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Nobel Prize 2026: नामांकन से एलान तक विजेता कैसे चुना जाता है, पूरी प्रक्रिया क्या है

Nobel Prize 2026: नोबेल पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। हर साल अक्टूबर में नामों की घोषणा का इंतजार रहता है, पर किसी व्यक्ति या संस्था का इस सूची तक पहुंचना सीधी प्रक्रिया नहीं है। नामांकन, छंटनी, विशेषज्ञ मूल्यांकन और अंतिम मतदान कई चरणों में होते हैं। पूरी कवायद गोपनीय रहती है। पुरस्कार केवल राशि के लिए जाना नहीं जाता। इसे ऐसे योगदान के लिए दिया जाता है, जिसका मानवता पर असाधारण और लंबे समय तक असर पड़ा हो।

2026 में अब तक शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का पुरस्कार कार्ल डाइसेरॉथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप से दिया गया है। भौतिकी का पुरस्कार फ्रांसिस हल्जेन को मिला है। रसायन विज्ञान में हेनरी कागन और केन्सो सोई को ऑटोकैटालिसिस की खोज के लिए सम्मानित किया गया है। साहित्य, शांति और आर्थिक विज्ञान के नाम अभी बाकी हैं।

Nobel Prize 2026: नोबेल पुरस्कार कौन सी संस्था किस क्षेत्र में देती है?

श्रेणी के अनुसार पुरस्कार देने वाली संस्था अलग होती है। भौतिकी और रसायन विज्ञान रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज देती है। शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा का पुरस्कार करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली देती है। साहित्य स्वीडिश एकेडमी के जिम्मे है। शांति पुरस्कार नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी तय करती है। आर्थिक विज्ञान का पुरस्कार भी रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज देती है। आर्थिक विज्ञान अल्फ्रेड नोबेल की मूल वसीयत की पांच श्रेणियों में बाद में जोड़ा गया, पर चयन का ढांचा विज्ञान पुरस्कारों के करीब है।

अधिकांश श्रेणियों में नोबेल कमेटी सिफारिश बनाती है और अंतिम फैसला संबंधित संस्था के सदस्य करते हैं। शांति पुरस्कार में यह अंतर मायने रखता है, क्योंकि वहां कमेटी खुद अंतिम नाम चुनती है।

नामांकन कैसे होता है और खुद को नामित क्यों नहीं किया जा सकता?

कोई व्यक्ति या संस्था स्वयं को नामांकित नहीं कर सकती। नोबेल कमेटी हर साल अलग-अलग देशों के विश्वविद्यालयों, अकादमिक संस्थानों के सदस्यों, वैज्ञानिकों, पूर्व विजेताओं और अन्य योग्य लोगों को आमंत्रण भेजती है। नामांकन फॉर्म आमतौर पर सितंबर में जाते हैं। अगले वर्ष के पुरस्कार के लिए फॉर्म 31 जनवरी तक जमा करने होते हैं। शांति पुरस्कार में नामांकन का दायरा अपेक्षाकृत व्यापक होता है। किसी व्यक्ति या संस्था को नामित करने वाले लोगों की सूची अन्य श्रेणियों से बड़ी रखी गई है।

आमंत्रण के बिना भेजा गया नाम वैध नामांकन नहीं माना जाता। कमेटी पहले यह जांचती है कि नामांकन योग्य व्यक्ति की ओर से आया है या नहीं। उसके बाद ही नाम सूची में जुड़ता है।

नामांकन गोपनीय क्यों रहता है और जांच कैसे होती है?

नामांकन और मूल्यांकन के दस्तावेज लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं होते। इन्हें 50 साल तक गोपनीय रखा जाता है। नामित व्यक्ति को यह नहीं बताया जाता कि नामांकन किसने किया। शुरुआती सूची में बड़ी संख्या में नाम हो सकते हैं। कई चरणों की छंटनी के बाद सूची घटती है। चुने गए उम्मीदवारों के काम और योगदान का गहराई से मूल्यांकन होता है। जरूरत पड़ने पर देश-विदेश के विशेषज्ञों से राय ली जाती है।

यह प्रक्रिया कई महीनों चल सकती है। मकसद यह देखना होता है कि योगदान कितना महत्वपूर्ण है और उसका प्रभाव कितना व्यापक तथा टिकाऊ है। केवल प्रसिद्धि या तात्कालिक चर्चा पर्याप्त नहीं मानी जाती।

अंतिम विजेता कैसे तय होता है और शांति पुरस्कार में क्या फर्क है?

मूल्यांकन के बाद नोबेल कमेटी पसंद किए गए नामों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करती है। सितंबर में यह सिफारिश संबंधित पुरस्कार देने वाली संस्था के सामने रखी जाती है। अधिकांश श्रेणियों में कमेटी खुद अंतिम विजेता नहीं चुनती। संस्था के सदस्य वोट से फैसला करते हैं। फैसला होने के बाद पहले विजेता को सूचना दी जाती है, फिर अक्टूबर में नाम सार्वजनिक होते हैं। समारोह हर साल 10 दिसंबर को होता है, जो अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है।

शांति पुरस्कार में नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी मूल्यांकन के साथ अंतिम चयन भी करती है। अन्य श्रेणियों में अंतिम मतदान संस्था के सदस्यों के पास रहता है। यही प्रक्रिया का सबसे साफ अंतर है।

2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा किस तारीख को हो रही है?

शरीर क्रिया विज्ञान या चिकित्सा की घोषणा 5 अक्टूबर 2026 को हुई। भौतिकी 6 अक्टूबर को और रसायन विज्ञान 7 अक्टूबर को घोषित हुआ। साहित्य 8 अक्टूबर, शांति 9 अक्टूबर और आर्थिक विज्ञान 12 अक्टूबर 2026 को घोषित होने हैं। चिकित्सा पुरस्कार कार्ल डाइसेरॉथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप से मिला। भौतिकी फ्रांसिस हल्जेन को दिया गया। रसायन में हेनरी कागन और केन्सो सोई को ऑटोकैटालिसिस की खोज के लिए सम्मान मिला।

घोषणा से पहले संभावित नामों की चर्चा आम है, पर आधिकारिक सूची तभी मानी जाती है, जब संबंधित संस्था नाम जारी करे। नामांकन की गोपनीयता के कारण यह पता नहीं चलता कि किसने किसे नामित किया, जब तक 50 साल की अवधि पूरी न हो।

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Author: Sanjna Gupta

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