MP News: इंदौर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी को ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपित महिला ने पहले से 80 लाख रुपये वसूल लिए थे और अब एक करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत कारोबारी की पत्नी कृतिका तलरेजा ने दर्ज कराई थी। मामला राजमहल कालोनी से जुड़ा है और इसमें सरोगेसी, धमकी और पुराने समझौते की बातें सामने आई हैं।
मामले की शुरुआत कैसे हुई?
कृतिका और उनके पति संतोष तलरेजा की एक बेटी स्पेशल चाइल्ड है। कृतिका दोबारा मां नहीं बन सकती थीं, इसलिए दंपती ने आरोपित महिला से सरोगेट मदर बनने की बात की। सरोगेसी से पहली बेटी हुई, लेकिन महिला ने उसे सौंपने से मना कर दिया। दूसरा बेटा होने पर उसे भी अपने पास रख लिया। महिला ने बच्चों के नाम पर फ्लैट और फिक्स्ड डिपॉजिट भी करवा लीं। वह खुद विवाहित है और पति के साथ रहती है। उसने अपने पति से जन्मी बेटी को भी संतोष का नाम दे दिया था।
आरोप है कि महिला ने संतोष का कारोबार देखकर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अक्टूबर 2019 में उसने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद समझौता हुआ। समझौते की शर्त में अपनी बेटी को संतोष नाम देने की बात शामिल थी। अब वह आपत्तिजनक फोटो दिखाकर धमकी दे रही थी कि घर आकर बदनाम करेगी और कालोनी में बेइज्जत करेगी।
आरोपित महिला ने कितना पैसा वसूला?
शिकायत के मुताबिक, महिला अब तक संतोष तलरेजा से 80 लाख रुपये वसूल चुकी है। इसके बाद उसने एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की और धमकी देना जारी रखा। पुलिस का कहना है कि वह फोटो और पुराने मामले का हवाला देकर दबाव बना रही थी। एडिशनल डीसीपी दीशेष अग्रवाल ने पुष्टि की कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया।
सरोगेसी से जुड़े विवाद की क्या कहानी है?
दंपती ने बच्चों की चाहत में आरोपित महिला से संपर्क किया था। सरोगेसी प्रक्रिया के बाद दोनों बच्चे महिला के पास ही रहे। उन्होंने बच्चों के भविष्य के लिए फ्लैट और एफडी भी करवाई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि महिला ने अपनी बेटी का नाम संतोष रख दिया, जो समझौते का हिस्सा बताया गया। अब वही रिश्ता ब्लैकमेलिंग का आधार बन गया है।
2019 के दुष्कर्म मामले में क्या हुआ था?
अक्टूबर 2019 में आरोपित महिला ने संतोष तलरेजा के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते के तहत कुछ शर्तें तय हुईं, जिनमें नामकरण शामिल था। पुलिस अब पुराने मामले और मौजूदा धमकियों दोनों की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला बार-बार पुरानी बातों का हवाला देकर पैसे मांगती रही।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
कृतिका तलरेजा की शिकायत पर राजमहल कालोनी निवासी महिला के खिलाफ केस दर्ज हुआ। एडिशनल डीसीपी दीशेष अग्रवाल के नेतृत्व में जांच हुई और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के पास आपत्तिजनक फोटो, धमकी और पैसे की मांग से जुड़े सबूत हैं। आगे की जांच में यह देखा जाएगा कि सरोगेसी का समझौता कितना वैध था और ब्लैकमेलिंग के अन्य पहलू क्या हैं।
इस मामले से क्या सबक निकलता है?
सरोगेसी जैसे संवेदनशील मामलों में लिखित समझौता और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है। जब रिश्ते बिगड़ते हैं तो वे ब्लैकमेलिंग का रूप ले सकते हैं। इंदौर पुलिस की तेज कार्रवाई से शिकायतकर्ता को राहत मिली है, लेकिन ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जांच पूरी होने के बाद अदालत तय करेगी कि आरोप कितने पुख्ता हैं।
फिलहाल आरोपित हिरासत में है और पुलिस आगे की पूछताछ कर रही है। मामला इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारी परिवार और सरोगेट मदर के बीच लंबे विवाद को उजागर करता है।
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