Rahul Gandhi: नई दिल्ली में शुक्रवार को INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि मत चुराए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका वास्तुकार बताया और अमित शाह तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कार्यान्वयनकर्ता करार दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने इस तथ्य से इनकार नहीं किया और उनसे सबूत मांगे। गठबंधन ने ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर ध्यान देने की अपील की। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इसलिए बैठक का विवरण नेताओं के बयानों पर आधारित है।
Rahul Gandhi का आरोप और बैठक का विवरण
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— ANI (@ANI) October 9, 2026
राहुल गांधी ने बैठक को हैरान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष बताएंगी। लेकिन उन्होंने आरोपों का खंडन नहीं किया और न ही उन पर बहस की। विपक्ष ने पहले ही ज्ञापन दे दिया है जिसमें वोट चोरी से जुड़े सबूत शामिल हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव पर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष सबूत पेश करने को तैयार है। एक के बाद एक राज्यों में चुनाव चोरी का आरोप लगाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों के आंदोलन ने सरकार की नींव हिला दी है।
ज्ञापन में रखी गई चार प्रमुख मांगें
INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति को दिए ज्ञापन में चार मांगें रखीं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 2023 के उस कानून को रद्द करने की है जो चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देता है। दूसरी मांग विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर तत्काल रोक लगाने की है। विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची से 13.30 करोड़ नाम हटाए गए हैं जिन्हें बहाल किया जाए। तीसरी मांग सभी चुनावों में EVM के बजाय बैलेट पेपर की व्यवस्था दोबारा लागू करने की है। चौथी मांग पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की है जिनमें विपक्ष के अनुसार वोट चोरी के ठोस सबूत पेश किए गए हैं। ये मांगें ज्ञापन में दर्ज हैं। मतदाता सूची में नाम हटाने और EVM से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है।
खड़गे की बैलेट पेपर मांग और ममता की प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुलाकात के बाद कहा कि विपक्ष ने पिछले चार दिनों के आंदोलन, मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया की चिंताओं को राष्ट्रपति के सामने रखा। उन्होंने दोहराया कि चुनावों में EVM का इस्तेमाल न हो और मतदान बैलेट पेपर से हो। खड़गे के मुताबिक राष्ट्रपति ने वोट चोरी से जुड़े सबूत मांगे हैं। विपक्ष इन्हें इकट्ठा कर पेश करेगा और अन्य जरूरी जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने मोदी और शाह पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार राष्ट्रपति ने बातें ध्यान से सुनीं और जांच करने, संबंधित पक्षों से सलाह लेने तथा आगे की कार्रवाई पर विचार करने की बात कही।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने मामले के विवरण देखने और सबूत उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने संविधान के संरक्षक के रूप में लोकतंत्र की रक्षा के लिए उचित ध्यान देने की अपील की। ममता ने दावा किया कि देश इस मुद्दे से चिंतित है और INDIA गठबंधन एकजुट है। उन्होंने गठबंधन की ओर से देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने का जिक्र किया। उन्होंने राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया को सकारात्मक बताया और कहा कि मांगे गए सबूत उपलब्ध कराए जाएंगे।
Rahul Gandhi: अन्य नेताओं के बयान और आगे का सियासी माहौल
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि मांग पूरे देश से जुड़ी है। उन्होंने बेईमानी के पूरे ढांचे को खत्म करने की बात कही और ज्ञानेश कुमार को ढाल की तरह खड़े बताया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र मजबूत करने के लिए राजनीतिक दलों से जुड़े और बाहर के लोग प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों को देशभक्त बताया और उनका अभिवादन किया।
बीजेपी विपक्ष के इन आरोपों को राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताती रही है। चुनाव आयोग और राष्ट्रपति कार्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी महत्वपूर्ण है। फिलहाल विपक्ष के आरोप और बैठक का विवरण संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में ही देखा जा रहा है। INDIA गठबंधन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखने के पक्ष में है। राष्ट्रपति से मामले पर ध्यान देने और कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की अपील की गई है।
राहुल गांधी, खड़गे और ममता बनर्जी के बयानों से साफ है कि गठबंधन इस मुद्दे को आगे बढ़ाने का इरादा रखता है। राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत का आधिकारिक ब्योरा न आने तक इन दावों को नेताओं की ओर से रखे गए पक्ष के रूप में लिया जाना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया पर सियासी टकराव जारी रहने की संभावना है क्योंकि विपक्ष सबूत पेश करने की बात कह रहा है और सत्ताधारी दल इसे निराधार बता रहा है। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों पर स्वतंत्र जांच की मांग बार-बार उठ रही है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह इस विवाद की दिशा तय करेगा। विपक्ष ने राष्ट्रपति से संविधान के संरक्षक की भूमिका में कदम उठाने की अपील की है जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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