Delhi NCR Green Crackers: दिल्ली-NCR में दिवाली पर ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली के लिए दो दिन ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं। पटाखे जलाने का समय भी सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है। इसके बाद 9 तारीख से पटाखों पर फिर से प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
Delhi NCR Green Crackers: दिल्ली-NCR में दिवाली पर ग्रीन पटाखों को मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने तय किया समय, जानें नियम

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और दो दिन की इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली के मौके पर सिर्फ 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि 9 नवंबर से ग्रीन पटाखों पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। अदालत ने अपने आदेश में अधिकारियों से कहा है कि आदेश का पालन करवाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं।
यह इजाजत प्रदूषण को नियंत्रित रखते हुए त्योहार मनाने के लिए दी गई है। कोर्ट ने जागरूकता फैलाने के लिए बैनर लगाने का भी निर्देश दिया है। इनमें यह भी बताया जाए कि तय समय के बाद पटाखे जलाने वालों के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम दिवाली पर परंपरा और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है।
पटाखे जलाने का तय समय
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ग्रीन पटाखे जलाने का समय भी तय किया है। इसके मुताबिक 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे जला सकते हैं। इन दो घंटों के अलावा किसी और समय पर पटाखे जलाने की इजाजत नहीं होगी।
सुबह और रात का यह समय तय करने से दिन भर प्रदूषण का स्तर नियंत्रित रहने की कोशिश है। अदालत ने साफ किया है कि केवल इन्हीं दो दिन और तय समय में ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं। समय सीमा का उल्लंघन करने पर कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों को इस बात का पालन करवाने के लिए कदम उठाने को कहा गया है।
साइलेंस जोन और नो-क्रैकर जोन
कोर्ट ने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, वृद्धाश्रम जैसे साइलेंस जोन भी बनाए हैं। इनके 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने की इजाजत नहीं होगी। इन क्षेत्रों को ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित किया गया है। कोर्ट ने अधिकारियों को ‘नो-क्रैकर जोन’ की पहचान के लिए जमीन पर निशान लगाने और सार्वजनिक रूप से जानकारी प्रकाशित करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि उन लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए जो बीमार हैं। अस्पताल और वृद्धाश्रम के आसपास पटाखे न जलाने से मरीजों और बुजुर्गों को राहत मिलेगी। ये जोन प्रदूषण और शोर से संवेदनशील जगहों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं। अधिकारियों को इन जोन की पहचान और निशान लगाने का काम करना होगा।
बिक्री के नियम और जगहों की पहचान
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली के दौरान ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर कई अहम निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने NCR के सभी जिला कलेक्टरों और जिला कमिश्नरों को निर्देश दिया है कि वे ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए जगहों की पहचान करें। इन जगहों का चुनाव संबंधित जिलों के एसपी के साथ सलाह-मशविरा करके किया जाएगा।
कोर्ट ने साफ किया है कि तय जगहों के अलावा और किसी जगह पर ग्रीन पटाखों की बिक्री नहीं होगी। पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक रहेगी। अदालत ने यह भी कहा कि अवैध और पारंपरिक पटाखों की बिक्री न हो, इसके लिए गाड़ियों की जांच भी की जाए। केवल अधिकृत जगहों पर बिक्री से अवैध पटाखों पर नियंत्रण रखने की कोशिश है।
जागरूकता और पालन के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि निर्धारित बिक्री केंद्रों और दुकानों पर जागरूकता संबंधी बैनर लगाए जाएं। इन बैनरों में बताया जाएगा कि CSIR-NEERI से अनुमोदित ग्रीन पटाखों की पहचान कैसे की जा सकती है। दुकानदारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ग्रीन पटाखे उचित रूप से सीलबंद डिब्बों में ही बेचे जाएं।
अधिकारियों को आदेश का पालन करवाने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। जागरूकता बैनरों में समय सीमा और उल्लंघन पर कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए। इससे लोगों को सही जानकारी मिलेगी और वे नियमों का पालन कर सकेंगे। ग्रीन पटाखों की पहचान और सीलबंद बिक्री से असली ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल सुनिश्चित होगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से दिल्ली-NCR में दिवाली पर सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत मिल गई है। 7 और 8 नवंबर को तय समय में ही पटाखे जलाए जा सकते हैं। साइलेंस जोन, बिक्री के नियम और जागरूकता के निर्देश प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिए गए हैं। अधिकारियों को इनका सख्त पालन करवाना होगा।
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Sanjana Gupta
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