रूस से तेल खरीद पर ट्रंप की नाराज़गी, लेकिन भारत अडिग – साल के अंत में पुतिन कर सकते हैं भारत दौरा

रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने लगा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस से तेल खरीदना बंद किया जाना चाहिए। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा।
ट्रंप की चेतावनी के बीच पुतिन का भारत दौरा
भारत की इस स्पष्ट नीति के बीच एक बड़ी राजनयिक हलचल सामने आई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को जानकारी दी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
साल के अंत में हो सकती है यात्रा
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा वर्ष 2025 के अंत तक होने की संभावना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते कुछ मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण हैं। विशेषकर रूस से तेल और अन्य रणनीतिक व्यापारों को लेकर अमेरिका असहज नजर आ रहा है।
भारत ने दोहराया “राष्ट्रीय हित सर्वोपरि”
भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि उसकी ऊर्जा जरूरतें और रणनीतिक हित प्राथमिकता में हैं। रूस से सस्ता तेल खरीद भारत की अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक साबित हो रहा है, खासकर वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता के दौर में। ऐसे में अमेरिका या किसी अन्य देश का दबाव भारत की नीति को प्रभावित नहीं कर सकता।
राजनयिक समीकरणों में बदलाव की तैयारी
पुतिन की प्रस्तावित यात्रा को भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी सहयोग के कई अहम समझौतों पर बातचीत हो सकती है। यह दौरा सिर्फ राजनयिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में भी एक अहम संकेत माना जा रहा है।
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