Dhanbad News: झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिले के मुनीडीह स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की कोल वाशरी में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें चार लोडिंग मजदूरों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर कोल वाशरी के पास जमा कोयले के पाउडर यानी कोल स्लरी को ट्रकों में लादने का काम कर रहे थे। इसी दौरान स्लरी का एक विशाल ढेर अचानक भरभरा कर गिर पड़ा, जिसके नीचे कई मजदूर दब गए। इस घटना ने एक बार फिर खदान क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Dhanbad News: शाम ढलते ही मातम में बदली कोयला नगरी की चहल-पहल
धनबाद के मुनीडीह कोल वाशरी क्षेत्र में शनिवार की शाम अन्य दिनों की तरह सामान्य कामकाज चल रहा था। शाम करीब पांच बजे दर्जनों मजदूर ट्रकों में कोयले की स्लरी लोड करने में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां लगभग सात ट्रक खड़े थे और लोडिंग का काम तेजी से चल रहा था। अचानक स्लरी का एक ऊंचा टीला खिसक गया और वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्लरी का मलबा इतना भारी और गीला था कि उसमें दबे मजदूर खुद को बाहर नहीं निकाल सके। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरातफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद अन्य मजदूरों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सका।
Dhanbad News: रेस्क्यू ऑपरेशन और शवों की बरामदगी

हादसे की सूचना मिलते ही बीसीसीएल के अधिकारी और पुटकी थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। राहत कार्य के लिए बीसीसीएल पश्चिमी झरिया क्षेत्र के पेलोडर मशीनों को लगाया गया। भारी मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हुआ। लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से एक-एक कर चार शवों को बाहर निकाला गया। शाम करीब 6:38 बजे तक सभी चारों शवों को बरामद कर लिया गया था। पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि बचाव अभियान के दौरान चार मजदूरों के शव निकाले गए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति तो नहीं दबा है।
मृतकों की पहचान और परिजनों का बुरा हाल
हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूरों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में गोपीनाथडीह निवासी दिनेश बाउरी और मानिक बाउरी, रूदी कपूरिया निवासी हेमलाल गोप उर्फ मायरा और सम शिखरा निवासी दीपक बाउरी शामिल हैं। जैसे ही मौत की खबर उनके गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक मजदूरों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि ये सभी मजदूर अपने घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों और मृतकों के रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई।
ठेकेदारों की लापरवाही और मौके से पलायन
इस दुखद हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि कोल स्लरी की लोडिंग का काम निजी ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा था। जैसे ही हादसा हुआ और मजदूरों के दबने की खबर फैली, मौके पर मौजूद ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े सभी ठेकेदार और उनके मुंशी वहां से फरार हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोडिंग के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। असुरक्षित तरीके से स्लरी के ऊंचे टीलों से लोडिंग कराई जा रही थी, जो इस हादसे का मुख्य कारण बना। ठेकेदारों के भागने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मुआवजे और नियोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी
हादसे से नाराज परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि वे मृतकों के शवों को बीसीसीएल के एरिया जीएम कार्यालय के समक्ष रखकर प्रदर्शन करेंगे। उनकी मांग है कि मृतक आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को नियोजन (नौकरी) प्रदान की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
धनबाद जैसे कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लोडिंग का काम करने वाले अधिकांश मजदूर असंगठित क्षेत्र से आते हैं। ये दिहाड़ी मजदूर होते हैं जिन्हें न तो कोई बीमा सुरक्षा मिलती है और न ही काम के दौरान हेलमेट या जूते जैसे बुनियादी सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं। बीसीसीएल प्रबंधन और निजी ठेकेदारों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा अक्सर इन निर्दोष मजदूरों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है। कोल स्लरी के ऊंचे ढेर अक्सर बारिश या नमी के कारण अस्थिर हो जाते हैं, फिर भी वहां बिना किसी सुरक्षा दीवार या ढलान प्रबंधन के काम जारी रहता है।
Dhanbad News: प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई
पुटकी पुलिस और बीसीसीएल प्रबंधन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि लोडिंग के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही फरार ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, धनबाद में इस तरह के हादसे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन ठोस सुरक्षा नीति के अभाव में मजदूरों की जान जोखिम में बनी रहती है। फिलहाल, पूरा मुनीडीह क्षेत्र गमगीन है और हर किसी की जुबान पर बस उन चार परिवारों के उजड़ने की ही चर्चा है।
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