Jharkhand News: झारखंड सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के आठ अंगीभूत कॉलेजों को स्टेट ऑफ द आर्ट बनाने की योजना मंजूर हुई है। इसके साथ पहले से घोषित 17 पॉलिटेक्निक कॉलेजों को मिलाकर कुल 25 शिक्षण संस्थान आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। रांची विश्वविद्यालय के बिरसा कॉलेज खूंटी, कोल्हान विश्वविद्यालय के बहरागोड़ा कॉलेज और जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज समेत कई जगहों पर काम शुरू होगा। इन कॉलेजों में डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक लैब और ग्रीन कैंपस बनाए जाएंगे। छात्रों को बेहतर पढ़ाई और रोजगार के मौके मिलेंगे। सरकार का मकसद राज्य की उच्च शिक्षा को देश के स्तर पर मजबूत बनाना है। पहले पॉलिटेक्निक कॉलेजों पर करीब 55 करोड़ रुपये प्रति संस्थान खर्च का प्रावधान किया जा चुका है। अब अंगीभूत कॉलेजों के लिए भी इसी तर्ज पर योजना तैयार की गई है। इससे युवाओं को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी और राज्य का विकास भी तेज होगा।
Jharkhand News: किन-किन कॉलेजों को मिला है यह मौका
सरकार ने आठ प्रमुख अंगीभूत कॉलेजों को चुना है। रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत बिरसा कॉलेज खूंटी शामिल है। कोल्हान विश्वविद्यालय के बहरागोड़ा कॉलेज और जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज को भी यह दर्जा मिलेगा। सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के देवघर कॉलेज और एस.पी. कॉलेज दुमका भी सूची में हैं। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के रामगढ़ कॉलेज को भी शामिल किया गया है। जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के जे.जे. कॉलेज झुमरी तिलैया और आर.के. महिला कॉलेज गिरिडीह भी इस योजना का हिस्सा बनेंगे। ये सभी कॉलेज अलग-अलग जिलों में फैले हैं। इससे पूरे राज्य में समान रूप से विकास होगा।
ये कॉलेज लंबे समय से पारंपरिक तरीके से चल रहे थे। अब इनकी तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। स्थानीय छात्रों को अपने जिले में ही अच्छी सुविधाएं मिल सकेंगी। बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इन कॉलेजों में
इन संस्थानों को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा। सबसे पहले परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। ग्रीन कैंपस और ऊर्जा बचाने वाले भवन बनाए जाएंगे। आधुनिक प्रयोगशालाएं लगाई जाएंगी जहां छात्र नए-नए प्रयोग कर सकेंगे। डिजिटल क्लासरूम भी तैयार होंगे जहां स्मार्ट बोर्ड और ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध रहेंगे। शोध के लिए अलग केंद्र भी बनाए जाएंगे।
इससे छात्रों की पढ़ाई का स्तर सुधरेगा। वे उद्योग की जरूरत के हिसाब से तैयार हो सकेंगे। रोजगार पाने की संभावना भी बढ़ेगी। कॉलेज परिसर में खेलकूद की सुविधाएं और अच्छी लाइब्रेरी भी विकसित की जाएंगी।
पहले पॉलिटेक्निक कॉलेजों पर भी हुआ है काम
अंगीभूत कॉलेजों से पहले सरकार ने 17 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को स्टेट ऑफ द आर्ट बनाने की घोषणा की थी। इनमें रांची, खूंटी, निरसा, जगन्नाथपुर, आदित्यपुर, भागा, सिमडेगा, कोडरमा, खरसावां, दुमका, साहिबगंज, धनबाद और लातेहार के पॉलिटेक्निक शामिल हैं। महिला पॉलिटेक्निक संस्थान जमशेदपुर, रांची, बोकारो और दुमका भी इसमें हैं।
हर पॉलिटेक्निक पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, हॉस्टल, लाइब्रेरी और 500 लोगों वाले ऑडिटोरियम बनाए जा रहे हैं। स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर और खेल सुविधाएं भी विकसित हो रही हैं। रांची समेत कई जगहों पर निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। बारिश के पानी को बचाने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग भी लगाई जा रही है।
उच्च शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम
झारखंड में लंबे समय से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर चर्चा होती रही है। कई कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। अब सरकार ने ठोस कदम उठाया है। स्टेट ऑफ द आर्ट कॉलेज बनने से पढ़ाई का माहौल बदलेगा। शिक्षक और छात्र दोनों को फायदा होगा। शोध कार्य भी बढ़ेगा।
इस योजना से राज्य के युवाओं को घर बैठे अच्छी शिक्षा मिल सकेगी। बाहर के राज्यों में पढ़ने जाने वाले छात्रों की संख्या कम हो सकती है। स्थानीय स्तर पर कुशल युवा तैयार होंगे जो राज्य के विकास में योगदान दे सकेंगे।
सरकार का यह फैसला राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आठ अंगीभूत कॉलेजों और 17 पॉलिटेक्निक संस्थानों को मिलाकर कुल 25 जगहों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक लैब, ग्रीन कैंपस और बेहतर शोध सुविधाएं छात्रों को नई दिशा देंगी। निर्माण कार्य कई जगहों पर शुरू भी हो चुका है। अगर योजना समय पर पूरी हुई तो झारखंड के युवा देश के अन्य राज्यों के छात्रों के बराबर सुविधाएं पा सकेंगे। उच्च शिक्षा का स्तर सुधरेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कदम राज्य के भविष्य के लिए अच्छा संकेत है।
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Sanjana Gupta
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