CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गरबा उत्सव के दौरान भारी हंगामा हो गया। सिविल लाइन स्थित हॉकी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गरबा पंडाल में गैर-हिंदू युवकों को प्रवेश दिया गया। विवाद बढ़ते ही मंच पर झूमाझटकी और हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।
गरबा कार्यक्रम में विवाद कैसे शुरू हुआ?
दुर्ग नवनिर्माण समिति की ओर से सिविल लाइन हॉकी ग्राउंड में भव्य गरबा उत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम शुरू होते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मंच तक पहुंच गए। उनका कहना था कि गरबा पंडाल में मुस्लिम युवकों को प्रवेश दिया गया है, जो उनके अनुसार हिंदू धर्म के पवित्र कार्यक्रम के लिए उचित नहीं है। देखते-देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मंच पर हाथापाई शुरू हो गई।
कांग्रेस नेता धीरज बाकलीवाल के साथ भी प्रदर्शनकारी उलझते नजर आए। बाकलीवाल ने कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह निशुल्क है और जो भी माता रानी के प्रति सच्ची आस्था रखता है, वह यहां आ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
विरोध करने वाले संगठनों ने क्या कहा?
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी रामलोचन तिवारी ने कहा कि हिंदू धर्म के पवित्र गरबा उत्सव में मुस्लिम युवकों का शामिल होना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तिलक लगाकर और गंगाजल छिड़ककर प्रवेश देने की बात कही। बजरंग दल के पदाधिकारी ने कहा कि हिंदू हित की रक्षा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने उल्टे एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के एसपी का पुतला दहन करेंगे।
एफआईआर दर्ज होने के बाद शहर में सियासी और सामाजिक माहौल गर्म हो गया है। हिंदू संगठनों ने कहा है कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मामले में 9 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्र ने कहा कि मामले में अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन इस बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश में है।
एक तरफ आयोजक इसे आस्था का पर्व बता रहे हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बजरंग दल इसे साजिश बताते हुए अपनी शिकायत पर कार्रवाई चाहता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तनाव को कैसे शांत कराता है।
अब आगे क्या हो सकता है?
दुर्ग में इस घटना के बाद धार्मिक उत्सव और कानून-व्यवस्था का मुद्दा चर्चा में आ गया है। आयोजकों और विरोध करने वाले संगठनों के बीच बयानबाजी जारी है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हिंदू संगठनों की तरफ से एसपी का पुतला फूंकने की चेतावनी दी गई है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
स्थानीय प्रशासन को दोनों पक्षों की बात सुनकर शांति बनाए रखने की चुनौती है। गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई यह हाथापाई अब सिर्फ स्थानीय घटना नहीं रह गई है, बल्कि धार्मिक आस्था और प्रवेश को लेकर बड़े विवाद का रूप ले चुकी है।
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