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UP News: अखिलेश यादव का ऐलान, 26 नवंबर को आएगा सपा का घोषणा पत्र; चुनावी रणनीति पर नजरें

UP News: लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी 26 नवंबर को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने इस चुनाव को सिर्फ सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने का चुनाव बताया।

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश ही देश को बचाएगा और वर्तमान सरकार का सफाया तय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर एकजुट होकर काम करने और मतदाता सूची की बारीकी से निगरानी करने का आह्वान किया। विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्याय के आरोप लगाए तथा कहा कि पीडीए संविधान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का आरोप भी लगाया। उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे 24 अक्टूबर को अपने-अपने बूथ पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और नाम कटने की प्रक्रिया पर नजर रखें। यह बैठक आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सपा घोषणा पत्र कब जारी होगा?

अखिलेश यादव ने साफ ऐलान किया है कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। यह तारीख संविधान दिवस के आसपास पड़ती है, जिससे पार्टी संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे को और मजबूत करना चाहती है। घोषणा पत्र में युवाओं, किसानों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों से जुड़े वादे शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी का मानना है कि समय पर घोषणा पत्र जारी करने से कार्यकर्ताओं को मैदान में उतरने का स्पष्ट एजेंडा मिल जाएगा।

अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव को क्यों कहा लोकतंत्र बचाने का चुनाव?

अखिलेश यादव का कहना है कि मौजूदा सरकार में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं और संविधान की मूल भावना पर हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का है। उनका दावा है कि अगर उत्तर प्रदेश में बदलाव होता है तो देशभर में इसका असर पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि पीडीए का मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि संविधान को मजबूत करना भी है।

मतदाता सूची की निगरानी को लेकर क्या निर्देश दिए गए?

बैठक में अखिलेश यादव ने विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर फोकस किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर नाम काटने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि 24 अक्टूबर को वे अपने-अपने बूथ पर पहुंचकर सूची की जांच करें। नाम जुड़वाने और नाम कटने दोनों प्रक्रियाओं पर नजर रखने को कहा गया है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता वंचित न रहे।

विजयदशमी के मौके पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?

विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में अन्याय, महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याएं चरम पर हैं। उनका संदेश था कि जैसे विजयदशमी पर रावण का अंत होता है, उसी तरह अन्याय और भ्रष्टाचार का भी अंत होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर मैदान में उतरने की अपील की।

पीडीए और संविधान को लेकर सपा का क्या रुख है?

अखिलेश यादव ने साफ कहा कि पीडीए संविधान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ-साथ सभी वर्गों के हितों की रक्षा करना पार्टी का लक्ष्य है। बैठक में उन्होंने जोर दिया कि कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मजबूत रहें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करें। पार्टी का मानना है कि संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर जनता का समर्थन मिलेगा।

यह बैठक उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने वाली मानी जा रही है। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे मैदान में पूरी ताकत से उतरें। 26 नवंबर को जारी होने वाला घोषणा पत्र पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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