MP News: भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वोट चोरी के दावों के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू कर दी है। उन्होंने मंगलवार को उज्जैन से इसकी शुरुआत की। यात्रा करीब 930 किलोमीटर की है और अयोध्या में इसका समापन होगा। दिग्विजय सिंह ने साफ कहा है कि यह उनकी निजी यात्रा है और इससे कांग्रेस का कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस पार्टी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इस यात्रा से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी का साथ नहीं मिला। यात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से गुजरेगी।
दिग्विजय सिंह ने यात्रा क्यों शुरू की?
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में भगवान महाकाल और चिंतामन गणेश के दर्शन के बाद यात्रा शुरू की। शुरुआत से पहले इंदौर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत यात्रा है। उन्होंने वोट चोरी और चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दे उठाने के साथ सनातन परंपरा और सामाजिक सरोकारों पर संवाद की बात कही है। यात्रा कई चरणों में पूरी होगी और विभिन्न स्थानों पर जन संवाद किया जाएगा।
कांग्रेस ने दूरी क्यों बनाई?
कांग्रेस ने साफ कहा है कि यात्रा से उसका कोई संबंध नहीं है। पार्टी का मानना है कि चढ़ावा चोरी और मंदिर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने पर भाजपा इसे सनातन पर हमले के रूप में पेश कर सकती है। इससे कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप लग सकता है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को भी आशंका है कि दिग्विजय सिंह सवर्ण-सनातन कार्ड खेलकर विपक्षी गठबंधन के PDA नैरेटिव को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए कांग्रेस ने दूरी बना ली है।
यात्रा का रूट और अवधि क्या है?
यात्रा उज्जैन से शुरू हुई है और अयोध्या में खत्म होगी। कुल दूरी करीब 930 किलोमीटर है। यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से गुजरेगी। यात्रा कई चरणों में पूरी होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर जन संवाद होगा। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने टिप्पणी की कि कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को कोई काम नहीं दिया इसलिए वे यात्रा पर निकले हैं।
यात्रा के राजनीतिक मायने क्या हो सकते हैं?
यात्रा को गैर राजनीतिक बताया गया है लेकिन इसके गहरे राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं। दिग्विजय सिंह ने वोट चोरी और चढ़ावा चोरी के मुद्दे उठाए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इससे दूरी बनाई है क्योंकि उसे डर है कि भाजपा इसे सनातन पर हमले के रूप में पेश करेगी। उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने इससे अलग रहने का फैसला किया है। दिग्विजय सिंह जैसे नेता के सड़क पर उतरने के राजनीतिक मायने हो सकते हैं।
आगे क्या संभावना है?
यात्रा अयोध्या तक जारी रहेगी। दिग्विजय सिंह विभिन्न स्थानों पर जन संवाद करेंगे। कांग्रेस ने पार्टी स्तर पर कोई समर्थन नहीं दिया है। यात्रा के दौरान उठने वाले मुद्दों पर राजनीतिक चर्चा जारी रह सकती है। फिलहाल दिग्विजय सिंह ने इसे निजी यात्रा बताकर शुरू किया है और कांग्रेस ने इससे दूरी बना ली है।
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की है। कांग्रेस ने साफ किया है कि इससे उसका कोई लेना-देना नहीं है। यात्रा करीब 930 किलोमीटर की है और अयोध्या में खत्म होगी। दिग्विजय सिंह ने इसे अपनी व्यक्तिगत यात्रा बताया है।
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