Adityapur: स्वदेशी जागरण मंच, सरायकेला-खरसावां जिला की ओर से स्वदेशी सप्ताह के अंतर्गत रविवार को आशियाना होम सोसाइटी, आशियाना आदित्यपुर में “वर्तमान समय में स्वदेशी का महत्व” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक अजित कुमार सिंह ने की। संगोष्ठी में स्वदेशी, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और संगठन के उद्देश्यों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन जमशेदपुर महानगर विचार विभाग की सह प्रमुख रणजीत कौर ने किया। मुख्य अतिथि एवं प्रांत पर्यावरण प्रमुख डॉ. अनिल राय ने कहा कि वर्तमान समय में स्वदेशी की अवधारणा केवल स्थानीय उत्पाद खरीदने तक सीमित नहीं है। यह आर्थिक आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन और देश की उत्पादन क्षमता को मजबूत करने से भी जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता स्थानीय और देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देता है, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय उत्पादकों, कारीगरों, छोटे कारोबारियों और श्रमिकों तक पहुंचता है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में आम लोगों की भूमिका पर भी जोर दिया।

संगठन की भूमिका पर भी हुई चर्चा
विशिष्ट अतिथि एवं विभाग संयोजक राजकुमार शाह ने स्वदेशी जागरण मंच की संगठनात्मक भूमिका और कार्यपद्धति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मंच आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर जनजागरण के माध्यम से लोगों को स्वदेशी के प्रति जागरूक करने का कार्य करता है।
उन्होंने संगठन की विभिन्न गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि स्वदेशी के विचार को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के लिए निरंतर जनसंपर्क और जागरूकता जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों के बीच स्वदेशी और विदेशी वस्तुओं की सूची वाले पत्रक भी वितरित किए गए। इसके माध्यम से लोगों को विभिन्न उत्पादों के बारे में जानकारी देने और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया गया।
संगोष्ठी में पत्रिका प्रमुख हरिशंकर, महिला प्रमुख कल्पना कुमारी, अनिल कुमार चौधरी, महेंद्र मुनका, संजीव कुमार, प्रियांशु पांडे, रूपा मुनका, लक्ष्मी कुमारी, दीक्षा सिंह, सुमित कुमार सिंह और रेनू गुप्ता सहित स्वदेशी जागरण मंच के अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।

