Badampahar Puri Direct Train: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पैतृक गांव बादामपहाड़ से ओडिशा के पुरी तक सीधी रेल सेवा शुरू करने को रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। यह फैसला झारखंड और ओडिशा के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। खासकर जमशेदपुर, रायरंगपुर, चाईबासा और आसपास के इलाकों के यात्रियों को अब पुरी आने-जाने में अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे ने ट्रेन संख्या और समय-सारिणी जारी कर दी है, हालांकि नियमित परिचालन शुरू होने की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
नई ट्रेन से कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों को पुरी जाने के लिए बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों में बचत हो सकती है। साथ ही पुरी के जगन्नाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह सीधा विकल्प उपलब्ध होगा।
बादामपहाड़-पुरी ट्रेन का समय-सारिणी क्या है?
रेल मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, ट्रेन संख्या 18411 रोजाना रात 11:45 बजे पुरी से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर करीब 1:45 बजे बादामपहाड़ पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 18412 बादामपहाड़ से शाम 4 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 6 बजे पुरी पहुंच जाएगी। शुरुआती चरण में इस ट्रेन में नौ कोच लगाए जाएंगे।
यह व्यवस्था यात्रियों को रात भर की यात्रा के बाद दिन के समय गंतव्य पहुंचने की सुविधा देगी। पुरी से निकलने वाली ट्रेन अगले दिन दोपहर तक बादामपहाड़ पहुंचती है, जबकि वापसी ट्रेन शाम को शुरू होकर सुबह पुरी पहुंचती है। रेलवे का कहना है कि परिचालन शुरू होने की तारीख का एलान अलग से किया जाएगा।
ट्रेन किन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी?
नई ट्रेन रायरंगपुर, टाटानगर, राजखरसावां और चाईबासा होते हुए चलेगी। दोनों दिशाओं में यह खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, मंचेश्वर, कटक, जखापुरा, सुकिंदा रोड, हरिचंदनपुर, केंदुझर, नयागढ़, बांसपानी, देवझर, डांगोआपोसी, झींकपानी, चाईबासा, राजखरसावां, सिनी, टाटानगर, औंलाजोरी और रायरंगपुर स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
ये स्टेशन झारखंड और ओडिशा के उन इलाकों को जोड़ते हैं जहां पहले सीधी रेल सेवा सीमित थी। चाईबासा और टाटानगर जैसे स्टेशन कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि कटक और भुवनेश्वर ओडिशा के प्रमुख केंद्र हैं। इस रूट से आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की बात कही जा रही है।
झारखंड और ओडिशा के यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस ट्रेन के शुरू होने से जमशेदपुर और आसपास के यात्रियों को पुरी जाने के लिए अब बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले कई यात्रियों को भुवनेश्वर या अन्य स्टेशनों पर उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। सीधी सेवा से यात्रा आसान होने के साथ समय और किराए दोनों में बचत की संभावना है।
पुरी जगन्नाथ मंदिर के कारण साल भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। बादामपहाड़ और आसपास के इलाकों से आने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन सुविधाजनक विकल्प बनेगी। साथ ही व्यापारिक और अन्य उद्देश्यों से यात्रा करने वालों को भी फायदा हो सकता है। रेलवे का मानना है कि इससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन और बेहतर होगा।
बादामपहाड़ का राष्ट्रपति से क्या संबंध है?
बादामपहाड़ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पैतृक गांव है। वे ओडिशा के मयूरभंज जिले से ताल्लुक रखती हैं और आदिवासी समुदाय से आती हैं। उनके गांव से सीधी रेल सेवा शुरू करने का फैसला क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में देखा जा रहा है। मुर्मू देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं और उनका गांव पहले से रेलवे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, लेकिन पुरी तक सीधी ट्रेन की मांग लंबे समय से उठती रही थी।
यह मंजूरी क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने वाले प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। बादामपहाड़ और आसपास के इलाके खनिज समृद्ध हैं और यहां से ओडिशा के अन्य हिस्सों तक यात्रा की जरूरत बनी रहती है।
हाल के अन्य रेलवे फैसलों से क्या संबंध है?
हाल ही में रेलवे बोर्ड ने धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस के परिचालन को भी मंजूरी दी है। ट्रेन संख्या 22363/22364 के शुरू होने से झारखंड समेत बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के यात्रियों को फायदा होगा। बादामपहाड़-पुरी ट्रेन की मंजूरी इसी दिशा में एक और कदम है, जिसमें पूर्वी भारत के रेल नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।
दोनों फैसलों से झारखंड के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। रेलवे का ध्यान उन रूटों पर है जहां पहले सीधी सेवा नहीं थी या यात्रियों को बीच में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। बादामपहाड़-पुरी सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को अब केवल आधिकारिक उद्घाटन और नियमित परिचालन की तारीख का इंतजार है।
इस ट्रेन के चलने से पुरी के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि झारखंड और पश्चिम ओडिशा के इलाकों से श्रद्धालुओं की संख्या अच्छी-खासी रहती है। रेलवे ने शुरुआती चरण में सीमित कोचों के साथ सेवा शुरू करने का फैसला किया है, जिसे बाद में यात्री मांग के हिसाब से बढ़ाया जा सकता है।
Read More Here:-
Amit Shah Birthday: अमित शाह के जन्मदिन पर पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने दी बधाई, जानें क्या कहा
यूपी में SIR 2027 के दौरान अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक, चुनाव आयोग सख्त
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

