ARNAB: बंगाल की खाड़ी का मौसम सिस्टम अब डीप डिप्रेशन बन चुका है और ओडिशा आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को दोनों राज्यों में भारी बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हवा और तेज हुई तो यह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। उत्तरी हिंद महासागर के अगले चक्रवात का निर्धारित नाम अर्नब है।
बुधवार सुबह के अपडेट में सिस्टम पश्चिम मध्य और जुड़े उत्तर पश्चिम खाड़ी में था। पिछले छह घंटे में वह 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम गया। यह अभी चक्रवात नहीं है। निर्धारित हवा गति पार करने पर ही चक्रवात कहलाएगा।
आईएमडी के अनुसार सिस्टम इस समय कहां है?
सुबह 5:30 बजे केंद्र कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर पूर्व दक्षिण पूर्व था। गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण विशाखापत्तनम से 150 किलोमीटर पूर्व उत्तर पूर्व और पुरी से 230 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पश्चिम दूरी बताई गई।
पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने की बहुत अधिक संभावना है। बुधवार 23 सितंबर की रात तक यह विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास से उत्तर आंध्र दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार कर सकता है। तट पार करने का अनुमान डीप डिप्रेशन स्तर का है चक्रवात में बदलना हवा की रफ्तार पर निर्भर है।
मंगलवार की बारिश पहले ही तटवर्ती इलाकों को प्रभावित कर चुकी है। आगे की गति और तीव्रता की निगरानी जारी रहेगी।
डिप्रेशन डीप डिप्रेशन और चक्रवात में क्या फर्क है?
मौसम विभाग समुद्र के ऊपर लगातार अधिकतम हवा गति से सिस्टम बांटता है। 17 से 27 नॉट यानी 31 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे पर डिप्रेशन कहलाता है। 28 से 33 नॉट यानी 52 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे पर डीप डिप्रेशन होता है। 34 नॉट यानी 63 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे तेज होने पर चक्रवाती तूफान माना जाता है।
हर कम दबाव चक्रवात नहीं बनता। सीमा पार करनी पड़ती है। अभी सिस्टम डीप डिप्रेशन की श्रेणी में है। नाम अर्नब तभी औपचारिक चक्रवात नाम होगा जब तीव्रता उस स्तर तक पहुंचे। सूची के अनुसार अगला नाम यही रखा गया है।
ओडिशा में क्या तैयारी और बंद हैं?
ओडिशा सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। कई हिस्सों में पहले से भारी बारिश है। बुधवार रात टकराने की आशंका पर सरकार ने रणनीतिक जगहों पर कर्मचारी और मशीनरी तैनात की। 11 जिलों के कलेक्टर वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। जरूरत पर लोगों को रखने के लिए चक्रवात और बाढ़ राहत केंद्र तैयार रखने को कहा गया।
जरूरी सामान और उपकरण का भंडार है। स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर हैं। आपदा टीमें हाई अलर्ट पर हैं। नदियों जलाशयों और बांधों के जलस्तर की निगरानी हो रही है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से नदियां बढ़ सकती हैं और निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है खासकर जहां पहले से बारिश जारी है।
खुर्दा में मंगलवार से गुरुवार तक सभी स्कूल बंद हैं। गंजाम में सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल मंगलवार से गुरुवार बंद रहेंगे। जगतसिंहपुर में मंगलवार को स्कूल और आंगनवाड़ी बंद रहे। गजपति में मंगलवार से गुरुवार तक स्कूल और आंगनवाड़ी सरकारी व निजी दोनों बंद रहेंगे।
गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाला कलिंगा घाट समेत कुछ सड़कों पर वाहन प्रतिबंधित हैं। चिल्का झील में सतपाड़ा और जाह्नीकुड़ा के बीच फेरी 25 सितंबर तक चार दिन बंद रहेगी। गजपति गंजाम और कुछ अन्य जिलों में पेड़ गिरने व सड़क बंद होने की खबरें आई हैं।
आंध्र प्रदेश में सरकार ने क्या निर्देश दिए?
तटीय आंध्र पर भी असर संभव है। गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वंगालापुडी अनिता ने 24 घंटे कंट्रोल रूम चालू रखने और मौसम की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। लोगों से तेज हवा में पेड़ों बड़े होर्डिंग और जर्जर इमारतों से दूर रहने को कहा गया।
विशाखापत्तनम कलिंगपट्टनम क्षेत्र तट पार के अनुमान का केंद्र है। राज्य ने संभावित तीव्र प्रभाव के लिए तैयारियां तेज की हैं। स्थानीय अलर्ट आधिकारिक प्रसारण से देखें क्योंकि स्थिति घंटों में बदल सकती है।
दोनों राज्यों में मंगलवार की बारिश पहले संकेत दे चुकी है। राहत केंद्र सड़क बंद फेरी स्थगन और स्कूल छुट्टी भीड़ व जोखिम घटाने के कदम हैं। बांध और नदी निगरानी बाढ़ के खतरे से जुड़ी है।
अभी सिस्टम डीप डिप्रेशन है। रात तक तट पार करने का आईएमडी अनुमान उसी तीव्रता का है। चक्रवात अर्नब तभी बनेगा जब हवा 63 किलोमीटर प्रति घंटे या अधिक स्थिर रहे। अद्यतन बुलेटिन देखते रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देश मानें।
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