CG News: रायपुर और दुर्ग जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को दो कारोबारियों के आवास और कार्यालयों पर दबिश दी। कार्रवाई मनी लांड्रिंग मामले से जुड़ी बताई जा रही है। अधिकारियों ने दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जांच की। रायपुर के कारोबारी के यहां से 16 लाख रुपये नकदी बरामद हुई, जबकि दूसरे ठिकाने से मोबाइल फोन, लैपटॉप और वित्तीय कागजात जब्त किए गए।
किन कारोबारियों पर छापे पड़े?
रायपुर में ज्वेलरी और जमीन के कारोबारी नितिन डागा से जुड़े रवि नगर स्थित सुशील विला में ईडी टीम पहुंची। दुर्ग में गुलशन कुमार बघेल के ऋषभ ग्रीन सिटी स्थित आवास और रायपुर के मालवीय नगर स्थित कार्यालय की तलाशी ली गई। दोनों जगहों पर दिन भर दस्तावेजों की जांच चली। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और रकम की हेराफेरी से जोड़कर देखा जा रहा है। करीब 30 करोड़ रुपये एक महिला अधिकारी तक पहुंचाने वाले लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है।
गुलशन बघेल परिवहन व्यवसाय और अन्य कारोबारों से जुड़े हैं। उनके नाम पर बघेल कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड सहित कई फर्म चलने की जानकारी मिली है। जब्त दस्तावेजों के आधार पर आगे जांच बढ़ने की संभावना है।
ईडी ने क्या जब्त किया?
नितिन डागा के ठिकाने से 16 लाख रुपये नकदी बरामद हुई। गुलशन बघेल के आवास से करीब 15 मोबाइल फोन, लैपटॉप और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए। अधिकारी इन सामानों और कागजातों की गहन जांच कर रहे हैं। तलाशी के दौरान दोनों कारोबारियों से जुड़े लेनदेन के रिकॉर्ड खंगाले गए।
मामला किस घोटाले से जुड़ा है?
कार्रवाई को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि करीब 30 करोड़ रुपये की रकम एक महिला अधिकारी तक पहुंचने के आरोपों की पड़ताल चल रही है। ईडी दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के जरिए पैसे के स्रोत और इस्तेमाल का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
गुलशन बघेल पहले भी विवादों में क्यों रहे?
गुलशन बघेल पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। उन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का रिश्तेदार बताकर रसूख दिखाने और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप थे। योग शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में वे जेल भी जा चुके हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में उनके नाम पर पुराने मामले दर्ज रहे हैं।
आगे क्या होगा?
ईडी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच करेगी। वित्तीय लेनदेन का पूरा ट्रेल खंगाला जाएगा। जरूरत पड़ी तो दोनों कारोबारियों को समन जारी किया जा सकता है। शराब घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी जांच का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल आधिकारिक बयान में और विवरण आने बाकी हैं।
छत्तीसगढ़ में ईडी की हालिया कार्रवाइयों का क्या मतलब है?
यह दबिश राज्य में मनी लांड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा मानी जा रही है। शराब घोटाले से जुड़े आरोपों की जांच लंबे समय से चल रही है। ऐसी कार्रवाइयों से बड़े लेनदेन और संदिग्ध रकम के प्रवाह पर नजर रखने का प्रयास दिखता है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
ईडी की टीम ने दोनों जिलों में समन्वित कार्रवाई की। जब्त सामग्री की जांच से आगे के कदम तय होंगे। मामले की निगरानी जारी है।
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