Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे हावड़ा और नई दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस चलाने जा रहा है। यह ट्रेन धनबाद के रास्ते गुजरेगी और राजधानी एक्सप्रेस से भी कम समय में यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाएगी। नवी मुंबई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर रेल लाइन और सिग्नल सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सके। आधिकारिक समय सारणी और लॉन्च डेट पर रेलवे बोर्ड की मुहर अभी बाकी है। देश भर में 200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण का जिम्मा चार प्रमुख कंपनियों को दिया गया है। इस नई ट्रेन से पूर्वी भारत के यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा। हावड़ा-नई दिल्ली रूट देश के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। यहां आधुनिक स्लीपर ट्रेन आने से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी।
Vande Bharat Sleeper Train: नवी मुंबई की बैठक में मिली हरी झंडी
नवी मुंबई में आठ से दस अक्टूबर के बीच रेलवे की एक बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में हावड़ा-नई दिल्ली रूट पर वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव पास हुआ। बैठक में उच्च अधिकारियों ने पूरे प्लान पर चर्चा की। धनबाद होते हुए यह रूट चुना गया है।
यह ट्रेन मौजूदा राजधानी एक्सप्रेस से तेज चलेगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन को तेज रफ्तार के लायक बनाया जाए। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब अगले चरण की तैयारी शुरू हो गई है।
ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर तेज रफ्तार की तैयारी
हावड़ा से नई दिल्ली का रास्ता ग्रैंड कॉर्ड से होकर गुजरता है। इस सेक्शन पर ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे लाइन और सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है। लक्ष्य है कि ट्रेन बिना रुकावट के 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ सके।
इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का काम तेजी से चल रहा है। इससे न सिर्फ वंदे भारत स्लीपर बल्कि अन्य ट्रेनों की रफ्तार भी सुधरेगी। यात्रियों को सफर में कम समय लगेगा और सुविधा भी बढ़ेगी।
राजधानी एक्सप्रेस से कम समय में सफर
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस राजधानी एक्सप्रेस से भी तेज होगी। अभी आधिकारिक समय सारणी जारी नहीं हुई है। लेकिन रेलवे का दावा है कि यह ट्रेन नया कीर्तिमान बनाएगी। हावड़ा से नई दिल्ली का सफर अब पहले से कम समय में पूरा हो सकेगा।
स्लीपर कोच होने की वजह से रात के सफर में यात्रियों को आराम मिलेगा। दिन और रात दोनों समय की सुविधा एक साथ उपलब्ध होगी। व्यस्त रूट पर यह नया विकल्प यात्रियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
200 से ज्यादा स्लीपर ट्रेन सेट बनाने का लक्ष्य
भारतीय रेलवे ने देश के बड़े शहरों को जोड़ने के लिए 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट बनाने का प्लान बनाया है। ये ट्रेन सेट आधुनिक डिजाइन वाले होंगे। निर्माण का काम देश और विदेश की कंपनियों को सौंपा गया है।
इस बड़े लक्ष्य से पूरे देश में सेमी हाई स्पीड ट्रेनों का जाल बिछेगा। पूर्वी क्षेत्र को भी इसका फायदा मिलेगा। हावड़ा-नई दिल्ली रूट इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
किन कंपनियों को मिला निर्माण का जिम्मा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बनाने की जिम्मेदारी चार कंपनियों को दी गई है। इनमें भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड यानी बीईएमएल शामिल है। काइनेट नाम की कंपनी भी इस काम में लगी है। टिटागढ़ और भेल का कंसोर्टियम भी निर्माण करेगा। इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई यानी आईसीएफ भी इसमें शामिल है। ये कंपनियां ट्रेन सेट के डिजाइन और निर्माण दोनों का जिम्मा संभालेंगी। आधुनिक सुविधाओं वाले कोच तैयार किए जाएंगे। इससे देश में ही हाई क्वालिटी ट्रेन बन सकेंगी।
शेड्यूल और लॉन्च डेट पर अभी इंतजार
नवी मुंबई की बैठक में रूट को मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन अंतिम समय सारणी और लॉन्च की तारीख पर रेलवे बोर्ड की औपचारिक मंजूरी बाकी है। जब तक बोर्ड की मुहर नहीं लगती तब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होगी।
रेलवे इस बीच इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार रखने पर जोर दे रहा है। ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन के अपग्रेड का काम पूरा होने के बाद ट्रेन शुरू की जा सकती है। यात्री अभी से इस नई सेवा का इंतजार कर रहे हैं।
हावड़ा और नई दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस चलाने का फैसला रेलवे के लिए बड़ा कदम है। धनबाद होते हुए यह ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस से तेज रफ्तार पकड़ेगी। ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के लायक बनाया जा रहा है। 200 से ज्यादा स्लीपर ट्रेन सेट बनाने का लक्ष्य भी तय हो चुका है। निर्माण का जिम्मा बीईएमएल, काइनेट, टिटागढ़-भेल और आईसीएफ को दिया गया है। शेड्यूल और लॉन्च डेट पर रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है। इस ट्रेन से पूर्वी भारत के यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक सफर का नया विकल्प मिलेगा। व्यस्त रूट पर सुविधा बढ़ेगी और समय की बचत होगी।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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