Bihar News: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है जो पूरे राज्य में चर्चा का केंद्र बन गया है। बुधवार 22 अप्रैल को हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। लेकिन इनमें सबसे अहम और सबसे ज्यादा चर्चित फैसला है सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने का। इस परियोजना पर कुल 680 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ हरिहरनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ेगा बल्कि बिहार में धार्मिक पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी।
काशी विश्वनाथ की तरह बनेगा हरिहरनाथ कॉरिडोर
वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने धार्मिक पर्यटन की दुनिया में क्रांति ला दी। जब से यह कॉरिडोर बना है, काशी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है। मंदिर तक पहुंचना आसान हुआ है, सुविधाएं बेहतर हुई हैं और पूरे इलाके की काया पलट हो गई है।
सम्राट चौधरी की सरकार बिहार के सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर के साथ भी ऐसा ही करना चाहती है। 680 करोड़ रुपये की इस परियोजना में मंदिर के आसपास का पूरा इलाका नए सिरे से विकसित किया जाएगा। मंदिर तक पहुंचने के रास्ते चौड़े और सुगम बनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, विश्राम स्थल, पार्किंग और अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, एक अनूठी धार्मिक विरासत

सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर बिहार की एक बेहद पुरानी और महत्वपूर्ण धार्मिक विरासत है। यह मंदिर गंडक नदी के किनारे स्थित है और इसका संबंध भगवान विष्णु और शिव दोनों से माना जाता है। हरिहरनाथ का मतलब ही है हरि यानी विष्णु और हर यानी शिव का समन्वय।
यह मंदिर उस जगह के पास है जहां हर साल सोनपुर का विश्व प्रसिद्ध पशु मेला लगता है जो एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। इस मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आते हैं। लेकिन इस मंदिर को अभी तक वह आधुनिक सुविधाएं और पहचान नहीं मिल सकी थी जो इसकी धार्मिक महत्ता के अनुसार मिलनी चाहिए थी। सम्राट सरकार का यह फैसला उसी कमी को दूर करने की कोशिश है।
पर्यटन और रोजगार, दोनों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का तर्क बिल्कुल सही है कि हरिहरनाथ कॉरिडोर बनने से पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। जब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बना तो उसके आसपास होटल, धर्मशाला, दुकानें और छोटे कारोबार सब खूब फले-फूले। हजारों लोगों को सीधे रोजगार मिला। ठीक यही बात सोनपुर में भी होगी।
जब देश-विदेश से श्रद्धालु आएंगे तो उन्हें ठहरने की जगह चाहिए होगी, खाने-पीने की सुविधा चाहिए होगी और दूसरी सेवाएं भी चाहिए होंगी। इससे स्थानीय लोगों को नए रोजगार के मौके मिलेंगे। छोटे व्यापारी, गाइड, टैक्सी और ऑटो चालक, होटल और रेस्तरां सभी को इसका फायदा होगा। सोनपुर और उसके आसपास के गांवों के लोग जो अब तक पर्यटन का पूरा फायदा नहीं उठा पाए थे, उनके लिए यह एक नया मौका होगा।
Bihar News: तारापुर में भी पर्यटन विकास, 15 एकड़ जमीन दी गई
इसी कैबिनेट बैठक में मुंगेर जिले के तारापुर में भी धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने का फैसला हुआ। इसके लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को मुफ्त में दी जाएगी। तारापुर भी एक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है।
इससे यह साफ होता है कि सम्राट चौधरी की सरकार बिहार के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को एक नई पहचान देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार में बोधगया, राजगीर, वैशाली, नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थान हैं। लेकिन राज्य में और भी कई ऐसे स्थान हैं जो अभी तक पर्यटन के नक्शे पर उतनी जगह नहीं बना पाए जितनी उन्हें मिलनी चाहिए।
11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, शहरीकरण की नई योजना
इसी बैठक में एक और बड़ा फैसला यह लिया गया कि राज्य में 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाए जाएंगे। बिहार में तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरों में बढ़ते दबाव को देखते हुए यह जरूरी था। ये नई टाउनशिप पुराने शहरों के पास लेकिन अलग बसाई जाएंगी जिससे शहरी सुविधाएं ज्यादा लोगों तक पहुंचेंगी।
इन टाउनशिप में आधुनिक बुनियादी ढांचा होगा जैसे अच्छी सड़कें, पानी, बिजली, स्कूल, अस्पताल और कारोबारी इलाके। इससे पुराने शहरों पर जनसंख्या का बोझ कम होगा और नए इलाकों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी।
Bihar News: IIT पटना में रिसर्च पार्क और इन्क्यूबेशन सेंटर
कैबिनेट ने आईआईटी पटना में एक रिसर्च पार्क के लिए 305 करोड़ रुपये और इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 39 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी। यह फैसला बिहार के युवाओं और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रिसर्च पार्क में देश-विदेश की बड़ी कंपनियां अपने शोध केंद्र खोल सकेंगी। इससे आईआईटी पटना के छात्रों और शोधकर्ताओं को उद्योग के साथ मिलकर काम करने का मौका मिलेगा। इन्क्यूबेशन सेंटर से नए स्टार्टअप को जरूरी सहायता मिलेगी। बिहार के युवा जो नए व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं उन्हें यहां तकनीकी और आर्थिक मदद मिलेगी।
Bihar News: 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी, 3200 को मोटरसाइकिल
महिला सुरक्षा और पुलिस को आधुनिक बनाने के मोर्चे पर भी इस कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने की मंजूरी दी। इस पूरी योजना पर 66 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
जब पुलिसकर्मियों के पास अपने वाहन होंगे तो वे तेजी से घटनास्थल पर पहुंच सकेंगे। पेट्रोलिंग बेहतर होगी और अपराध पर काबू रखना आसान होगा। महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी देने से उनकी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
75 आईटीआई होंगे आधुनिक, 3615 करोड़ रुपये की योजना
रोजगार और तकनीकी शिक्षा के मोर्चे पर भी सम्राट कैबिनेट ने बड़ा कदम उठाया। प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत बिहार के 75 आईटीआई यानी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। इस पर 3615 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इन आधुनिक आईटीआई में युवाओं को नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा जो बाजार की मांग के अनुसार है। वेल्डिंग, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग जैसे पारंपरिक कोर्सों के साथ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और अन्य आधुनिक विषय भी पढ़ाए जाएंगे।
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