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चोरबागान हादसे के बाद बंगाल में विसर्जन पर कड़ा पहरा, चार शहरों में 18 IPS अधिकारी तैनात

West Bengal Visarjan Security: कोलकाता के चोरबागान में हुई भगदड़ की त्रासदी के बाद पश्चिम बंगाल सरकार दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गई है। राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार कोलकाता, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में विसर्जन की सीधी निगरानी के लिए कुल 18 वरिष्ठ IPS अधिकारी तैनात किए गए हैं। इनमें अकेले कोलकाता पुलिस कमिश्नरेट में 12 अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विजयादशमी यानी 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक चलने वाली चार दिवसीय विसर्जन प्रक्रिया में ये अधिकारी रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी संभालेंगे।

चोरबागान त्रासदी: 17 अक्टूबर की वह शाम

महासप्तमी के दिन, 17 अक्टूबर की शाम कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल हुए। त्योहार के उल्लास के बीच हुई इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उस वक्त मूसलाधार बारिश हो रही थी। इसी दौरान पंडाल ढहने की अफवाह फैली और लोग जान बचाने के लिए एक साथ भागने लगे। अफरा-तफरी में कई लोग गिर पड़े और भीड़ के नीचे दब गए।

चार शहरों में 18 IPS अधिकारियों को कमान

इस घटना के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन ने विसर्जन के लिए सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता करने का फैसला किया। राज्य के चार प्रमुख शहरों में विसर्जन की निगरानी के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। प्रशासन का मकसद घाटों और जुलूस मार्गों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था को समय रहते रोकना है।

कोलकाता के अलावा हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में दो-दो आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह कोलकाता में 12 और बाकी तीन शहरों में कुल 6 अधिकारी विसर्जन प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।

21 से 24 अक्टूबर तक रोस्टर ड्यूटी

प्रशासन ने 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक चलने वाली विसर्जन प्रक्रिया के लिए अधिकारियों की रोस्टर ड्यूटी तय की है। 24 अक्टूबर को शनिवार पड़ रहा है। अधिकारियों को दो समूहों में बांटा गया है, ताकि हर दिन अनुभवी अफसर मौके पर मौजूद रहें और निगरानी में कोई कमी न रहे। इस व्यवस्था के तहत 21 और 23 अक्टूबर के लिए एक समूह और 22 और 24 अक्टूबर के लिए दूसरा समूह तय किया गया है। यही क्रम हावड़ा में भी लागू होगा।

कोलकाता में तैनात 12 अफसरों की सूची

कोलकाता में 21 और 23 अक्टूबर को गौरव शर्मा, सोमा दास मित्रा, रशीद मुनीर खान, आकाश मगरिया, सुरेश कुमार चाडीवे और धृतिमान सरकार विसर्जन की निगरानी करेंगे। ये अधिकारी शहर के प्रमुख विसर्जन स्थलों पर भीड़ और यातायात की स्थिति पर नजर रखेंगे।

वहीं 22 और 24 अक्टूबर को प्रवीण कुमार त्रिपाठी, इमरान वहाब, शीश राम झाझरिया, सौम्य रॉय, पारिजात विश्वास और सिद्धार्थ धापोला कोलकाता के घाटों और जुलूस मार्गों की कमान संभालेंगे। इस तरह राजधानी में चारों दिन वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी बनी रहेगी।

हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर की व्यवस्था

हावड़ा में इंद्र चक्रवर्ती 21 और 23 अक्टूबर को तथा अवारू रवींद्रनाथ 22 और 24 अक्टूबर को विसर्जन का जिम्मा संभालेंगे। बैरकपुर में पलाश चंद्र ढाली और द्युतिमान भट्टाचार्य को तैनात किया गया है। चंदननगर में अभिजीत बनर्जी और संदीप मंडल निगरानी करेंगे।

इन तीनों शहरों में भी विसर्जन के दौरान भारी भीड़ जुटती है। इसलिए प्रशासन ने यहां भी वरिष्ठ स्तर के अफसरों को जिम्मेदारी देकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की है।

SIT जांच में 7 आरोपी गिरफ्तार

चोरबागान हादसे की जांच कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम यानी SIT कर रही है। अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने सभी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस भगदड़ के कारणों और अफवाह फैलने की कड़ियों को खंगाल रही है।

जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि पंडाल में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के इंतजाम किस स्तर के थे। हालांकि जांच जारी है, इसलिए फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

राजनीतिक हलचल और हाईकोर्ट का निर्देश

इस त्रासदी के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। शुभेंदु अधिकारी तीन मृतकों के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये के चेक सौंपे। इस मुलाकात की काफी चर्चा रही।

इसके अलावा कोलकाता हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन करे। अदालत के इस निर्देश को हादसे की निष्पक्ष और गहन जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

विसर्जन में सतर्कता की परीक्षा

अब सबकी नजर विसर्जन के चार दिनों पर टिकी है। चोरबागान हादसे के बाद प्रशासन के सामने चुनौती है कि भीड़ वाले घाटों और जुलूस मार्गों पर कोई अप्रिय घटना न हो। आईपीएस अधिकारियों की सीधी निगरानी इसी चुनौती का जवाब मानी जा रही है।

चोरबागान सर्वजनीन पूजा में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ ने 19 परिवारों को गहरा दुख दिया है। इस हादसे के बाद बंगाल सरकार ने कोलकाता, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में 18 IPS अधिकारियों को विसर्जन की कमान सौंपकर सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। SIT जांच जारी है और 7 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि हाईकोर्ट ने जांच आयोग बनाने का निर्देश दिया है। आने वाले दिनों में विसर्जन की शांतिपूर्ण समाप्ति ही प्रशासन की तैयारियों की असली कसौटी होगी।

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Author: Sanjna Gupta

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