Odisha News: ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व एक नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। वन विभाग ने 2026-27 के पर्यटन सत्र के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। घने जंगलों, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता के लिए मशहूर इस रिजर्व में पर्यटकों को प्रवेश देने के साथ-साथ वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कई सख्त नियम भी लागू किए गए हैं। रोजाना सीमित संख्या में वाहनों को ही अंदर जाने दिया जाएगा और जीप सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व कब खुलेगा और कितने वाहनों को एंट्री मिलेगी?
वन विभाग के अनुसार सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए खुलेगा। पर्यटन प्रबंधन और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन अधिकतम 60 चारपहिया वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इनमें से 35 वाहन जसिपुर गेट से और 25 वाहन पीठाबाटा गेट से अंदर जा सकेंगे। इससे ज्यादा वाहनों को एंट्री नहीं दी जाएगी। भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
वाहन का ग्राउंड क्लीयरेंस कम से कम 180 मिलीमीटर होना जरूरी है। साथ ही वाहन के सभी वैध दस्तावेज होने चाहिए। ये नियम इसलिए लगाए गए हैं ताकि जंगल के अंदर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहे और जानवरों को कम से कम परेशानी हो। सिमिलिपाल जैसे संवेदनशील इलाके में बहुत ज्यादा वाहन आने से वन्यजीवों पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए विभाग ने संख्या सीमित रखी है।
पर्यटकों को कैसे बुकिंग करनी होगी और एंट्री का समय क्या है?
सिमिलिपाल घूमने के लिए पर्यटकों को इसकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए पहले से प्रवेश पास बुक करना होगा। ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य है। मौके पर बिना बुकिंग के एंट्री नहीं मिलेगी। गाइड भी अनिवार्य होगा। पीठाबाटा गेट से सुबह आठ से नौ बजे तक और जसिपुर गेट से सुबह पांच से नौ बजे तक प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
समय की यह सीमा इसलिए रखी गई है ताकि पर्यटक दिन के उजाले में ही जंगल घूम सकें और शाम होने से पहले बाहर आ जाएं। गाइड के बिना अकेले घूमने की इजाजत नहीं होगी। इससे पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ जंगल के नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो सकेगा। जो लोग जीप सफारी करना चाहते हैं, उन्हें भी इन्हीं नियमों के तहत बुकिंग करनी होगी।
सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व की खासियत क्या है?
सिमिलिपाल ओडिशा के सबसे महत्वपूर्ण टाइगर रिजर्व में से एक है। यहां घने जंगल, पहाड़, झरने और अलग-अलग तरह के वन्यजीव पाए जाते हैं। बाघ, हाथी, हिरण और कई दुर्लभ पक्षी यहां देखे जा सकते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता की वजह से यह जगह पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
वन विभाग ने साफ कहा है कि पर्यटन खुलेगा लेकिन वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा सबसे पहले रहेगी। पिछले वर्षों में भी रिजर्व पर्यटकों के लिए खोला जाता रहा है, लेकिन इस बार वाहनों की संख्या और नियमों को और सख्त किया गया है। इससे उम्मीद है कि जंगल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और पर्यटक भी सुरक्षित तरीके से घूम सकेंगे।
पर्यटकों के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?
पर्यटकों को जंगल में घूमते समय विभाग के सभी नियमों का पालन करना होगा। शोर मचाना, प्लास्टिक फेंकना, जानवरों को छेड़ना या रास्ते से हटकर जाना मना रहेगा। वाहन को निर्धारित स्पीड में ही चलाना होगा। गाइड की सलाह माननी जरूरी होगी। जो लोग पहली बार सिमिलिपाल जा रहे हैं, उन्हें पहले से बुकिंग कर लेनी चाहिए क्योंकि रोजाना सिर्फ 60 वाहनों को ही एंट्री मिलेगी।
जसिपुर और पीठाबाटा दोनों गेटों से प्रवेश की व्यवस्था है, इसलिए पर्यटक अपनी सुविधा के हिसाब से गेट चुन सकते हैं। बुकिंग करते समय गेट और समय का ध्यान रखना होगा। वाहन का ग्राउंड क्लीयरेंस और दस्तावेज चेक करवाकर ही एंट्री दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रवेश रद्द भी किया जा सकता है।
इस बार पर्यटन खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के मौके भी बढ़ने की उम्मीद है। गाइड, ड्राइवर और आसपास के होमस्टे संचालकों को फायदा हो सकता है। लेकिन विभाग का जोर इस बात पर है कि पर्यटन टिकाऊ हो और जंगल की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व 1 नवंबर से फिर से पर्यटकों का स्वागत करेगा, लेकिन सीमित संख्या और सख्त नियमों के साथ। जो लोग यहां घूमने की योजना बना रहे हैं, उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समय पर बुकिंग कर लेनी चाहिए।
ओडिशा के मयूरभंज जिले का यह रिजर्व राज्य के पर्यटन नक्शे पर एक महत्वपूर्ण जगह रखता है। वन विभाग की नई अधिसूचना से साफ है कि इस बार सुरक्षा और सीमित प्रवेश पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। पर्यटकों को नियमों का पालन करते हुए प्रकृति का आनंद लेने का मौका मिलेगा।
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