Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का प्रचार अभियान अपने चरम पर है और नेता वोटरों को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस सियासी गहमागहमी के बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बेगूसराय में कुछ ऐसा किया जिसने सबको ‘चौंकाने’ पर मजबूर कर दिया। चुनावी व्यस्तता और भीषण गर्मी से परेशान होकर राहुल गांधी अचानक एक तालाब में कूद गए। उनका यह ‘अद्भुत’ अंदाज अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
Bihar Election 2025: क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के लिए बिहार के बेगूसराय पहुंचे थे। यहां उनका एक व्यस्त कार्यक्रम और रोड शो था। बिहार में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान लगातार बढ़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अपने कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी को जब तेज गर्मी लगी, तो उन्होंने काफिला रुकवाया। पास में ही एक तालाब था जिसमें कुछ स्थानीय बच्चे और लोग नहा रहे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए, राहुल गांधी ने अचानक फैसला किया और सुरक्षा घेरे की परवाह किए बिना सीधे तालाब में छलांग लगा दी।
जब सब रह गए ‘हैरान’
राहुल गांधी का यह कदम इतना अप्रत्याशित था कि एक पल के लिए स्थानीय लोग, कांग्रेस कार्यकर्ता और यहां तक कि उनके सुरक्षाकर्मी भी ‘हैरान’ रह गए। किसी को उम्मीद नहीं थी कि एक राष्ट्रीय स्तर का नेता इस तरह अचानक तालाब में कूद जाएगा।
तालाब में कूदने के बाद राहुल गांधी ने कुछ देर तक तैराकी की और गर्मी से राहत पाई। वहां मौजूद स्थानीय लोग और बच्चे भी उनके साथ तैरने लगे। यह नजारा किसी राजनीतिक रैली से ज्यादा एक आम दिनचर्या जैसा लग रहा था। कुछ देर तालाब में रहने के बाद राहुल गांधी बाहर निकले और अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
‘सादगी’ या ‘पब्लिसिटी स्टंट’ पर बंटी राय
जैसे ही राहुल गांधी के तालाब में कूदने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं, यह तुरंत ‘वायरल’ हो गया। इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेजी से आने लगी हैं।
कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के समर्थक इसे राहुल गांधी की ‘सादगी’ और ‘जमीनी जुड़ाव’ बता रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी एक आम इंसान की तरह ही गर्मी लगने पर तालाब में नहाए, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह उनकी सहजता को दर्शाता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह दिखाता है कि उनके नेता आम जनता के कितने करीब हैं।
वहीं दूसरी ओर, एनडीए और बीजेपी के नेता इसे ‘पब्लिसिटी स्टंट’ और ‘फोटो-ऑप’ करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी चुनाव के समय ध्यान खींचने के लिए इस तरह की ‘नौटंकी’ कर रहे हैं। बीजेपी नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार के मुद्दों पर बोलने की बजाय राहुल गांधी तालाब में कूदकर केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।
चुनाव के बीच ‘अद्भुत’ सियासी रंग
बिहार का चुनाव हमेशा से ही देश की राजनीति में एक अलग स्थान रखता है। यहां नेता अपने भाषणों और वादों से जनता को प्रभावित करते हैं। लेकिन इस बार राहुल गांधी ने अपने इस ‘चौंकाने वाले’ कदम से चुनाव प्रचार में एक अलग ही रंग घोल दिया है।
भले ही इसे ‘सादगी’ कहा जाए या ‘पब्लिसिटी स्टंट’, लेकिन यह सच है कि बेगूसराय के उस तालाब की चर्चा अब पटना से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हो रही है। इस एक छलांग ने राहुल गांधी को उन लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया है, जो शायद उनकी चुनावी सभा को सुनने भी नहीं जाते। बहरहाल, चुनाव के नतीजे जो भी हों, लेकिन राहुल गांधी का यह ‘अद्भुत’ अंदाज इस चुनाव में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।



