Top 5 This Week

Related Posts

Census 2027 India: जनगणना 2027 की शुरुआत, 33 सवालों से घर-घर होगी पड़ताल, डिजिटल प्रक्रिया से बदलेगा सर्वे का तरीका

Census 2027 India: देश में जनगणना 2027 की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड में सोमवार को जनगणना के पहले चरण के प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्लस टू हाई स्कूल बरही में आयोजित इस कार्यक्रम में एसडीओ जोहन टुडू और बीडीओ जयपाल महतो ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण की शुरुआत की। जनगणना के चार्ज पदाधिकारी सह बीडीओ जयपाल महतो ने बताया कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और सभी जानकारियां HLO ऐप के जरिए दर्ज की जाएंगी।

Census 2027 India: पहले चरण में होगी मकानों की गणना, 33 सवाल पूछे जाएंगे

जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और संपत्तियों की गणना होगी। इस चरण में हर मकान मालिक से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में मकान की प्रकृति, कमरों की संख्या, छत किस चीज की बनी है, घर में टेलीफोन है या नहीं, टीवी है या नहीं और घर में कौन से वाहन हैं जैसी जानकारियां शामिल हैं।

यह 33 सवाल सिर्फ मकान की जानकारी तक सीमित नहीं हैं बल्कि इनसे देश में हर परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति की एक साफ तस्वीर बनेगी। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आगे की नीतियां और योजनाएं तय करेगी। पहले चरण की जनगणना 16 मई 2027 से शुरू होगी और 14 जून 2027 तक पूरी की जाएगी। दूसरे चरण में लोगों की गणना की जाएगी।

बरही में 264 प्रगणक और 46 पर्यवेक्षक नियुक्त

Census 2027 India
Census 2027 India

बरही प्रखंड में पहले चरण की जनगणना के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रखंड में 275 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। इस काम के लिए 264 प्रगणक और 46 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इन सभी को सात बैचों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पहले, दूसरे और तीसरे बैच का प्रशिक्षण 29 अप्रैल तक चलेगा। चौथे और पांचवें बैच को 4 मई से 6 मई तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। छठे और सातवें बैच का प्रशिक्षण 7 मई से 9 मई तक होगा। इस व्यवस्थित तरीके से प्रशिक्षण पूरा करने की योजना बनाई गई है ताकि 16 मई से जमीनी स्तर पर काम शुरू हो सके।

इचाक प्रखंड में भी शुरू हुआ प्रशिक्षण, 100 से ज्यादा शिक्षक शामिल

हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड में भी जनगणना 2027 को लेकर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रखंड सभागार में प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार, सांख्यिकी पदाधिकारी माही लता और प्रशिक्षक राकेश रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस प्रशिक्षण में 100 से अधिक सरकारी शिक्षक और सहायक अध्यापक शामिल हुए। बीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में प्रगणकों को जनगणना के हर पहलू की बारीक जानकारी दी जाएगी ताकि जब वे ग्राम स्तर पर काम करें तो उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न आए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी इसलिए प्रशिक्षण में तकनीकी पहलुओं पर खास ध्यान दिया जाएगा।

Census 2027 India: प्रगणकों की मांग, मोबाइल या लैपटॉप दे सरकार

जनगणना को डिजिटल तरीके से करना इस बार की सबसे बड़ी खासियत है लेकिन इसी से एक चुनौती भी सामने आई है। इचाक प्रखंड के सहायक अध्यापकों ने बीडीओ संतोष कुमार को एक मांग पत्र सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने कहा है कि उन्हें जनगणना के इस जरूरी काम में लगाया गया है लेकिन डिजिटल जनगणना के लिए एंड्रॉइड स्मार्टफोन या लैपटॉप की जरूरत होगी।

सहायक अध्यापकों का कहना है कि वे पहले से कम मानदेय पर काम करते हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए शिक्षा का काम संभाल रहे हैं। ऐसे में जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय काम के लिए खुद के पैसे से एंड्रॉइड फोन या लैपटॉप खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। इसलिए सरकार को यह सुविधा उपलब्ध कराना चाहिए।

यह मांग वाजिब लगती है क्योंकि अगर डिजिटल जनगणना का लक्ष्य हासिल करना है तो जो लोग यह काम करेंगे उनके पास जरूरी उपकरण होने चाहिए। इस मांग पर प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना बाकी है।

क्यों जरूरी है जनगणना और इसका महत्व

जनगणना किसी भी देश की सबसे जरूरी और बुनियादी सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इससे मिले आंकड़ों के आधार पर सरकार यह तय करती है कि किस इलाके में कितने अस्पताल, स्कूल और सड़कें चाहिए। किस राज्य को कितना बजट मिलना चाहिए और विकास की योजनाएं कहां और कैसे लागू होनी चाहिए।

भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। उसके बाद 2021 में होने वाली जनगणना कोविड महामारी और कई अन्य कारणों से लगातार टलती रही। अब लगभग 16 साल बाद देश में जनगणना होने जा रही है। इस लंबे अंतराल में देश की जनसंख्या में बड़े बदलाव आए हैं। शहरीकरण बढ़ा है, जनसंख्या का वितरण बदला है और लोगों की आर्थिक स्थिति में भी बड़े उतार-चढ़ाव आए हैं। यह सब आंकड़े अब सामने आएंगे।

Census 2027 India: डिजिटल जनगणना, HLO ऐप से होगा सारा काम

2027 की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह डिजिटल होगी। इससे पहले की जनगणनाएं कागज पर की जाती थीं जिसमें गलती की संभावना ज्यादा होती थी और डेटा संकलन में काफी समय लगता था।

इस बार सभी जानकारियां HLO यानी हाउसहोल्ड लिस्टिंग ऑपरेशन ऐप के जरिए दर्ज की जाएंगी। इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी, गलतियों की संभावना कम होगी और जानकारी तुरंत केंद्रीय सर्वर पर अपलोड हो जाएगी। डिजिटल जनगणना से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

यह कदम देश के डिजिटलीकरण की दिशा में भी एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है जो यह दिखाता है कि शासन अब तकनीक के जरिए और बेहतर तरीके से काम करने की कोशिश कर रहा है।

आम नागरिकों की क्या है जिम्मेदारी

जनगणना की सफलता सिर्फ सरकार और प्रगणकों पर निर्भर नहीं है। इसमें आम नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही अहम है। जब कोई प्रगणक आपके दरवाजे पर आए तो उसका सहयोग करें और सही जानकारी दें।

जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है और इसका इस्तेमाल केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए होता है। गलत या अधूरी जानकारी देने से न सिर्फ राष्ट्रीय योजनाएं प्रभावित होती हैं बल्कि आपके अपने इलाके के विकास पर भी असर पड़ता है।

Read More Here:- 

Anupama 2000 Episodes: अनुपमा ने रचा इतिहास, अनुज की वापसी की अफवाहों से फैंस दो खेमों में बंटे

Bada Mangal 2026: इस बार ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग, 5 मई को है पहला बुढ़वा मंगल, जानें सभी तिथियों का महत्व

Health Warning Signs: सिर से पैर तक दिखने वाले संकेत न करें नजरअंदाज, हो सकती है गंभीर बीमारी

Ahmedabad-Mumbai Vande Bharat: कल से 20 कोच के साथ चलेगी वंदे भारत, यात्रियों को मिलेगी 278 ज्यादा सीटें!

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles