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Patna LPG Crisis: पटना में LPG गैस सिलेंडर को लेकर हिंसा, वेंडर पर हमला, जानिए पूरा मामला

Patna LPG Crisis: बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर वितरण को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पश्चिमी लोहानीपुर इलाके में गुरुवार को एक गैस वितरण कर्मी यानी वेंडर के साथ मारपीट की गई और उसके पास से जबरन गैस सिलेंडर छीन लिए गए। यह घटना लगातार दूसरे दिन हुई, जिससे पूरे शहर में गैस वितरण से जुड़े कर्मियों में डर और बेचैनी का माहौल है।

लोहानीपुर में क्या हुआ?

गुरुवार की दोपहर पश्चिमी लोहानीपुर में एक गैस एजेंसी का वेंडर अपने नियमित रूट पर सिलेंडर बांट रहा था। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उससे पहले बहस शुरू की। देखते ही देखते यह बहस मारपीट में बदल गई और आरोपियों ने उससे जबरदस्ती गैस सिलेंडर छीन लिए।

बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन ऐसी घटना थी। इससे एक दिन पहले बोरिंग कैनाल रोड पर स्थित देवयंती गैस सर्विस के एक वेंडर के साथ भी इसी तरह की मारपीट हुई थी। वहाँ भी कर्मी के साथ बदसलूकी की गई थी और गैस सिलेंडर को लेकर विवाद हुआ था।

एजेंसी संचालकों ने जताई नाराज़गी

Patna LPG Crisis
Patna LPG Crisis

घटना के बाद संबंधित गैस एजेंसी के संचालक ने जिला प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन उनका कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिली है। एजेंसी संचालक का आरोप है कि लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

उनका कहना है कि जब तक वेंडरों को सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक गैस की नियमित आपूर्ति करना मुश्किल हो जाएगा। इस स्थिति में आम लोगों को भी घर पर समय से सिलेंडर नहीं मिल पाएगा।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

जब वेंडर डर के माहौल में काम करेंगे, तो इसका सीधा असर गैस वितरण की रफ्तार पर पड़ेगा। जो परिवार रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए LPG सिलेंडर पर निर्भर हैं, उन्हें लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है। खासकर उन इलाकों में जहाँ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, वहाँ वेंडर जाने से कतराने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन को तुरंत इस मामले में दखल देना चाहिए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और गैस वितरण कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए अब रजिस्ट्रेशन जरूरी

इन घटनाओं के बीच राजधानी पटना में LPG से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद अब कमर्शियल यानी व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके तहत रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान जो कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें संबंधित आयल मार्केटिंग कंपनियों यानी OMCs में अपना पंजीकरण कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के अब कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी।

इस नए नियम के लागू होने के बाद से पटना में रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यापारियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।

रजिस्ट्रेशन से क्या बदलेगा?

इस नई व्यवस्था के तहत कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले हर प्रतिष्ठान की पहचान दर्ज होगी। इससे गैस की कालाबाजारी और घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी। अक्सर देखा जाता रहा है कि कुछ व्यापारी सस्ते दाम पर मिलने वाले घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों में कर लेते हैं, जो कि नियमों के खिलाफ है।

रजिस्ट्रेशन के बाद जो प्रतिष्ठान नियमानुसार पंजीकृत होंगे, उन्हें नियमित और कानूनी तरीके से कमर्शियल सिलेंडर मिलते रहेंगे। इससे उन्हें गैस की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और भविष्य में किसी कानूनी कार्रवाई का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।

होटल और ढाबा संचालक ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

अगर आप रेस्टोरेंट, ढाबा या होटल चलाते हैं और कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपने नज़दीकी गैस एजेंसी या संबंधित आयल मार्केटिंग कंपनी से संपर्क करना होगा। वहाँ ज़रूरी दस्तावेज जमा करने के बाद आपका पंजीकरण हो जाएगा और आपको अलग से एक व्यावसायिक कनेक्शन मिलेगा।

प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जो व्यापारी बिना रजिस्ट्रेशन के कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लेने की सलाह दी जा रही है।

दो मोर्चों पर चुनौती

पटना इस वक्त LPG से जुड़े दो अलग-अलग संकटों से एक साथ जूझ रहा है। एक तरफ गैस वितरण कर्मियों पर बढ़ते हमले और दूसरी तरफ कमर्शियल सिलेंडर की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की कोशिश।

अगर प्रशासन वेंडरों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम नहीं उठाता, तो गैस आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना रहेगा। वहीं रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अगर सही तरीके से लागू होती है, तो इससे लंबे समय में गैस वितरण की व्यवस्था बेहतर और पारदर्शी हो सकती है।

स्थानीय निवासियों और एजेंसी संचालकों की नज़रें अब जिला प्रशासन पर टिकी हैं। उनकी माँग है कि हमलावरों पर एफआईआर दर्ज की जाए, वेंडरों के साथ पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था की जाए और गैस वितरण का काम बिना किसी डर के जारी रहे।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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