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BBA के बाद BDE जॉब, फ्रेशर्स को क्यों मिलती है प्राथमिकता, सैलरी और ग्रोथ क्या है?

BBA Career Option: बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी बीबीए के बाद कई छात्र यह तय नहीं कर पाते कि पहला करियर विकल्प क्या रखें। इन्हीं रास्तों में बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव यानी बीडीई की नौकरी आती है। जिनकी रुचि लोगों से बात करने, सेल्स, मार्केटिंग और बिजनेस बढ़ाने में है, वे इस प्रोफाइल से शुरुआत कर सकते हैं। कई कंपनियां एंट्री लेवल पर बीबीए डिग्री रखने वालों को प्राथमिकता देती हैं। योग्यता और अनुभव की शर्त कंपनी के हिसाब से बदलती है। यह सरकारी पद नहीं, मुख्य रूप से प्राइवेट सेक्टर की भूमिका है।

Business Development Executive क्या काम करता है?

बीडीई कंपनी के मैनेजमेंट या सेल्स सेक्शन में काम करता है। बुनियादी काम नए क्लाइंट और ग्राहक ढूंढना है। नए बिजनेस मौके तलाशना, प्रोडक्ट और सर्विस के बारे में ग्राहक को बताना और डील आगे बढ़ाना इसी भूमिका में आता है। पुराने क्लाइंट के साथ संबंध बनाए रखना भी काम का हिस्सा है। लक्ष्य अक्सर मासिक या तिमाही सेल्स टारगेट से जुड़ा होता है। फील्ड विजिट, कॉल और मीटिंग तीनों इस प्रोफाइल में आम हैं।

BBA के बाद इस जॉब में एंट्री क्यों आसान मानी जाती है?

बीबीए में बिजनेस, मार्केटिंग, सेल्स और फाइनेंस की बुनियादी जानकारी मिलती है। इसी आधार पर छात्र एंट्री लेवल बीडीई के लिए आवेदन कर सकते हैं। फ्रेशर्स के लिए भी यह विकल्प खुला रहता है, क्योंकि भूमिका ट्रेनिंग के साथ शुरू होती है। अलग-अलग कंपनियों में डिग्री, इंटर्नशिप और अनुभव की मांग अलग हो सकती है। कुछ जगहों पर किसी भी ग्रेजुएट को मौका मिलता है, पर बिजनेस कोर्स वाले रिज्यूमे को शॉर्टलिस्ट में थोड़ी बढ़त मिल सकती है।

पहलू बीडीई में क्या दिखता है
योग्यता बीबीए को प्राथमिकता, फ्रेशर्स भी आवेदन कर सकते हैं
शुरुआती पैकेज करीब 3 से 4.5 लाख रुपये सालाना, कंपनी और शहर पर निर्भर
कमाई का ढांचा फिक्स्ड सैलरी के साथ परफॉर्मेंस इंसेंटिव
अगला रोल बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर, सेल्स मैनेजर
जरूरी स्किल संवाद, सेल्स, नेगोशिएशन, प्रेजेंटेशन, बेसिक एक्सेल, सीआरएम

इस भूमिका के लिए कौन-सी स्किल्स जरूरी हैं?

संवाद साफ होना चाहिए, क्योंकि काम ग्राहक को समझाने पर टिका है। सेल्स और नेगोशिएशन से डील बंद होती है। ग्राहक हैंडलिंग और प्रेजेंटेशन स्किल मीटिंग में काम आती है। बेसिक एक्सेल से रिपोर्ट और टारगेट ट्रैक होते हैं। सीआरएम सॉफ्टवेयर की जानकारी कई कंपनियां पूछती हैं, क्योंकि लीड और फॉलो-अप उसी में दर्ज होते हैं। लोगों से संबंध बनाने की आदत इस प्रोफाइल की बुनियाद है। ये स्किल्स डिग्री के साथ इंटर्नशिप या छोटे प्रोजेक्ट से भी दिखाई जा सकती हैं।

सैलरी कितनी मिलती है और आगे ग्रोथ क्या है?

सैलरी कंपनी, शहर, इंडस्ट्री, अनुभव और स्किल पर निर्भर करती है। शुरुआत में 3 से 4.5 लाख रुपये तक का पैकेज मिल सकता है। कई कंपनियां फिक्स्ड सैलरी के साथ परफॉर्मेंस इंसेंटिव देती हैं। टारगेट पूरा होने पर कमाई फिक्स्ड पैकेज से ऊपर जा सकती है। अनुभव के बाद बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर बनने का रास्ता है। सेल्स मैनेजर और अन्य मैनेजर रोल में भी आगे बढ़ा जा सकता है। इंसेंटिव वाला ढांचा अच्छा प्रदर्शन करने वाले फ्रेशर के लिए मौका भी है और दबाव भी।

क्या हर BBA ग्रेजुएट के लिए BDE सही है?

यह भूमिका उन्हीं के लिए मेल खाती है, जो फील्ड, कॉल और टारगेट के साथ काम कर सकें। केवल ऑफिस में स्थिर काम चाहने वालों को सेल्स प्रेशर भारी पड़ सकता है। रिज्यूमे में इंटर्नशिप, कॉलेज प्रोजेक्ट और संवाद का उदाहरण रखना शॉर्टलिस्ट में मदद करता है। पैकेज का आंकड़ा अनुमान है। ऑफर लेटर में फिक्स्ड और इंसेंटिव अलग लिखे होते हैं, इसलिए जॉइन करने से पहले दोनों हिस्से पढ़ लें।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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