शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के समर्थन में पैदल मार्च निकाला। हसीरानी रथ उनके मारे जा चुके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की 2021 की पैर की चोट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने पैर में चोट लगने का गलत दावा किया था और इसी आधार पर बीजेपी नेताओं के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कराया गया था।
अधिकारी ने कहा कि आधिकारिक दस्तावेजों में फ्रैक्चर का कोई सबूत नहीं होने के बावजूद झूठे मामले दर्ज किए गए। उन्होंने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दस्तावेज भी दिखाया था जिसमें फ्रैक्चर का कोई उल्लेख नहीं था। रविवार को चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने पिछली टीएमसी सरकार पर सीआईडी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप दोहराया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 17 नवंबर को कोलकाता में हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसके बाद 29 दिसंबर को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। ये आयोजन राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदम बताए जा रहे हैं।
UCC कब तक लागू होगा और क्या ऐलान किया गया?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने रविवार को नंदीग्राम में यह ऐलान किया। अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम करेगी और तय समय सीमा के अंदर यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा।
यह ऐलान नंदीग्राम उपचुनाव के प्रचार के दौरान किया गया। अधिकारी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने से सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। उन्होंने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय लोगों के बीच इस घोषणा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और जल्द से जल्द इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में भी इसे लागू किया जाएगा। यह बयान उनके चुनावी भाषण का एक प्रमुख हिस्सा रहा।
जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ क्या कानून बनेगा?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यूसीसी के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त कानून बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए जाएंगे। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति जबरदस्ती किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करा सकेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करेगी और कानून बनाकर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। नंदीग्राम में दिए गए भाषण में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी। स्थानीय स्तर पर इस घोषणा को भी चर्चा का विषय बनाया जा रहा है।
अधिकारी ने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगी और किसी भी तरह के दबाव या प्रलोभन से किए गए धर्म परिवर्तन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया।
ममता बनर्जी की पैर की चोट को लेकर क्या आरोप लगाए गए?
शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की पैर की चोट को लेकर फिर से सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी ने पैर में चोट लगने का नाटक किया था। अधिकारी ने कहा कि आधिकारिक मेडिकल दस्तावेजों में फ्रैक्चर का कोई सबूत नहीं था, फिर भी बीजेपी नेताओं के खिलाफ हत्या की कोशिश के मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दस्तावेज दिखाया था जिसमें फ्रैक्चर का उल्लेख नहीं था। रविवार को नंदीग्राम में पैदल मार्च के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को फिर उठाया। अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने सीआईडी का गलत इस्तेमाल करके बीजेपी नेताओं को फंसाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता हटने के बाद कानून के तहत जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर किसी को वास्तव में परेशान किया गया है तो उसे कानूनी सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन झूठे आरोप लगाने वालों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई होगी।
नंदीग्राम में क्या कार्यक्रम हुए और किसका समर्थन किया?
रविवार को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के समर्थन में पैदल मार्च निकाला। हसीरानी रथ उनके मारे जा चुके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। इस मार्च के दौरान अधिकारी ने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया और चुनावी मुद्दों पर बात रखी।
पैदल मार्च के दौरान उन्होंने टीएमसी सरकार पर लगे आरोपों को दोहराया और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हुए कथित अन्याय का जिक्र किया। अधिकारी ने कहा कि झूठे मामलों में फंसे कार्यकर्ताओं को पूरी कानूनी मदद दी जाएगी। स्थानीय लोगों की अच्छी संख्या में उपस्थिति रही।
उन्होंने चुनावी प्रचार के आखिरी दिन जोरदार अपील की और मतदाताओं से बीजेपी उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही। मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
आगे क्या कदम उठाने की बात कही गई?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता समाप्त होने के बाद सरकार कानून के दायरे में रहकर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वाकई में परेशान किए गए लोगों को कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में सीआईडी का गलत इस्तेमाल करके कई नेताओं को परेशान किया गया और अब इसकी जांच की जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने कोलकाता में दो बड़े धार्मिक आयोजनों की घोषणा की। 17 नवंबर को हनुमान चालीसा पाठ और 29 दिसंबर को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। ये कार्यक्रम राज्य में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में बताए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर शुभेंदु अधिकारी के रविवार के बयानों ने नंदीग्राम उपचुनाव के प्रचार को और तेज कर दिया है। यूसीसी लागू करने और जबरन धर्म परिवर्तन पर कानून बनाने के ऐलान के साथ-साथ उन्होंने पुराने मुद्दों को भी फिर से उठाया है। अब देखना यह होगा कि आचार संहिता हटने के बाद सरकार इन घोषणाओं को किस तरह अमल में लाती है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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