की जानकारी नहीं थी।
रिलायंस जियो नोडल अधिकारी लोकेश कुमार ने कॉल डिटेल और लोकेशन रिपोर्ट पेश की। शिमला के होटल लॉर्ड्स ग्रे मैनेजर देवेंद्र ने कहा मुस्कान और साहिल ने खुद को पति पत्नी बताकर आधार कार्ड पर कमरा लिया।
ये गवाहियां अभियोजन की दलील का हिस्सा हैं। बचाव पक्ष का विस्तृत जवाब स्रोत में नहीं दिया गया। फैसला दोनों पक्षों के पूरे रिकॉर्ड पर होगा।
30 सितंबर को अदालत क्या तय करेगी?
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा दोष सिद्ध होने या बरी होने पर फैसला सुनाएंगे। दोषी ठहराए गए तो सजा पर भी निर्णय होगा। अभियोजन फांसी की मांग कर रहा है लेकिन सजा अदालत तय करेगी।
126 पेशी और 22 गवाहों के बाद मामला अंतिम पड़ाव पर है। मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड फैसला स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर देखा जा रहा है क्योंकि मामला लंबे ट्रायल के बाद निष्कर्ष पर पहुंचा है।
आरोपियों को पेश किया जाएगा। मार्च 2025 की घटना जुलाई 2025 से चली सुनवाई और सितंबर 2026 का निर्णय क्रम यही है। केके चौबे के बयान के अनुसार गवाही पूरी हो चुकी है।
पाठकों को याद रखना चाहिए कि अदालत में पेश साक्ष्य आरोपों को साबित करने का प्रयास हैं। दोष तब तक सिद्ध नहीं जब तक फैसला न आए। मुस्कान रस्तोगी और साहिल आरोपी हैं सौरभ राजपूत मृतक बताए गए हैं।
परिवार के सदस्यों पड़ोसी दुकानदार ड्रम काटने वाले पुलिस डॉक्टर कैब ड्राइवर होटल मैनेजर और टेलीकॉम अधिकारी की गवाहियां फाइल में हैं। खरीदारी यात्रा और लोकेशन से जुड़े बयान भी शामिल हैं।
नीला ड्रम मामले का नाम शव मिलने के तरीके से पड़ा। घर के अंदर ड्रम मिलना पुलिस थाना ब्रह्मपुरी से जुड़ी कार्रवाई का हिस्सा रहा। मोर्चरी में ड्रम खोले जाने का बयान अशोक ने दिया।
13 महीने का ट्रायल 126 तारीखों तक फैला। इतनी पेशियों के बाद निर्णय आने से प्रक्रिया पूरी होने का संकेत है। 30 सितंबर की तारीख तय हो चुकी है।
मेरठ अदालत का फैसला कानूनी पड़ाव है। सजा या बरी दोनों संभावनाएं खुली हैं जब तक आदेश न पढ़ा जाए। अभियोजन सख्त सजा चाहता है यह केके चौबे ने कहा। अदालत साक्ष्य का वजन खुद करेगी।
मामले की संवेदनशीलता के कारण केवल अदालत में दर्ज तथ्य लिखे गए हैं। अनावश्यक विवरण से बचा गया है। मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड फैसला सुनने के लिए दोनों आरोपी पेश होंगे। यही अगली खबर का केंद्र होगा।
सौरभ से संपर्क टूटने की बात भाई ने कही। शादी के विरोध की बात मां ने कही। ये पारिवारिक पृष्ठभूमि गवाही में आई। मित्र वाली रात की विजिट और सीमेंट बालू की खरीद दुकानदार ने बताई। यात्रा और होटल वाले बयान बाद की आवाजाही से जुड़े।
फॉरेंसिक और पंचनामा बयान घटनास्थल से जुड़े हैं। कॉल लोकेशन डिजिटल साक्ष्य हैं। अदालत इन सभी को एक साथ देखेगी। 22 गवाहों का यह समूह अभियोजन ने पूरा किया।
29 सितंबर 2026 के अपडेट के अनुसार कल यानी 30 सितंबर फैसला है। लेखक रवि रंजन कुमार संपादन राधेश्याम कुशवाहा से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी यहीं तक है।
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