Odisha News: जगतसिंहपुर जिले के बालिकुड़ा बस स्टैंड के पास सोमवार रात देर से एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। बालिकुड़ा कॉलेज के पहले साल के प्लस थ्री छात्र राहुल नायक की मौत हो गई जब एक कंटेनर ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। राहुल छात्र संघ चुनाव के लिए प्रचार करने के बाद लौट रहे थे। चुनाव 15 अक्टूबर को होने वाले थे। हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक तनाव बना रहा और लोग जमा हो गए।
बालिकुड़ा में छात्र की मौत कैसे हुई?
राहुल नायक बालिकुड़ा कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र थे। वे एक उम्मीदवार के साथ छात्र संघ चुनाव का प्रचार पूरा करने के बाद बस स्टैंड के पास लौट रहे थे। अचानक एक कंटेनर ट्रक ने उन्हें रौंद दिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। हादसे की सही वजह और ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हुई है। परिवार और कॉलेज के छात्र सदमे में हैं।
ओडिशा में किन कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव रद्द हुए?
कई जिलों के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव रद्द कर दिए गए हैं। कटक जिले के बांकी ऑटोनॉमस कॉलेज और नुआपाड़ा जिले के खरियार ऑटोनॉमस कॉलेज में चुनाव रद्द कर साइन डाई घोषित कर दिया गया। गंजाम, केंद्रपाड़ा, नबरंगपुर, जाजपुर, भद्रक और बालासोर जिलों के कई कॉलेजों में भी चुनाव नहीं हो पाए। ब्रुंदावन चंद्र कॉलेज, यू.के. महाबीर कॉलेज, उपेंद्रनाथ शारदा महाविद्यालय, महिला कॉलेज और जांबेश्वर डिग्री कॉलेज सहित अन्य संस्थानों में चुनाव रद्द हुए। छात्रों में नाराजगी है क्योंकि वे मतदान में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
चुनाव रद्द होने के पीछे क्या कारण बताए जा रहे हैं?
कॉलेज प्रशासन और जिला अधिकारियों का कहना है कि नामांकन विवाद, तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण चुनाव रद्द किए गए। कुछ जगहों पर नामांकन पत्रों को लेकर विवाद बढ़ा और प्रचार के दौरान तनाव की आशंका जताई गई। कई सालों बाद छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू किए गए थे, लेकिन कई कॉलेज शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित नहीं कर पाए। अधिकारियों का तर्क है कि हिंसा से बचने के लिए चुनाव टालना जरूरी था, लेकिन छात्रों का कहना है कि इससे उनका लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुआ है।
मोहन माझी सरकार पर क्या सवाल उठ रहे हैं?
कई सालों के अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव शुरू करने का फैसला मोहन चरण माझी सरकार ने लिया था। लेकिन कई कॉलेजों में चुनाव रद्द होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या कॉलेज प्रशासन और जिला अधिकारी पर्याप्त तैयारी कर पाए। सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, लेकिन आलोचकों का आरोप है कि तनाव की आशंका मात्र से चुनाव रद्द करना आसान रास्ता बन गया है। छात्रों को लगता है कि उनके प्रतिनिधित्व का अधिकार प्रभावित हो रहा है।
आगे क्या हो सकता है और छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
हादसे की जांच जारी है और पुलिस कंटेनर ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जता रही है। चुनाव रद्द होने से कई कॉलेजों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। छात्रों को उम्मीद है कि प्रशासन स्थिति को संभालकर चुनाव कराने का विकल्प तलाशे। फिलहाल बालिकुड़ा में शोक का माहौल है और राज्य भर में छात्र संघ चुनावों की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों से स्पष्टीकरण और आगे की कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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