Top 5 This Week

Related Posts

UP News: लखीमपुर खीरी में तेंदुए ने उठाई 7 साल की बच्ची, गन्ने के खेत में तलाश जारी

UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में धौरहरा रेंज स्थित बोझिया गांव में सोमवार रात करीब 8 बजे एक दर्दनाक घटना हुई। घर के आंगन में खेल रही सात साल की सानिया पर तेंदुए ने हमला कर दिया और उसे मुंह में दबाकर पास के गन्ने के खेत में ले गया। पुलिस और ग्रामीणों ने रातभर टॉर्च की रोशनी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन दी गई जानकारी के अनुसार बच्ची का पता नहीं चल सका था। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है।

सानिया के पिता संपत गिरी के मुताबिक, वह शाम करीब सात बजे बाजार से लौटे थे और घर में काम कर रहे थे। उनकी बेटी बाहर आंगन में खेल रही थी। अचानक गन्ने के खेत की तरफ से आए तेंदुए ने बच्ची पर हमला कर दिया। पिता बेटी की चीख सुनकर पीछे दौड़े और करीब 200 मीटर तक पीछा किया, लेकिन घनी फसल और अंधेरे की वजह से तेंदुआ नजरों से ओझल हो गया। परिवार में सानिया और उसका जुड़वां भाई विकास ही दो बच्चे हैं। उनकी मां की मौत सात साल पहले हो चुकी है।

लखीमपुर में तेंदुए ने बच्ची को कब और कहां से उठाया?

घटना सोमवार शाम करीब 8 बजे की बताई जा रही है। बोझिया गांव के निवासी संपत गिरी की बेटी सानिया अपने घर के आंगन में खेल रही थी। तेंदुआ गन्ने के खेत की ओर से आया और बच्ची को मुंह में दबाकर उसी खेत की तरफ ले गया। पिता संपत गिरी ने तुरंत पीछा किया, लेकिन तेंदुआ घनी फसल में गायब हो गया। ग्रामीणों के अनुसार खेत में बच्ची के कुछ कपड़े भी मिले, लेकिन सानिया का पता नहीं चल सका। पढ़ुआ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी में जुट गई।

पिता ने कितनी दूर तक तेंदुए का पीछा किया?

संपत गिरी ने बताया कि बेटी की चीख सुनते ही वे तेंदुए के पीछे दौड़े। उन्होंने करीब 200 मीटर तक पीछा किया। अंधेरा होने और गन्ने की फसल घनी होने की वजह से तेंदुआ उनकी नजरों से ओझल हो गया। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोग टॉर्च और लाठियां लेकर गन्ने के खेतों में तलाश करने लगे। रातभर तलाशी जारी रही, लेकिन बच्ची नहीं मिली।

परिवार की स्थिति क्या है और मां का निधन कब हुआ था?

सानिया के परिवार की स्थिति बेहद दर्दनाक बताई जा रही है। पिता के मुताबिक परिवार में केवल दो बच्चे हैं—सानिया और उसका जुड़वां भाई विकास। उनकी मां की मृत्यु सात साल पहले हो चुकी है। बच्ची के लापता होने की खबर से पूरा परिवार सदमे में है। गांव के लोग भी घटना से डरे हुए हैं और गन्ने के खेतों के आसपास आने-जाने में सावधानी बरत रहे हैं।

वन विभाग और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम करीब चार घंटे बाद पहुंची। इस देरी को लेकर गांव में नाराजगी भी रही। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। पढ़ुआ थाने के थानाध्यक्ष मोहित पुंडीर के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ तलाशी अभियान में शामिल हुई। बच्ची की तलाश जारी रखने की बात कही गई। बोझिया गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के चलते दहशत का माहौल बना रहा।

गांव में अब क्या स्थिति है और तलाश अभियान का क्या हाल है?

घटना के बाद बोझिया गांव में भय का वातावरण है। ग्रामीणों को डर है कि घनी गन्ने की फसल में तेंदुआ छिपा हो सकता है। पुलिस और ग्रामीण मिलकर तलाशी अभियान चला रहे थे। बच्चे के कपड़े मिलने की बात सामने आने के बाद परिवार की बेचैनी और बढ़ गई। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही थी। घटना ने क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

लखीमपुर खीरी के बोझिया गांव की यह घटना परिवार और ग्रामीणों के लिए बेहद दुखद है। बच्ची की तलाश में जुटे पुलिस और ग्रामीणों के प्रयासों पर नजरें टिकी हुई हैं। ऐसी घटनाओं में समय पर सूचना और तेज कार्रवाई कितनी जरूरी होती है, यह इस मामले से भी समझा जा सकता है। स्थानीय प्रशासन से अपडेट मिलने तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles