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Cyclone Threat in Odisha: ओडिशा पर एक और चक्रवात का खतरा, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने की संभावना

Cyclone Threat in Odisha: ओडिशा पर अक्टूबर महीने में एक और चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। उत्तर अंडमान सागर में एक चक्रवाती सर्कुलेशन प्रवेश कर चुका है और यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग और अंतरराष्ट्रीय मॉडल इस सिस्टम पर नजर रखे हुए हैं। 23 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है और तेज हो सकता है।

क्या कह रहे हैं मौसम मॉडल?

कई अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडल बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने की संभावना जता रहे हैं। यूरोपियन वेदर मॉडल के अनुसार यह सिस्टम 27 अक्टूबर के आसपास तट के करीब पहुंच सकता है और 28 अक्टूबर को लैंडफॉल कर सकता है। हालांकि इसका सटीक रास्ता, लैंडफॉल का स्थान और समय अभी तय नहीं हो पाया है। कुछ मॉडल यह भी संकेत दे रहे हैं कि सिस्टम आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के साथ आगे बढ़ सकता है। अभी स्थिति साफ नहीं है क्योंकि सिस्टम का विकास जारी है।

आईएमडी का स्टैंड

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अभी तक चक्रवात की संभावना को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थितियां सिस्टम के तेज होने के लिए अनुकूल हो सकती हैं। मौसम विज्ञानी सरत चंद्र साहू के अनुसार कई मॉडल बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के तेज होने का संकेत दे रहे हैं। लेकिन इसकी दिशा और तीव्रता को लेकर अभी स्पष्ट तस्वीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी निश्चित आकलन करना जल्दबाजी होगी। अनुकूल मौसम स्थितियों के कारण सिस्टम डीप डिप्रेशन से साइक्लोनिक स्टॉर्म तक पहुंच सकता है, लेकिन इसकी अंतिम तीव्रता अभी अनिश्चित है।

ओडिशा के लिए क्या मतलब ?

ओडिशा अक्टूबर में अक्सर चक्रवाती तूफानों का सामना करता रहा है। इस बार भी सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर निर्भर करेगा कि इसका कितना असर राज्य पर पड़ेगा। अगर सिस्टम तेज होकर तट की ओर बढ़ा तो भारी बारिश, तेज हवाएं और तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। अभी तक कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन और मौसम विभाग सिस्टम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में सिस्टम के विकास के आधार पर और स्पष्ट जानकारी मिल सकती है।

आगे की निगरानी

अभी सिस्टम उत्तर अंडमान सागर में है और धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। 23 अक्टूबर को लो प्रेशर बनने के बाद उसकी दिशा और तीव्रता तय होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति और साफ होगी। अगर सिस्टम तेज होता है तो तटीय जिलों को अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। फिलहाल लोगों को आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग आने वाले दिनों में और जानकारी साझा करेगा।

ओडिशा में अक्टूबर का यह मौसम चक्रवाती गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। इस बार भी सिस्टम का विकास करीब से देखा जा रहा है। अगर यह तेज हुआ तो राज्य के तटीय इलाकों पर असर पड़ सकता है। अभी तक कोई निश्चित पूर्वानुमान नहीं है, लेकिन तैयारी के लिहाज से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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