IIT Delhi Students: IIT दिल्ली में छात्रों की मानसिक सेहत के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, साइकोलॉजिस्ट की लगेगी ड्यूटी
By Netsha Singh | News Media Kiran
प्रकाशित: · 3 मिनट में पढ़ें
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2 घंटे पहले
IIT Delhi Students
IIT Delhi Students: आईआईटी दिल्ली ने छात्रों की मानसिक सेहत को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। संस्थान अतिरिक्त क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर नियुक्त करेगा।
जरूरत पड़ने पर विजिटिंग मनोचिकित्सकों की भी मदद ली जाएगी। ये फैसले अगस्त 2026 में एक छात्र की मौत के बाद गठित बाहरी जांच समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं।
अतिरिक्त काउंसलर और साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति क्यों?
संस्थान कैंपस में काउंसलिंग की सुविधा बढ़ाने जा रहा है। अतिरिक्त क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे। जरूरत के अनुसार विजिटिंग मनोचिकित्सकों की सेवा भी ली जाएगी। इसका मकसद छात्रों को समय पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मदद उपलब्ध कराना है। समिति की सिफारिशों के बाद संस्थान ने वेलफेयर और मेंटल हेल्थ व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया है।
छात्रों की शिकायतों के लिए स्वतंत्र अधिकारी होंगे
आईआईटी दिल्ली छात्रों की समस्याओं और शिकायतों को बेहतर तरीके से सुनने के लिए एक स्वतंत्र स्टूडेंट ग्रिवांस ओम्बड्सपर्सन नियुक्त करेगा। इससे छात्रों को अपनी समस्याएं रखने और समाधान पाने के लिए एक अलग व्यवस्था मिलेगी। लंबे समय तक छुट्टी पर रहने के बाद पढ़ाई शुरू करने वाले छात्रों के लिए भी खास इंतजाम होंगे। उन्हें विशेष काउंसलिंग, पढ़ाई का मार्गदर्शन और कैंपस में दोबारा घुलने-मिलने के लिए बडी नेटवर्क का सहारा दिया जाएगा।
फैकल्टी और स्टाफ के लिए अनिवार्य वर्कशॉप
संस्थान में शिक्षकों, प्रशासनिक कर्मचारियों और हॉस्टल स्टाफ के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इनमें सहानुभूति, बेहतर व्यवहार और संवाद कौशल पर जोर दिया जाएगा। ये वर्कशॉप अनिवार्य होंगी। इसके साथ ही कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य और नशे से जुड़े कानूनों को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। स्टाफ को संवेदनशील बनाने से छात्रों को बेहतर माहौल मिल सकेगा।
बाहरी समिति करेगी व्यवस्था की समीक्षा
आईआईटी दिल्ली अपनी मौजूदा मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम और वेलनेस पॉलिसी की समीक्षा के लिए एक अलग बाहरी समिति बनाएगा। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के दो सीनियर एक्सपर्ट, एक वेलफेयर प्रोफेशनल और दो छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति मौजूदा सुविधाओं, आपातकालीन मदद, विशेषज्ञों तक पहुंच और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करेगी। इसके बाद सुधार के सुझाव देगी।
सुधार योजना कैसे तैयार हुई?
बाहरी जांच समिति की सिफारिशों पर विचार के लिए एक आंतरिक समिति बनाई गई थी। इस समिति ने सुधारों को लागू करने की कार्ययोजना तैयार की। 31 अक्टूबर को यह योजना छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ साझा की गई। 3 नवंबर को स्टूडेंट अफेयर्स काउंसिल की बैठक में चर्चा हुई और छात्रों के सुझाव भी शामिल किए गए। संस्थान का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य कैंपस को छात्रों के लिए अधिक सहयोगी, संवेदनशील और सुरक्षित बनाना है।
आईआईटी दिल्ली छात्रों की मानसिक सेहत के लिए काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ा रहा है। स्वतंत्र शिकायत अधिकारी, स्टाफ वर्कशॉप और नीति समीक्षा जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। समिति की सिफारिशों पर आधारित ये बदलाव कैंपस माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। छात्रों को समय पर मदद मिलने से सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।